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हिसार जिले के गुराना गांव के पास शुक्रवार सुबह सिंघवा राघो माइनर अचानक टूट गई। माइनर टूटने के साथ ही गुराना के खेतों में खड़ा पानी गांव खानपुर-सिंधड़ की तरफ तेजी से बहने लगा। देखते ही देखते खेतों में करीब दो दे तीन फुट तक पानी भर गया और यह पानी खानपुर व सिंधड़ गांव की तरफ रुख कर गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम ने दोनों गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। खानपुर-सिंधड़ ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो दोनों गांवों की ढाणियां और रिहायशी इलाका पूरी तरह जलमग्न हो जाएंगे। पानी की बढ़ती धार देखकर लोग अपनी-अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए हैं। गांवों के कई परिवार पहले ही सतर्क हो चुके हैं और उन्होंने अपने पशुओं व जरूरी सामान को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। खानपुर और सिंधड़ के ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह माइनर गुराना गांव के लोगों ने जानबूझकर तोड़ी है, ताकि गुराना के खेतों में भरे पानी का दबाव कम किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनका नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। उनका आरोप है कि प्रशासन को इस पूरे मामले की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। मशीनरी लगाकर टूटे हिस्से को ठीक किया जा रहा
घटना की सूचना मिलते ही नारनौंद थाना प्रभारी बलवान सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने अब तक माइनर को पाटने या पानी रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि समय रहते हालात पर काबू नहीं पाया गया तो गांव पूरी तरह से जलमग्न हो जाएंगे और फसलों व मकानों का भारी नुकसान होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू किए जाएं और मशीनरी लगाकर टूटे हिस्से को पाटा जाए, ताकि दोनों गांवों को डूबने से बचाया जा सके। लोगों का कहना है कि हालात पर काबू पाने के लिए जिला स्तर पर तुरंत कार्रवाई जरूरी है।


