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सिरसा जिले के झोड़नाली गांव में घग्घर नदी के पुल का हिस्सा ही नहीं गिरा, वो करीब 20 गांवों के लोगों की कनेक्टिविटी को भी खत्म कर गया। शुक्रवार रात से ही यह रास्ता बंद है। यह इकलौता रास्ता था, जो झोड़नाली सहित 20 गांवों को सिरसा से जोड़ता था। इस पुल का हिस्सा गिरने या कमजोर होने का दुख पूरे ग्रामीणों में हैं। इस बारे में पूर्व सरपंच हरनाम सिंह से बात की तो उनकी आंखे भर आई। पूर्व सरपंच हरनाम सिंह बोले कि ये पुल हमने 10-10 पैसे भी इकट्ठे करके बनाया था। सभी ग्रामीणों से मदद के लिए पैसे लिए गए और बच्चों तक ने ईंटें ढोही गई। इस पुल पर करीब 40 लाख रुपए तक पैसा लगा था। साल 2000 में यह पुल बनाया था। किसी सरकार ने सहायता नहीं की थी। जो भी अब नुकसान हुआ है, इसकी भरपाई गांववासियों को दुख है। हमारी सरकार से मांग है कि घग्घर का पानी उतरते ही यह पुल हमें बनाकर दे दे। इस पुल से होकर जाने पर सिरसा 8 किलोमीटर पड़ता है। मगर खैरेकां या ओटू होकर जाने पर करीब 25 से 30 किलाेमीटर दूरी पड़ती है। सभी ग्रामीणों का सहयोग था। मंडी एवं अन्य गांवों से चंदा जुटाया गया था। ये जो सड़क थी, वो भी कट गई है। इस सड़क के लिए 9 करोड़ रुपए पूर्व सीएम मनोहर लाल ने स्वीकृत किए थे। तब से यह सड़क नहीं बनी। गांव में ही श्मशान घाट के पास से ही लोकल बांध पेड़ गिरने से टूट गया। जिसके बाद लगातार गांव में पानी बढ़ रहा है। वहीं, सरपंचों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। 1988 के बाद ऐसे हालात गांव में बने वार्ड नंबर पांच से ब्लॉक समिति मेंबर दर्शन चंद ने बताया कि ये घग्घर नदी का पानी आ रहा है, वो अधिक स्पीड से आ रहा है। पूरे गांव के लोग यहां जुटे हैं। सन 1988 में ही ऐसे हालात बने थे। उसी समय घग्घर टूटी थी। इससे बणी और रानियां तक पानी पहुंच गया था। यह रास्ता धौतड़, खारिया, बिजुआना को लगता है और आगे पंजाब को निकल जाता है। पुल क्षतिग्रस्त से यहां के लोग परेशान हो गए है। इस पुल को ग्रामीणों ने बनाया था : संदीप झोड़नाली से संदीप कुमार ने बताया कि इस पुल को ग्रामीणों ने खुद बनाया था। यह पुल भी टूटता नजर आ रहा है। सिरसा से हमें यहीं पुल जोड़ता है। बच्चे स्कूल जाते हैं, वो भी स्कूल वैन बंद हो जाएगी। इसके बिना और रास्ता ओटू या खैरेकां से जाना पड़ेगा। प्रशासन का इसमें कोई योगदान नहीं है। सबसे पहले दैनिक भास्कर एप संवाददाता गांव के इस एरिया में पहुंचे। उस समय भी घग्घर का पानी वहां लगातार आ रहा था और लेवल बढ़ रहा था। कुछ देर बाद ही पुल का हिस्सा टूट गया, जिसके बाद रास्ता बिलकुल बंद हो गया। प्रशासन के सभी ने जाने पर रोक लगा दी। फसलें पांच से छह फुट तक पानी में डूब गई। अब गांव वालों को ओटू या खैरेकां से होकर आना-जाना पड़ेगा। इससे सिरसा की दूरी भी दोगूनी हो गई है। लगता नहीं कि पानी कम जो जाएगा : रामचंद्र किसान रामचंद्र ने बताया कि घग्घर में शमशान घाट के पास पेड़ गिर गया, जिससे रात को लगातार रिसाव हो रहा है। अब पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसा नहीं लगता कि यह कम होएगा। अभी और खतरा है। फसलें तो डूब गई। अब गांव के डूबने की स्थिति बन गई है। गांव में सिर्फ एक ही बांध बचा है, उसी पर फिरनी या रास्ता बना हुआ है। यिरसा में घग्घर रिसाव होने पर पुल का हिस्सा खिसका विबंध विभायक गोकुल सेतया बोले। झोड़नाली गांव में शुक्रवार रात काे घग्घर नदी में रिसाव के बाद ग्रामीणों की मदद के लिए भारी भीड़ जुटी और हर कोई मदद के लिए दौड़ा। शाम 7 बजे तक सिरसा रोड के साथ लगते खेतों में पांच से छह फुट तक पानी जमा हो गया था। उस समय भी घग्घर से जो रिसाव हुआ था, वो सही नहीं हुआ था। पानी लगातार बढ़ रहा था। उस समय रास्ता भी प्रशासन ने बंद कर दिया था। कुछ देर बाद गांव से सिरसा की ओर जाने वाले रास्ते पर जो पुल बना था, वो भी खिसक गया। उसका कुछ हिस्सा पानी में गिर गया। इसके बाद आगे जाने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई। पेट्रोल पंप भी दूर, लोग परेशान इस गांव से पेट्रोल पंप भी दूर है। इसलिए वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। गांव में सिरसा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। इस कारण दूसरे गांवों में पेट्रोल पंप करीब 15 से 20 किलोमीटर दूर था। जिस कारण उनके आपस की दूरी खत्म हो गई। ऐसे में लोगों को पेट्रोल भी अधिक दाम पर गांव से डलवाना पड़ता है।


