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हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सरकार द्वारा मैराथन करने और नशा से होने वाली मौत के सवाल पर मीडिया को दिए बयान में कहा कि ये एक ऐसा टॉपिक है। मैराथन करे नहीं रूकेगा, योजना बनाने से ही रूकेगा। अगर सोसायटी एक होकर इसके खिलाफ लड़ना शुरू कर दे तो तभी जाकर इस नशे की व्यवस्था को रोक पाएंगे। और सरकार विफल रही है कि सोशल इंस्टीटयूशन को शामिल नहीं कर पाई। अगर सरकार इंस्टीटयूशन को लेकर चले। खास तौर पर जितने प्राइवेट स्कूल आज हमारे यहां आ चुके हैं, उनमें बच्चों के अंदर जागरूकता नहीं फैलाएगी। आगे चलकर ये चीज बद से बदहाल होगी। यह बयान उन्होंने सिरसा में मंगलवार को बरनाला रोड स्थित वन लाइफ फिटनेस क्लब में दिया। दुष्यंत चौटाला बोले कि पंजाब स्टेट हरियाणा से आर्थिक स्थिति में काफी कमजोर है। इसके बावजूद पंजाब सरकार किसानों को 20 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है। मगर हरियाणा सरकार किसनों को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ दे रही है। कम से कम पंजाब सरकार से ज्यादा मुआवजा देना चाहिए। दुष्यंत बोले कि अब तक हरियाणा सीएम ने बाढ़ ग्रस्त प्रभावित ही घोषित नहीं किया और न ही केंद्र से बाढ़ ग्रस्त का रिलीफ फंड मांगा है। प्रधानमंत्री दो बार हरियाणा के ऊपर से चले गए, पर कोई फंड नहीं दिया।


