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सोनीपत की सियासत में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है। यहां बरौदा विधानसभा हलके के नेता भूपेंद्र सिंह मलिक ने अपने समर्थकों के साथ सोमवार को इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) में वापसी कर ली। इससे पहले वह कांग्रेस, जजपा और भाजपा में रह चुके। इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने मलिक के आने से इलाके में अपनी पार्टी के मजबूत होने का दावा किया। इनेलो ज्वाइन करते ही भूपेंद्र मलिक ने भाजपा और कांग्रेस, दोनों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा “सांपनाथ और नागनाथ” की जोड़ी है जो जनता को गुमराह कर रही हैं। कांग्रेस ने विपक्ष की भूमिका पूरी तरह खो दी है और BJP से साठगांठ कर ली है। दुष्यंत चौटाला की पार्टी, जजपा के बारे में भूपेंद्र मलिक ने कहा कि उन्होंने अपनी नीतियों के चलते खुद का खात्मा कर लिया। अभय सिंह चौटाला पर जताया भरोसा भूपेंद्र मलिक ने इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला को हरियाणा की राजनीति का असली संघर्षशील नेता बताया। उन्होंने कहा कि अभय चौटाला ही वह नेता हैं जो बिना भेदभाव किए चौधरी देवीलाल की विचारधारा पर चलते हुए 36 बिरादरी को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
मलिक ने दावा किया कि अब केवल “हरा झंडा” ही रहेगा और 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली देवीलाल जयंती की रैली में बरोदा से हजारों लोग शामिल होंगे। इनेलो का पलटवार और कांग्रेस-भाजपा पर हमला अभय सिंह चौटाला ने भी मंच से कांग्रेस और भाजपा दोनों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में विपक्ष के नाम पर सिर्फ इनेलो ही खड़ी है। उन्होंने SYL नहर के पानी, बिजली दरों और किसानों के मुद्दों पर भाजपा और कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए। वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पूरे प्रदेश को बेचने का काम किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि सोनीपत की बेश कीमती जमीन को एजुकेशन सिटी के नाम पर बेचने का काम किया। 25 सितंबर की रैली पर सबकी नजरें भूपेंद्र मलिक की इनेलो में वापसी को अभय सिंह चौटाला ने संगठन की मजबूती का संकेत बताया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेशभर में पुराने कार्यकर्ता दोबारा इनेलो में लौट रहे हैं। वहीं अभय सिंह चौटाला ने कहा है कि जितने इनेलो के पुराने कार्यकर्ता थे वह दोबारा वापस लौटकर इनेलो में ज्वाइन करेंगे। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और बीजेपी की चिता के फूल 25 तारीख को रैली के दौरान खोलेंगे। भूपेंद्र मलिक का राजनीतिक सफर भूपेंद्र सिंह मलिक मूल रूप से भैंसवाल कलां गांव के रहने वाले हैं और फिलहाल गोहाना में निवास करते हैं। वे लंबे समय तक कांग्रेस में सक्रिय रहे और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा परिवार से उनके करीबी संबंध रहे। कांग्रेस सरकार के दौरान वे गोहाना मार्केट कमेटी के चेयरमैन भी रहे। साल 2019 में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी छोड़ दी और जजपा से बरोदा विधानसभा का चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें तीसरा स्थान मिला। बाद में वे जजपा के राष्ट्रीय सचिव बने और भूपेंद्र सिंह मलिक ने सोनीपत लोकसभा का चुनाव लड़ा था और उनकी जमानत जब्त हो गई थी। भूपेंद्र मलिक को कुल 7820 वोट मिले थे। वह चुनाव में पांचवें नंबर पर रहे। हालांकि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले जजपा को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। लेकिन बरोदा विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार कपूर सिंह नरवाल का साथ दिया और बीजेपी से निष्क्रिय हो चुके थे। अब उन्होंने भाजपा और जजपा दोनों को छोड़कर दोबारा इनेलो का दामन थामा है।


