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Every 100 years there is a danger in the world, there has been an epidemic before


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Every 100 years there is a danger in the world, there has been an epidemic before - Health Tips in Hindi




नई दिल्ली। कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी अब तक दुनिया के 188 देशों में फैल चुका है। ऐसा नहीं है कि दुनिया में इससे पहले महामारी नहीं आई। हर 100 वर्षो में एक बार दुनिया में महामारी का खतरा मंडराता है। इससे पहले सन 1720, 1820 और 1920 में भी महामारी आई थी। पिछले 400 साल से ऐसे महामारी आती है, जो पूरी दुनिया में तबाही मचा कर जाती है। भारत में कोरोना वायरस महामारी के चलते अब तक एक लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, देश में आए पॉजिटिव मामलों की संख्या 64 लाख के पार पहुंच गई है। अभी तक, इस महामारी से बचने का केवल एक ही तरीका है, लोगों से दूरी।

प्लेग – फ्रांस के एक छोटे शहर मार्सिले में सन 1720 में पूरी दुनिया में प्लेग फैला था। इसे गे्रट प्लेग ऑफ मार्सिले कहा गया। प्लेग महामारी ने 1 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। प्लेग फैलते ही कुछ माह में 50 हजार लोगों की मौत हो गई थी। बाकी, 50 हजार लोग अगले दो वर्षो में मारे गए। प्लेग का लोगों को पता नहीं होने के कारण यह कई शहरों और प्रांतों में फैलती गई और लोगों को अपनी चपेट में लेते हुए बाकी देशों में भी फैली। भारत के पाली से मेवाड़ पहुंचे प्लेग से दहशत का माहौल पैदा हो गया। चूहों से फैली प्लेग महामारी से अस्पताल पहुंचने से पहले लोगों की मौत हो जाती थी। एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस महामारी से 1800 करोड़ का नुकसान हुआ। उस दौर में भी लोगों को आइसोलेश की हिदायत दी गई थी।

हैजा (कॉलेरा)- प्लेग महामारी के 100 साल बाद सन 1820 में एशियाई देशों में हैजा महामारी फैली। इस महामारी ने जापान, भारत, बैंकॉक, मनीला, ओमान, चीन, सीरिया आदि देशों को अपनी चपेट में ले लिया। हैजा की वजह से सिर्फ जावा में 1 लाख लोगों की मौत हो गई थी। इस महामारी से सबसे ज्यादा मौतें थाईलैंड, इंडोनेशिया और फिलीपींस में हुई थी।

स्पैनिश फ्लू – कॉलेरा महामारी के 100 साल बाद सन 1918-1920 में स्पैनिश फ्लू ने का दुनिया ने कहर झेला। वैसे स्पैनिश फ्लू सन 1918 से ही था, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर 1920 में देखने को मिला। इस महामारी की वजह से पूरी दुनिया में करीब 5 करोड़ लोगों की जान चली गई थी। माना जाता है कि विश्व युद्ध के समय यह फ्लू अमेरिकी सैनिकों से यूरोप में फैला था। भारत में स्पैनिश फ्लू को बॉम्बे फीवर के नाम से जाना गया। एक अनुमान के मुताबिक भारत में इस महामारी से लगभग एक से दो करोड़ लोगों की जान चली गई थी। उस समय इस महामारी की कोई वैक्सीन ना होने के चलते सरकार ने लोगों को आइसोलेट करके वायरस को काबू में पाया था।

कोरोना वायरस – वहीं, एक बार फिर 100 साल पुराना इतिहास दोहराया गया है और सन 2020 में कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया में पैर पसारे। चीन से फैले इस वायरस ने सर्वप्रथम इटली को अपनी चपेट में लिया। जिसके बाद लोगों के संक्रमण से एक-दूसरे में फैलते हुई कई देशों को अपनी चपेट में ले लिया। दुनिया के 188 देशों में कोरोना वायरस से संक्रमण फैल चुका है। दुनिया में 3.46 करोड़ लोग अभी भी कोरोना की जद में है और 10 लाख मारे जा चुके है।

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