कर्ज चुकाने के लिए इंजीनियर ने साथियों के साथ दिया वारदात को अंजाम

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जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

खनन कारोबारी मुकेश लांबा के बेटे आदित्य का अपहरण और हत्या करने के मामले में आरोपित राहुल विश्वकर्मा ने कर्ज चुकाने के लिए घटना को अंजाम दिया था। आरोपित ने मुकेश के घर के सदस्यों के बारे में जानकारी ली और फिर अपने दो साथियों के साथ योजना बनाई थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके मास्टरमाइंड राहुल विश्वकर्मा मोबाइल की दुकान में भी काम कर चुका है। तकनीकी जानकारी होने के चलते ही वह लगातार मोबाइल की लोकेशन बदलता रहा।

पुलिस पूछताछ में आरोपित राहुल ने बताया कि उसने अपनी बहन की शादी में 15 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। तभी होली में वह अपने परिचित बिहारी के साथ मुकेश के घर गया था। बिहारी पहले मुकेश के घर काम कर चुका है। बिहारी से उसने मुकेश के बारे में बातचीत में ही जानकारी ली थी। मास्टरमाइंड ने बताया कि उसने महाराजपुर में घर के पास रहने वाले मलय राय और करण जग्गी के साथ अपहरण की योजना बनाई। एक माह पहले से तीनों मुकेश के घर के आसपास घूमने लगे थे। जिसमें यह देखता था कि आदित्य कब खेलने जाता है और क्षेत्र में कौन सी किराना दुकान से सामान खरीदता है।

साइकिल हो गई थी चोरीः

आदित्य की साइकिल दो दिन पहले चोरी हो गई थी। इसलिए वह दुकान पैदल गया था। आरोपितों को मौका मिला और वह तीनों उसके पास पहुंचे और कहा-मुकेश लांबा का घर कहां है। यह सुनते ही आदित्य ने कहा यह तो मेरा घर है। चलिए हम आप को घर बता देते हैं। कुछ दूर आदित्य आगे चला और फिर आरोपित उसे झांसे में लेकर कार में बैठाकर बायपास ले गए।

मां का नंबर पूछकर किया फोनः

आरोपितों ने आदित्य का अपहरण करने के बाद उससे मां का मोबाइल नंबर पूछा और फोन करके कहा कि तुम्हारा बच्चा हमारे पास है। रुपये की व्यवस्था कर लो पुलिस को नहीं बताना। इतना कहकर फोन काट दिया। लगभग एक घंटे बाद अपहरणकर्ताओं ने फिर से फोन किया और दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही यह भी बताया कि तुम्हारा बेटा सुरक्षित है। रुपये कहां लाना है कल बताएंगे। आरोपितों ने आदित्य की बात उसके पिता से भी करवाई थी।

16 अक्टूबर को फिर किया फोनः

16 अक्टूबर को अपहरणकर्ताओं ने सुबह लगभग 11 बजे फिर से फोन किया और मुकेश लांबा से बात की। मुकेश ने बताया कि उसके पास दो करोड़ रुपये नहीं है। उसके पास अभी 8 से 10 लाख रुपये की व्यवस्था हो पाएगी। इसके बाद आरोपितों ने एक करोड़ रुपये की व्यवस्था करने को कहते हुए शाम को फोन करने को कहा था। शाम को लगभग 8 बजे आरोपितों ने फिर से फोन किया और कहा कि कितने रुपये का इंतजाम हुआ है। मुकेश ने 8 लाख रुपये होने की जानकारी दी। इसके बाद मुकेश की हालत ठीक नहीं होने पर उसके पड़ोस में रहने वाले दोस्त को रुपये लेकर सिहोरा आने के लिए कहा।

मोपेड से फिरौती देने के लिए बुलायाः

आरोपितों ने कहा कि जो भी रुपये लेकर आ रहा है कि उसे मोपेड से भेजो। इस पर मुकेश ने कहा कि तबीयत ठीक नहीं है, अपने दोस्त को भेज रहा हूं। दोस्त कार से ही आएगा। इसके बाद आरोपित मान गए और रात लगभग 9 बजे रुपये लेकर मुकेश का दोस्त रवाना हुआ। आरोपितों ने यह भी पूछा था कि जिस नंबर की कार से आ रहा है उसकी पूरी जानकारी दो। कार का नंबर आरोपितों को बताया था।

अंधमूक बायपास से सिहोरा फिर पनागरः

आरोपितों ने मुकेश को कहा कि अपना मोबाइल दोस्त को दे दो उसी को जानकारी देंगे। अंधमूक बायपास पर आरोपितों ने उसे फोन किया और सिहोरा जाने के लिए कहा। सिहोरा जाने के बाद उसे आसपास कई जगहों पर भेजा। जब आरोपितों ने देख लिया कि वह अकेला ही आया है तो फिर उसे कहा कि पनागर थाने की रोड पर आ जाओ और रुपये का बैग एक नाले के पास रखवाया।

कार को तेज चलाओः

रुपये रखने के बाद मुकेश का दोस्त कार में बैठ गया और कार को धीमी गति से चलाने लगा। लेकिन आरोपितों ने रुपये उठाए और कहा कि कार को तेज रफ्तार से चलाते हुए जाओ। कुछ ही देर में तुम्हारा बेटा धनवंतरि नगर चौक में पहुंच जाएगा। यह सुनते ही मुकेश के दोस्त ने कार को तेज रफ्तार से चलाया और धनवंतरि नगर चौक में पहुंचकर इंतजार करने लगा। जब आरोपितों के मोबाइल पर फोन किया तो मोबाइल बंद हो गया था। इसके बाद से आरोपितों ने अपना मोबाइल चालू नहीं किया।

रात लगभग तीन बजे आरोपितों को किया गिरफ्तारः

शनिवार की रात लगभग तीन बजे तीनों आरोपितों को पुलिस ने पनागर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि आदित्य की हत्या कर दी है। उसका गला घोंटकर हत्या करने के बाद जलगांव के पास से नहर में फेंक दिया है।

बेलखाडू से लूटे मोबाइल से करते रहे बातः

आरोपितों ने 12 अक्टूबर को बेलखाडू क्षेत्र में रहने वाले एक मजदूर का मोबाइल लूटा था। आरोपित उसी मोबाइल से बात कर रहे थे।

आरोपित से बोला आदित्य, अंकल मैं आपको जानता हूं:

आरोपित राहुल विश्वकर्मा शातिर अपराधी है। राहुल, मलय और करण फोन करने के बाद आदित्य को बरोदा पनागर ले गए थे। जहां ढाबे में आदित्य को खाना भी खिलाया था। 16 अक्टूबर की सुबह महाराजपुर अधारताल पहुंचे और राहुल के घर के बाजू में एक खाली मकान में आदित्य को ले गए। इसके बाद दूसरी कार किराए पर लेकर उसे कुंडम बघराजी क्षेत्र में ले जाकर घूमते रहे। रास्ते में एक होटल में रुककर सभी ने समोसे भी खाए थे। इसी दौरान आदित्य ने राहुल को पहचाना और कहा कि अंकल मैं आपको जानता हूं। आप एक अंकल के साथ घर आए थे। यह सुनते ही राहुल घबरा गया और पकड़े जाने के डर से उसने अपने साथी मलय और करण के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बना ली थी।

राहुल और मलय कार से ले गए जलगांवः

आरोपित राहुल विश्वकर्मा और मलय राय 16 अक्टूबर की शाम को महाराजपुर पहुंचे। दोनों ने करण को घर में छोड़ा और राहुल और मलय अपने साथ आदित्य को कार में बैठाकर पनागर के आगे जलगांव में ले गए। जहां आदित्य से कहलवाया कि पापा आ जाओ कि रिकार्डिंग की और नहर किनारे ले जाकर आदित्य की गमछे से मुंह दबाकर हत्या कर दी। आदित्य की मौत होने के बाद जलगांव में नहर में फेंक दिया। इसके बाद मुकेश को आदित्य की रिकार्डिंग की हुई आवाज सुनवाकर रुपये मंगवाए और मोबाइल बंद कर लिया। सुबह लगभग 8 बजे पुलिस ने आदित्य के शव को बाहर निकाला और पीएम के लिए भिजवाया।

पुराने अपराधी हैं आरोपितः

राहुल उर्फ मोनू विश्वकर्मा पर लूट, नकबजनी और चोरी के मामले पूर्व में दर्ज हैं। आरोपित मलय राय के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। करण जग्गी पर सात मामले दर्ज हैं। इसमें अवैध वसूली, घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़, छेड़छाड़, एससीएसटी एक्ट, मारपीट और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है।

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आरोपित करण जग्गी के घर के अवैध हिस्से को ढहाया

जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीम ने शाम को आरोपित करण जग्गी के घर के अवैध हिस्से को ढहा दिया। महाराजपुर हाउसिंग बोर्ड कालोनी में आसपास के मकानों को क्षति पहुंचती देख शेष हिस्से को हाथ से तोड़ने की कार्रवाई सोमवार को की जाएगी। अधारताल एसडीएम ऋषभ जैन ने बताया कि महाराजपुर हाउसिंग बोर्ड कालोनी में नक्शा, ले-आउट के तहत ईडब्ल्यूएस के आवास बने हैं। आरोपित ने मकान को अवैध रूप से 5 से 6 फीट तक बढ़ा लिया था। छज्जा सहित अवैध हिस्सा तोड़ दिया गया। आवास काफी पुराने हैं इसलिए आसपास के मकानों को क्षति पहुंच रही है। निर्णय लिया गया कि बाकी हिस्से को नगर निगम का अतिक्रमण अमला हाथों से तोड़ेगा। कार्रवाई में नगर निगम के प्रभारी अतिक्रमण अधीक्षक सागर बोरकर, सहायक आयुक्त अतिक्रमण वेदप्रकाश चौधरी सहित अधारताल और पनागर थाने की पुलिस मौजूद रही।

लोग बोले- तोड़ दो पूरा मकानः

जग्गी के मकान तोड़ने की कार्रवाई की तो क्षेत्रीय नागरिक भी बड़ी संख्या में पहुंच गए। उनका कहना था कि आरोपित का पूरा मकान ही तोड़ दो। ऐसे अपराधी को यहां नहीं रहने देंगे।

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पुलिस सिर्फ कयास लगाती रही अपराधियों ने वारदात को अंजाम दे डाला

अपहरण-हत्या के मामले में पुलिस की योजना घेरे में है। हाइटेक होने का दावा करने वाली पुलिस से अपराधी आगे निकल गए। उन्होंने बच्चे की आवाज की कॉल रिकॉर्डिंग कर उसकी हत्या कर दी। वही रिकॉर्डिंग वे दो दिन तक इस्तेमाल करते रहे और पुलिस यह समझती रही कि बालक सकुशल है और योजना बनाती रह गई।

लोकेशन पता होने का दावा पर रहे विफलः

पुलिस की साइबर सेल ने आरोपितों की लोकेशन पता कर ली पर उन तक पहुंच पाने में सफल नहीं हो सकी। आरोपित का मोबाइल की तकनीक के बारे में जानकार होना पुलिस को भारी पड़ गया। यही कारण रहा कि आरोपितों का मोबाइल फोन ट्रेस नहीं हो सका। पिता के पूर्व परिचित होने के बाद भी कारोबारी मुकेश लांबा आरोपित को नहीं पहचान सके। उन्होंने आशंका जताई थी कि कॉल करने वाला कोई पूर्व परिचित हो सकता है।

चार टीमें सक्रिय थी पर काम नहीं आ सकीं:

अपहर्ताओं ने फिरौती मांगी तब से पुलिस की चार टीमें सक्रिय थीं। इसके बाद भी पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकी। कुल मिलाकर पुलिस की योजना कारगर नहीं हो सकी। पुलिस ने आरोपितों तक पहुंचने के लिए साइबर सेल के साथ ही 200 अधिकारियों व जवानों को लगाया था। योजना यह थी कि बालक आदित्य सकुशल मिल जाए। इसके बावजूद आदित्य को बचाया नहीं जा सका।

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