रक्षा मंत्री राजनाथ ने लखनऊवासियों को दी फ्लाईओवरों की सौगात, जाम से निजात मिलेगी

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लखनऊ। राजधानीवासियों को मंगलवार को सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल की कई सेवाओं के उद्घाटन के साथ ओपीडी ब्लॉक का लोकार्पण व आवासीय परिसर के शिलान्यास और दो सेतुओं का वर्ग लोकार्पण की सौगात मिली। लखनऊ में आबादी की बाधाओं से भी बढ़ रहे यातायात का दबाव कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज दो जिन दो फ्लाईओवर और एक कैनाथन अस्पताल का लोकार्पण हो रहा है। है, उसका इंतजार लोग बेसब्री से कर रहे थे। इसके अलावा कुछ अन्य प्रोजेक्ट का शिलान्यास-उद्घाटन हो रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ जैसे तेजी से बढ़ते महानगर में यातायात का कम आबादी बढ़ने की रफ्तार से बहुत ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से अपग्रेड होना बेहद जरूरी हो जाता है।

133 करोड़ की लागत से तैयार हुआ तीन लेन फ्लाईओवर
उन्होंने कहा कि आज गुरुगोविन्द सिंह मार्ग से नाका चौराहा होते हुए डीएवी कालाज तक तीन लेन फ्लाईओवर का लोकार्पण किया जा रहा है, जिसकी कुल लामबाई लगभग 1.5 किलोमीटर है और 133 करोड़ की लागत से इसका पूरा निर्माण हुआ है।
प्रदेश सरकार ने 6 जुलाई 2018 को इसकी स्वीकृति जारी की थी। कोरोना काल के बावजूद भी रिकॉर्ड अवधि में सेतु निगम द्वारा इसका निर्माण पूरा कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इसको लेकर बराबर रुचि ली।

शहर के चारों ओर 8 लेन वाली आउटर रिंग रोड का निर्माण हो रहा है
उन्होंने कहा कि कोई भी शहर के चारों ओर 104 किलोमीटर और 8 लेन वाली आउटर रिंग रोड का निर्माण प्रारम्भ कर दिया गया है। इस पर तेजी से काम चल रहा है, दिसंबर 2021 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

05 किलोमीटर लम्बे 6 लेन कुकैरल फ्लाईओवर से जाम की समस्या दूर होगी
उन्होंने कहा कि लखनऊ से सुल्तानपुर रोड चार लेन बनवाई गयी। लखनऊ-कानपुर के बीच एक्सप्रेस-वे स्वीकृत किए गए। लखनऊ-हरदोई-शाहजहाँपुर-बलिया एनएच 731 घोषित करके चार लेन चौड़ीकरण का कार्य प्रारम्भ किया गया। इसके साथ ही 05 किलोमीटर लम्बा 6 लेन कुकैरल फ्लाईओवर बनवाया गया। उसी शहर के अंदर 6-7 अन्य फ्लाईओवर का निर्माण प्रारम्भ कराया गया ताकि पूरा शहर जाम मुक्त हो सके और तेज विकास की ओर आगे बढ़े।

शहर के बड़े हिस्से की आबादी को नए प्रोजेक्ट का लाभ मिलेगा
रक्षामंत्री ने कहा कि आज लोकार्पण किए जा रहे फ्लाईओवर के नीचे बांसमन्डी चौराहा में हर समय जाम लगा रहता था क्योंकि इससे विधानसभा क्षेत्र से पुराने लखनऊ को भारी संख्या में वाहनों का आवागमन होता था। वहीं दूसरी ओर कैसरबाग, अमीनाबाद, लाटूस रोड के व्यावसायिक क्षेत्रों से चारबाग रेल और बस अड्डों के लिए दो शहरों की घोषणा की गई। अब पुराने शहर जाने वाला ट्रैफिक फ्लाईओवर से निकलने के कारण नीचे चौराहे से हर समय शब्दकोश बिना रुके हुए चलता रहता है।

इसी प्रकार नाका चौराहे से लेकर मेडिकल कालेज, रकाबगंज, गणेशगंज का ट्रैफिक चारबाग के लिए भारी संख्या में चलता था और हमेशा यहां जाम रहता था। फ्लाईओवर बनने के बाद अब नीचे चौराहे से ट्रैफिक बिना रूके आ-जा सकेगा। जाम से मुक्ति मिलेगी, समय बचेगा और इसके फलस्वरूप बांसमणि चौराहा से नाका चौराहा तक और लाटूस रोड, अमीनाबाद, कैसरबाग आदि में व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आयेगी। आर्थिक उन्नति होगी।

65 करोड़ की लागत से निर्मित दो लेन फ्लाईओवर का लोकार्पण
उन्होंने कहा कि आज ही अग्रदरगंज तिराहे से राजाजीपुरम तक 908 मीटर लम्बे तक लगभग 65 करोड़ की लागत से निर्मित दो लेन फ्लाईओवर का भी लोकार्पण हो रहा है। यह मार्ग पुराने शहर में बड़ा और छोटा इमामबाड़ा, मेडिकल कालाज और अन्य पर्यटन स्थलों को राजाजीपुरम, तालकटोरा- करबला, आलमबाग और आलमनगर रेलवे स्टेशन से प्रविष्ट करता है। उसी कोकीकी चौराहे से बुद्धेश्वर मंदिर होता हुआ मोहान रोड और आगरा एक्सप्रेस-वे को भी प्रवेश किया जाता है जिससे यहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती थी। इस ब्रिज के बनने जाने के बाद राजाजीपुरम, हैदरगंज, चौक, कारखास, तुरियागंज, चारबाग, आलमबाग, आरडीएसओ और आलमनगर रेलवे स्टेशन आना-जाना सुगम होगा और बहुत समय बगमगा।

दोनों फ्लाईओवर के नीचे के रास्तों पर भी यातायात सुचारू होना आवश्यक है
उन्होंने कहा कि चूंकि यह सघन आबादी वाले क्षेत्र हैं इसलिए यहां पर फ्लाईओवर के नीचे के मार्ग पर भी ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहता है, यह भी जरुरी है। इसलिए राज्य सरकार के स्तर पर दोनों फ्लाईओवर के नीचे के रास्तों की भी पूरी मरम्मत हो जाए तो अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि दोनों फ्लाईओवर के नीचे अवैध कब्जे न हों इसके लिए सेन्ट्रल वर्जिन में लोहे के ग्रिल लगाकर सहित सुंदर पेड़ पौधों को लगाया जाना आवश्यक है। इसके लिए महापौर और नगर आयुक्त से मैं कहूंगा कि नगर निगम की कार्य योजना के अनुरूप इसकी व्यवस्था करें। यह स्थानीय बाजार वालों की भी मांग है।

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राजधानी में 2,053 करोड़ की लागत से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट लागू
रक्षामंत्री ने कहा कि लखनऊ शहर में 2,053 करोड़ की लागत से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट भी लागू हो रहा है। स्मार्ट सिटी बनाने की राह तभी खुलती है जब शहर का इन्फ्रास्ट्रक्चर स्मार्ट होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इसके लिए भी आभार जताया कि 334 करोड़ रुपये से हैदर कैनाल एस बफर निर्माण को स्वीकृति उनके द्वारा दी गयी और दौलतगंज एसटीपी अपग्रेडेशन की योजना भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास द्वारा नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वीकृति के लिए की गई है।





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