Action Punjab

Breaking News

महाशिवरात्रि 11 मार्च को, शिव और सिद्ध योग देगा विशेष फल | Maha Shivaratri festival will be celebrated in Shiva-Siddha Yoga


Astrology

lekhaka-Gajendra sharma

By पं. गजेंद्र शर्मा

|

नई दिल्ली। भगवान भोले भंडारी की कृपा पाने का पर्व महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 11 मार्च 2021 को मनाई जाएगी। इस दिन चतुर्दशी तिथि दोपहर 2.41 बजे से प्रारंभ होगी जो अगले दिन 12 मार्च को दोपहर 3.04 बजे तक रहेगी। इस दिन सूर्योदय से लेकर प्रात: 9.24 बजे तक शिवयोग रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा जो अगले दिन प्रात: 8.29 बजे तक रहेगा। इन दोनों योगों का महाशिवरात्रि के दिन बनना अत्यंत सुख-सौभाग्यदायक है। इन योगों में जो मनुष्य भगवान शिव का अभिषेक, पूजन, मंत्र जप, स्तोत्र पाठ और सहस्त्र नाम जप करता है वह पृथ्वी पर समस्त प्रकार के सुखों का भोग करते हुए मृत्यु के पश्चात शिवधाम को प्राप्त करता है।

महाशिवरात्रि 11 मार्च को, शिव और सिद्ध योग देगा विशेष फल

49 मिनट महानिशिथकाल

महाशिवरात्रि पूजन निशिथकाल रात्रि में किया जाता है। इस बार 11 मार्च की रात्रि में 12.13 बजे से 1.02 बजे तक 49 मिनट का महानिशिथकाल रहेगा। इसमें भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी रहेगी।स्कंद पुराण का कथन है किफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि में भूत, प्रेत, पिशाची शक्तियां एवं स्वयं शिवजी पृथ्वीलोक में भ्रमण करते हैं। इसलिए वह समय शिवजी का पूजन, अभिषेक आदि करने से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। ‘निशिभ्रमन्ति भूतानि शक्तय: शूलभृद्यत:। अस्तस्यां चतुर्दश्यां सत्यां तत्पूजनं भवेत्।।’

महाशिवरात्रि कब से कब तक

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 11 मार्च को दोपहर 2.41 बजे से
  • चतुर्दशी तिथि पूर्ण 12 मार्च को दोपहर 3.04 बजे तक

महाकालेश्वर उज्जैन में होती है निशिथकाल में विशेष पूजा

बारह ज्योतिर्लिगों में सबसे प्रमुख और एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिग महाकाल उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व पर महानिशा रात्रि में विशेष पूजा की जाती है। यहां महापूजा में भगवान महाकाल को सप्तधान अर्पित करने के साथ ही उन्हें सेहरा बांधा जाता है। भगवान के अभिषेक-पूजन में शिवसहस्त्र नामावली से सहस्त्र बिल्व पत्र अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद भगवान को सप्त धान्य का मुखौटा धारण कराकर सात प्रकार के धान अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद भगवान को सवामन फूल और फल से बना सेहरा बांधा जाता है। यह सप्तधान्य रूद्राष्टाध्यायी के नमक चमक की। ऋचाओं के माध्यम से अर्पित किया जाता है। इसमें 31 किलो चावल, 11 किलो खड़ा मूंग, 11 किलो खड़ा मसूर, 11 किलो गेहूं, 11 किलो जौ, 11 किलो खड़ा उड़द आदि का उपयोग होता है। इस महाशिवरात्रि पर महाकाल में पूजन की शुरुआत शाम 7 बजे कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित भगवान कोटेश्वर महादेव की पूजा अर्चना के साथ होगी। सेहरा श्रृंगार आरती के बाद रात्रि 10 बजे पूजा संपन्न होगी। इसके बाद रात्रि 11 बजे से गर्भगृह में भगवान महाकाल की महापूजा का क्रम शुरू होगा। भगवान महाकाल का पंचामृत, फलों के रस, केसर मिश्रित दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद गर्म जल से स्नान कराकर नए वस्त्र धारण कराए जाएंगे। महाकाल को पंच मेवे का भोग लगाकर आरती की जाएगी। सुबह 5 से 10 बजे तक भक्तों को सेहरा दर्शन होंगे।

यह पढ़ें: Mahashivratri 2021: कब है महाशिवरात्रि का त्योहार? जानिए तिथि और पूजन का शुभ मुहूर्त



Source link

Other From The World

Related Posts

Treading News

Latest Post

Unlawful shops will open in Jalandhar from 9 am to 3 pm from Monday to Friday, if the Corona precautions are broken, the shop will be sealed for 7 days | जालंधर में सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगी गैरजरूरी दुकानें, कोरोना सावधानियां तोड़ी तो 7 दिन के लिए सील होगी दुकान

After the meeting with the minister, the strike of the revenue officers of Punjab postponed till 21, there will be a registry in the tehsils from Thursday. | मंत्री गुरप्रीत कांगड़ के साथ बैठक के बाद पंजाब के रेवेन्यू अफसरों की हड़ताल 21 तक टली, गुरुवार से तहसीलों में होगी रजिस्ट्री