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कुंडली में कमजोर है चंद्रमा, तो मजबूत बनाने का अच्छा समय है फाल्गुन मास | Falgun Month and Importance of Moon Pooja in Vedic Jyotish


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By मोहित पाराशर

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नई दिल्ली। अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, तो यह वैदिक ज्योतिष में सबसे अहम माने जाने वाल इस ग्रह को मजबूत बनाने के लिए सबसे अनुकूल महीना है। हम यहां हिंदू वर्ष के सबसे अंतिम मास फाल्गुन की बात कर रहे हैं, जो 28 फरवरी को शुरु हुआ और 28 मार्च को समाप्त होगा। दरअसल इसी मास में चंद्रमा का जन्म माना जाता है, इसीलिए इस महीने को चंद्रमा की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

फाल्गुन मास में मनाएं कमजोर चंद्रमा को मजबूत, जानिए कैसे?

ज्योतिष में चंद्रमा का महत्व

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। इसीलिए कुंडली में चंद्रमा को अलग लग्न के रूप में भी देखा जाता है। साथ ही ज्योतिष से जुड़े ज्यादातर योगों का लग्न के अलावा चंद्रमा से आकलन किया जाता है। अगर चंद्र लग्न कमजोर है या चंद्रमा से ग्रहों की स्थिति ठीक नहीं है, तो जातक के जीवन के लिए यह अच्छा नहीं है। इससे मानसिक अशांति, जीवन में दुखों, मानसिक रूप से कमजोर होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

सुख-शांति के कारक हैं चंद्रमा

चंद्रमा को सुख-शांति का कारक माना जाता है, लेकिन यही चंद्रमा जब उग्र रूप धारण कर लें तो प्रलयकारी स्वरूप दिखता है। चंद्रमा का जन्म फाल्गुन में मास में होने के कारण इस महीने चंद्रमा की उपासना करने का विशेष महत्व है। इस पूरे महीने भर में चंद्र देव के साथ-साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना विशेष फलदायी होती है।

चंद्रमा की कैसी स्थिति बनाती है कमजोर

अगर कुंडली में चंद्रमा छठे, 8वें या 12वें भाव में हो। अगर चंद्रमा नीच स्थिति में हो या चंद्रमा राहु-केतु अक्ष पर स्थिति हो या पाप ग्रहों के प्रभाव में हो तो उसे कमजोर माना जाता है। इसके अलावा अगर कुंडली में चंद्रमा पक्ष बल के लिहाज से कमजोर है यानी कृष्ण पक्ष की अष्टमी से शुक्ल पक्ष की सप्तमी के बीच जन्म हुआ है तो आपके लिए इस महीने में चंद्रमा को मजबूत बनाने के लिए पूजा अर्चना खासी फायदेमंद हो सकती है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी से शुक्ल पक्ष की सप्तमी के बीच का जन्म हो तो चंद्रमा को पक्ष बल के लिहाज से मजबूत माना जाता है।

चंद्रमा की मजबूती के लिए क्या करें

  • भगवान शिव की नियमित रूप से पूजा अर्चना करें, शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
  • महिलाओं का सम्मान करें और प्रति दिन माता के पैर छूएं।
  • चावल, सफेद वस्त्र, सफेद चंदन, सफेद फूल, चीनी, दही और मोती दान करना चाहिए।
  • ओम् सोम सोमाय नमः का 108 बार नित्य जाप करना श्रेयस्कर होता है।
  • सोमवार का व्रत रखें। सोमवार को खीर बनाकर गरीबों में दान करें और सोमवार को
  • मीठा दूध नहीं पीना चाहिए।
  • पूर्णिमा के दिन चंद्र देवता के दर्शन करें और उसकी रोशनी में बैठकर चन्द्र
  • मंत्र का जाप करें।

यह पढ़ें: त्रिदेवों ने अनुसूया के सामने रखी अजीब शर्त, दिलचस्प है चंद्रमा के जन्म की कहानी



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