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भिवानी जिले के वैश्य कॉलेज में हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने AIFUCTO के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 19 से 21 अगस्त 2025 तक चलेगा। टीचरों ने काले बिल्ले लगाकर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। 21 अगस्त को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक सांकेतिक धरना दिया गया। पदोन्नति में पीएचडी की अनिवार्यता खत्म टीचरों की प्रमुख मांगों में ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करना शामिल है। साथ ही एनपीई 2020 और यूजीसी ड्राफ्ट रेगुलेशन 2024-25 को वापस लेने की मांग की गई। टीचर चाहते हैं कि पदोन्नति में पीएचडी की अनिवार्यता खत्म की जाए। पूरे देश में सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जाए। कुल बजट का 10 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च किया जाए। अतिथि प्राध्यापकों को यूजीसी के नियमों के अनुसार वेतन मिले। कार्यक्रम में ये रहे शामिल AIFUCTO के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. नरेंद्र चाहर ने सभी मांगों को जल्द लागू करने की मांग की। हरियाणा कॉलेज टीचर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. राजेंद्र सिंह ने भारत सरकार से मांगों पर विचार करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम में डॉ. सविता जैन, डॉ. धीरज त्रिखा, डॉ. प्रदीप भारद्वाज, डॉ. श्रुति, डॉ. कामना कौशिक, डॉ. सरिता गोयल समेत कई प्राध्यापक मौजूद रहे।


