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सोनीपत में दूषित पानी पीने से प्रवासी मजदूरों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह से अग्रसेन चौक के पास स्थित काॅलाेनियों में रहने वाले दर्जनों मजदूर और उनके बच्चे उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि दूषित पानी या फूड प्वाइजनिंग के कारण यह हालात बने हैं। वहीं निजी और सरकारी हॉस्पिटल में लगातार इलाज चल रहा है। सभी मजदूरों को एक जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं। दर्जनों प्रवासी मजदूरों की बिगड़ी तबीयत अग्रसेन चौक के नजदीक राजीव कॉलोनी, शिव कॉलोनी अन्य कई कॉलोनी में किराए के मकानों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की हालत दूषित पानी पीने के बाद बिगड़ गई। सुबह से ही कई महिलाएं, पुरुष और बच्चे उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर सिविल अस्पताल और निजी अस्पतालों में पहुंचने लगे। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया, वहीं अस्पताल प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
शिव कॉलोनी की रहने वाली अनीता पत्नी सिकंदर, गढ़ी से पूजा, ऋषि कुंज के रहने वाले हिमांशु सहित काफी महिला और बच्चे परेशानी से जूझ रहे हैं। हॉस्पिटल में पहुंचे मरीजों की अलग-अलग तस्वीर खाना बनाने और पीने में किया गया दूषित पानी का उपयोग राजीव कॉलोनी की रहने वाली 20 वर्षीय पूनम की मां का कहना है कि रात के समय उन्होंने रोटी सब्जी खाया था। उसके बाद रात को ही उनकी बेटी की तबीयत खराब होने लगी थी और उल्टी दस्त शुरू हो गए। वहीं अन्य मजदूरों ने बताया कि घर में आने वाले पानी से खाना बनाया और वही पानी पीने में भी इस्तेमाल किया। इसके कुछ देर बाद ही सबकी तबीयत बिगड़ने लगी। कई लोगों को तेज उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। मजदूरों का कहना है कि पानी में दुर्गंध और गंदलापन भी था, लेकिन मजबूरी में उसे ही इस्तेमाल करना पड़ा। अस्पताल में चल रहा इलाज, कई महिलाएं और बच्चे भर्ती सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि अब तक दर्जनों मरीज उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और कई की हालत स्थिर है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है ताकि बीमारी का सही कारण पता चल सके। हॉस्पिटल प्रशासन कारण जानने में जुटा हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उल्टी-दस्त का कारण फूड प्वाइजनिंग है या दूषित पानी। पानी के सैंपल लेने के बाद ही क्लियर हो पाएगा।वहीं मजदूरों के टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल इलाके के लोगों को उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की सलाह दी गई है। मामले को लेकर अभी तक किसी ने प्रशासन या पुलिस को औपचारिक शिकायत नहीं दी है। हेल्थ विभाग ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



