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फरीदाबाद में पत्नी की हत्या, पति 4 माह से फरार:सीवरेज ​​​​​​​के लिए खोदे गड्ढे में दफना दिया था; ससुराल के 3 सदस्य जेल में

फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र के रोशन नगर में चार महीने पहले हुई विवाहिता की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी पति अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हत्या की वारदात को 21 अप्रैल को अंजाम दिया गया था, जबकि पुलिस ने 20 जून को घर के बाहर सीवरेज के लिए खोदे गए गड्ढे से महिला का शव बरामद किया था। मृतका की पहचान तनु (28) के रूप में हुई थी, जो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की रहने वाली थी। उसकी शादी साल 2023 में रोशन नगर निवासी अरुण के साथ हुई थी। अरुण का परिवार मूल रूप से यूपी के मैनपुरी का रहने वाला है और लंबे समय से रोशन नगर गली नंबर 1 के मकान नंबर 61 में रह रहा था। शादी के बाद शुरू हुआ विवाद तनु के पिता हाकिम के मुताबिक, उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर बेटी की शादी की थी, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वाले दहेज में और पैसे की मांग करते रहे। लगातार झगड़े के चलते तनु सितंबर 2023 में मायके चली गई थी। एक साल तक मायके में रहने के बाद अक्टूबर 2024 में पंचायत के हस्तक्षेप से उसे दोबारा ससुराल भेजा गया। हत्या से सात दिन पहले रची साजिश पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार ससुर भूप सिंह ने कबूल किया कि तनु और परिवार के बीच लगातार झगड़ों से वह परेशान था। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई। उसने घर के बाहर सीवरेज के लिए गड्ढा खुदवाया और उसी में शव को दफनाने की योजना पहले से बना ली थी। 21 अप्रैल की रात को की गई हत्या 21-22 अप्रैल की रात घर में केवल भूप सिंह, उसकी बेटी काजल और बहू तनु मौजूद थे। पत्नी सोनिया शादी में शामिल होने यूपी गई हुई थी, जबकि बेटा अरुण कंपनी में ड्यूटी पर था। रात में जब सभी सो गए, तो भूप सिंह ने ऊपर के कमरे में जाकर सो रही तनु का चुन्नी से गला घोंट दिया। इसके बाद शव को उसी रात घर के बाहर खुदवाए गए गड्ढे में दबा दिया। रेप के बाद की गई हत्या का खुलासा पुलिस पूछताछ में भूप सिंह ने बताया कि हत्या से पहले तनु के पति अरुण ने उसके दूध में बेहोशी की दवा मिलाई थी। बेहोशी की हालत में अरुण ने उसके साथ रेप किया और बाद में चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। ऐसे खुला राज 23 अप्रैल को ससुराल वालों ने पुलिस को जानकारी दी कि तनु घर से लापता है। तलाश के दौरान तनु के पिता को घर के बाहर खोदे गए गड्ढे पर शक हुआ। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। जांच में जब पुलिस ने जेसीबी से खुदाई कराई, तो तनु का शव बरामद हो गया। तीन गिरफ्तार, पति अब भी फरार इस मामले में पुलिस अब तक ससुर भूप सिंह, सास सोनिया, और ननद काजल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लेकिन मुख्य आरोपी पति अरुण अब तक फरार है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मामला डीएलएफ क्राइम ब्रांच के पास है और आरोपी पति की तलाश जारी है। चार महीने बीतने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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Haryana: डीजीपी ओपी सिंह को देर रात आया बच्चे का फोन, पिता बोले-गलती से लग गया था; सिंह ने दी सलाह

हरियाणा पुलिस प्रमुख ओ.पी. सिंह ने एक बच्चे द्वारा देर रात को अचानक किए गए फोन कॉल को राज्यव्यापी जन-सुरक्षा परामर्श में बदल दिया है।

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करनाल के बॉबी का 5 रुपए में फिल्मी सफर:​​​​​​​दिल्ली स्टेशन पर लुटे, मुंबई में स्पॉटबॉय रहे; अब हरियाणवी बैकग्राउंड वाली बॉलीवुड फिल्म ला रहे

करनाल जिले के घरौंडा कस्बे से निकले बॉबी सिंह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। 17 साल की उम्र में हीरो बनने का सपना लेकर घर से भागे। रास्ते में लूट हुई, होटल में बर्तन मांजे। फिर स्टंटमैन बने। बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों संग काम किया। अब बॉबी सिंह सच्ची घटना पर आधारित फिल्म ‘सनम फिर मिलेंगे’ के प्रोड्यूसर हैं, जिसमें बॉलीवुड के कई नामी चेहरे नजर आएंगे। दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में बॉबी सिंह ने फिल्म को लेकर कई बातें शेयर कीं। बोले-“जब 17 साल की उम्र में घर छोड़ा था, तो वादा किया था कि कामयाब होकर लौटूंगा। अब वो वक्त आ गया है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज को सोचने पर मजबूर करेगी।” कहानी की हरियाणवी बैकग्राउंड है। बॉक्सर विजेंदर सिंह पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं। यशपाल शर्मा करैक्टर रोल में नजर आएंगे। फिल्म 26 मार्च को रिलीज करने की योजना है। फिल्म की हीरोइन हरियाणा से होंगी, अभी नाम का सस्पेंस रखा गया है। अब सिलसिलेवार पढ़ें.. 48 साल के लंबे सफर की कहानी स्पॉटबॉय से स्टंटमैन तक का सफर मुंबई में संघर्ष के दो साल बाद 1979 में उन्हें पहला मौका मिला। अभिनेता धर्मेंद्र के भाई और पंजाब के सुपरस्टार वीरेंद्र ने अपनी फिल्म लंबरदारनी में बॉबी को स्पॉट बॉय की नौकरी दी। इसी के बाद बॉबी ने दो साल तक निम्मो, सरपंच जैसी फिल्मों में भी काम किया। 1980 में बॉबी के बड़े भाई अशोक कुमार और रिश्तेदार रामचरण मुंबई आए और जुहू के समुद्र किनारे उन्हें ढूंढ निकाला। उन्होंने घर लौटने के लिए मनाया, लेकिन बॉबी का जवाब था, कामयाब होकर ही घर लौटूंगा। वह लौटे भी, लेकिन पांच साल बाद, जब पहचान मिल चुकी थी। 1981 में मूवी स्टंट एसोसिएशन से मिला कार्ड 1981 में बॉबी ने स्टंट मैन के रूप में आधिकारिक तौर पर फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री ली। मूवी स्टंट एसोसिएशन से कार्ड बनवाया और जल्द ही नाम कमाया। इसके बाद उन्होंने अजय देवगन के पिता वीरू देवगन के साथ 10 साल तक काम किया। धर्मेंद्र, संजय दत्त, सुनील दत्त, विनोद खन्ना, गोविंदा, मिथुन, जैकी श्रॉफ, जितेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारों के डुप्लीकेट बनकर सैकड़ों फिल्मों में एक्शन सीन किए। इसी दौरान उन्होंने कई कलाकारों को एक्शन ट्रेनिंग दी-अजय देवगन, गोविंदा, गोल्डी बेहल, बिंदू धारा सिंह, प्रोड्यूसर गोरंग दोषी, क्रिकेटर हरभजन सिंह की पत्नी गीता बसरा और अबू सलेम की पहली पत्नी मोनिका बेदी उनमें शामिल हैं। मधुमती अकादमी से सीखी एक्टिंग, अक्षय कुमार बने साथी 1989 में हीरो बनने के सपने को फिर से जगाने के लिए बॉबी ने मधुमती एक्टिंग अकादमी जॉइन की। वहां उनके साथ उस वक्त अक्षय कुमार, तब्बू, संजय कपूर और तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इंद्रजीत सिंह जैसे कलाकार भी पढ़ रहे थे। दो साल तक अकादमी में रहकर अभिनय सीखा, लेकिन हीरो नहीं बन पाए। बॉबी कहते हैं कि हर कोई मुझे स्टंटमैन के रूप में जानता था, इसलिए कोई प्रोड्यूसर रिस्क नहीं लेता था। अनिल कपूर भी कहते थे कि तुम्हारी पर्सनैलिटी हीरो जैसी है, पर किस्मत की अपनी कहानी होती है। 1992 में बने एक्शन डायरेक्टर, कई सुपरहिट फिल्में 1992 में बॉबी सिंह ने अपने करियर की नई शुरुआत की और एक्शन डायरेक्टर बने। उनकी पहली इंटरनेशनल फिल्म ‘बवंडर’ थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, पंजाबी और साउथ फिल्मों में एक्शन सीन डायरेक्ट किए। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन, मिथुन, गोविंदा, राजकुमार, जितेंद्र, विनोद खन्ना, जैकी श्रॉफ, दिलीप कुमार और संजीव कुमार जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। कई फिल्मों में उन्होंने निगेटिव रोल भी किए और अपनी प्रतिभा से दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों का दिल जीता। हरियाणवी इंडस्ट्री में भी जमाया नाम 2004 में बॉबी सिंह ने हरियाणवी इंडस्ट्री में कदम रखा। उन्होंने ‘बोरले आली’ नामक एल्बम को प्रोड्यूस किया। इसमें सोनू निगम, सुनिधि चौहान और शिव निगम जैसे बड़े सिंगर्स की आवाज शामिल थी। कुल सात गाने थे और इसे सोनो टेक कंपनी ने रिलीज किया था। इस एल्बम के जरिए हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में बॉबी ने पहचान बनाई। ‘सनम फिर मिलेंगे’, 18 साल की मेहनत, फिल्म तैयार 2012 से बॉबी सिंह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सनम फिर मिलेंगे’ पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कई साल इस स्क्रिप्ट पर रिसर्च की और आखिरकार इसे सच्ची घटनाओं पर आधारित एक ज्वलंत सामाजिक मुद्दे की फिल्म के रूप में तैयार किया। कहानी हरियाणा और नॉर्थ इंडिया की उस सामाजिक सोच पर आधारित है, जहां एक ही गांव या गोत्र के लड़के-लड़की की शादी पर रोक होती है। ऐसे रिश्ते करने वाले प्रेमियों की अक्सर गांव वाले हत्या कर देते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मरने के बाद वही प्रेमी अगली जिंदगी में उसी गांव में फिर जन्म लेते हैं और एक-दूसरे से मिलते हैं – यही वजह है कि फिल्म का नाम रखा गया ‘सनम फिर मिलेंगे’। बॉलीवुड सितारों से सजी फिल्म की स्टारकास्ट इस फिल्म में करण मलिक लीड एक्टर के रूप में नजर आएंगे और उनके साथ नई एक्ट्रेस होंगी। फिल्म के अन्य कलाकार बॉलीवुड के बड़े नाम हैं-अजय देवगन की स्पेशल अपीयरेंस, बॉक्सर विजेंदर सिंह पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में, आशुतोष राणा गेस्ट रोल में, जबकि यशपाल शर्मा एक्टर के पिता की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा यश टोंक, शहबाज खान, मुश्ताक खान, दयाल सिंह और बिंदू धारा सिंह भी अहम किरदारों में हैं। सात गाने रिकॉर्ड, मशहूर सिंगर्स ने दी आवाज ‘सनम फिर मिलेंगे’ के अब तक सात गाने रिकॉर्ड हो चुके हैं। इनमें जावेद अली, शान, पलक मुछाल, जानवी और अंतरा मित्रा जैसे मशहूर सिंगर्स ने अपनी आवाज दी है। फिल्म के म्यूजिक को लेकर इंडस्ट्री में पहले से चर्चा है।

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दिवाली के एक दिन पहले पानीपत में हत्या: मामा ने भांजे की गर्दन पर चाकू मारा, शराब के नशे में हुई थी कहासुनी

थाना मॉडल टाउन क्षेत्र में राजनगर में किराये के मकान में रह रहे मामा ने भांजे आसिम (20) की गर्दन पर चाकू से वार कर हत्या कर दी।

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हरियाणा दिवस पर मिल सकता है नया जिला:गोहाना-हांसी व डबवाली का दावा, 10 का प्रस्ताव आया; जनगणना के बाद परिसीमन

हरियाणा को जल्द ही नया जिला मिल सकता है। इसके लिए तीन दावे मजबूत हैं। सरकार भी 1 नवंबर 2025 को हरियाणा दिवस पर 23वां जिले की घोषणा करने की तैयारी में है। अभी तक सरकार के पास 10 नए जिले बनाने का प्रस्ताव आ चुका है। इनमें असंध, नारायणगढ़, मानेसर, पिहोवा, बरवाला, सफीदों, पटौदी, डबवाली, हांसी और गोहाना शामिल हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों का कहना है कि सबसे पहले गोहाना, हांसी और डबवाली में से किसी एक को जिला बनाने की घोषणा होगी। बाकी के लिए जनगणना के बाद फैसला लिया जाएगा। गोहाना अभी सोनीपत जिले में है। गोहाना को जिला बनाने पर सोनीपत, रोहतक और जींद की भौगोलिक स्थिति पर असर पड़ेगा। हांसी अभी हिसार जिले का हिस्सा है। वहीं, डबवाली अभी सिरसा जिले में है। डबवाली पंजाब की सीमा को छूता है। डबवाली को पहले ही पुलिस जिला बनाया जा चुका है। आखिरी बार साल 2016 में दादरी को जिला बनाया गया था। पहले दादरी भिवानी जिले का हिस्सा था। नए जिले के लिए 4 लाख आबादी जरूरी अब तक पुनर्गठन उप-समिति को 73 प्रस्ताव मिले हैं। इनमें 10 नए जिले, 14 उपमंडल, 4 तहसील और 27 उप-तहसील बनाने के प्रस्ताव हैं। नए जिले के लिए 125 से 200 गांव, 4 लाख से अधिक आबादी और 80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल होना जरूरी है।समिति ने बैठक कर उपमंडल, तहसील और उप-तहसील बनाने के लिए भी अलग-अलग मानदंड तय किए हैं। बैठक में लिए गए निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे। कैबिनेट सब-कमेटी की 5 बैठक हो चुकीं प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर पिछले दिनों कैबिनेट सब कमेटी बैठक हुई थी। इसकी अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की थी। मंत्री ने कहा था कि सरकार जनता व जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुसार प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन करने को प्रतिबद्ध है। कैबिनेट सब कमेटी की इस 5वीं बैठक में बतौर सदस्य शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा व कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे थे। यहां पढ़िए.. कब-कब जिले बने 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अलग प्रदेश बना। तब 7 जिले थे। इनमें अंबाला, जींद, हिसार, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, करनाल व रोहतक शामिल थे। 1972 में भिवानी व सोनीपत, 1973 में कुरुक्षेत्र, 1975 में सिरसा, 1979 में फरीदाबाद, 1989 में यमुनानगर, कैथल, रेवाड़ी, पानीपत जिले बनें।1995 में पंचकूला, 1996 में फतेहाबाद, 1997 में झज्जर, 2005 में नूंह, 2008 में पलवल, 2016 में चरखी दादरी को जिला बनाया गया। विधानसभा व लोकसभा सीटों का परिसीमन होगा हरियाणा में विधानसभा व लोकसभा सीटों का भी परिसीमन होना है। यह संभवत जनगणना का कार्य पूरा होने के बाद होगा। अभी प्रदेश में 90 विधानसभा हलके हैं और लोकसभा की 10 सीटें हैं। अनुमान है कि परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या 126 तक पहुंच सकती है, जबकि लोकसभा सीटें 14 हो सकती हैं। इससे पहले हरियाणा में साल 2007 में विधानसभा हलकों का परिसीमन हुआ था। तब विधानसभा सीटों की संख्या तो नहीं बढ़ी थी, लेकिन मर्जर के बाद कई हलके खत्म करने कुछ नए बनाए गए थे।

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Haryana Crime: खेत में मिला युवती का अधजला शव, मौके पर मचा हड़कंप, नहीं हो पाई शिनाख्त

पंजाब की सीमा से सटे नगला गांव के पास खेतों में शनिवार रात करीब डेढ़ बजे एक युवती का शव अधजली अवस्था में मिला।

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फतेहाबाद में चोरी का आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने पकड़ा, बाइक भी बरामद, कोर्ट में किया जाएगा पेश

टोहाना शहर पुलिस ने बाइक चोरी के एक मामले में आरोपी लवप्रीत सिंह को रविवार रात गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल भी बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। थाना शहर प्रभारी प्रहलाद ने बताया कि 19 अक्टूबर को वार्ड 19 निवासी राकेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। राकेश के अनुसार, 17 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:00 बजे उसकी हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। इस शिकायत के आधार पर थाना शहर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी ने स्वीकार की बात शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी लवप्रीत सिंह को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बाइक चोरी की वारदात को स्वीकार किया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी और मामले की विस्तृत जांच थाना शहर पुलिस द्वारा जारी है।

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Haryana: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार, बदमाश पर था 25 हजार रुपये इनाम

जिला महेंद्रगढ़ के एक बदमाश को अवैध हथियारों के साथ पकड़ने में कामयाबी मिली है। उसके पास देसी व विदेशी हथियार भी मिले हैं।

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दीवाली पर जगमगाया पानीपत:नगर निगम ने प्रमुख चौराहों को सजाया रंग-बिरंगी लाइटें से

पानीपत शहर दीवाली के मौके पर रोशनी से जगमगा हो गया। शहर के प्रमुख चौराहों को पहली बार रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। जिससे पूरा शहर उत्सव की चमक से भर गया। हर तरफ लाइटों की झिलमिलाहट ने लोगों का मन मोह लिया। नगर निगम की ओर से पानीपत के रेलवे मार्ग, हुडा सेक्टर-13-17 चौक, संजय चौक, देवी मंदिर चौक और इंसार बाजार रोड जैसे प्रमुख स्थानों को आकर्षक लाइटों से सजाया गया। शाम ढलते ही जब लाइटें एक साथ जलीं तो पूरा शहर किसी दुल्हन की तरह नजर आया। लाइटों की सुंदरता देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोग इन रंगीन रोशनी को देखकर रुक गए और मोबाइल में फोटो व वीडियो लेने लगे। बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया। लोगों ने नगर निगम के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि इस तरह की सजावट से त्योहार का उत्साह और बढ़ गया है। शहर में सुरक्षा के लिए पुलिस की टीमों को भी विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया। जिससे लोग शांति और सुरक्षित माहौल में दीवाली का आनंद ले सकें। नीचे तस्वीरों में देखें, कैसे दीवाली पर जगमगाया पानीपत शहर..

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मातम में बदली खुशियां: सड़क हादसे में युवक की मौत, नौ दिन बाद पढ़ाई के लिए जाना था विदेश

19 साल के युवक की सड़क हादसे में मौत का मामला सामने आया है। युवक पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाला था।

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