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सिरसा में महिला पर चाकू से हमला:पशुओं को संभालने गई थी, पड़ोसी दंपती ने पीटा, पति को धमकी दी

सिरसा में एक महिला पर पड़ोस के ही दंपती ने मिलकर पीट दिया। पड़ोसी महिला ने उस पर चाकू से हमला भी कर लिया, जिससे उसके सिर पर चोट लगी। दंपती ने घायल महिला के पति को भी धमकी दी है। महिला अपने पशुओं को संभालने के लिए गई थी। तभी उस पर हमला किया गया। अभी उसका सिविल अस्पताल से इलाज जारी है। घायल महिला के पति का कहना है कि महिला और उसके पति ने पहले भी उनके साथ झगड़ा किया था, उसका समझौता हो गया था। अब दोबारा उनके साथ झगड़ा कर लिया। इस मामले में पुलिस ने दंपती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पुलिस को दी शिकायत में बबली ने बताया कि वह चत्तरगढ पट्टी नाईवाली ढाणी की रहने वाली है। उसके दो बेटे हैं। शनिवार दोपहर ढाई बजे वह पशुओं को संभालने के लिए गई थी। उस समय एक कटड़ी खुले में हर चारा खा रही थी। पड़ोस की महिला नीलम ने उसे देख कटड़ी को ईंट मारी। जब उसने ईंट मारने के बारे में पूछा तो वह तैश में आ गई। धक्का लगने पर गिरी नीचे तो मारी लात घायल बबली ने बताया कि तभी नीलम का पति पवन आ गया और उसने उसे धक्का दे दिया। धक्का लगते ही वह गिर गई। पवन ने उसे लात मारी और उसकी पत्नी नीलम ने हाथ में लिए चाकू से उस पर वार कर दिया। उसके सिर पर गहरी चोट लगी। शोर-शराबे की आवाज सुनकर उसका पति आया और बीच-बचाव किया। पवन ने धमकी दी कि तु आज गच गई आईंदा मिली तो जान से मारूंगा। इसके बाद उसे अस्पताल में पहुंचाया और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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दीवाली की रात करनाल में दो जगह लगी आग:मंगल कॉलोनी के गोदाम और प्रेम नगर के घर में भड़की लपटें, फायर ब्रिगेड की तत्परता से टला बड़ा हादसा

करनाल में दीवाली की रात खुशियों के बीच दो जगहों पर आग लगने की घटनाओं से हड़कंप मच गया। पहली घटना मंगल कॉलोनी की है, जहां एक गोदाम में अचानक आग लग गई। वहीं दूसरी घटना प्रेम नगर इलाके की है, जहां एक घर में लपटें उठने से अफरा-तफरी मच गई। दोनों ही जगह फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और बड़ा हादसा होने से बचा लिया। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि एक जगह रॉकेट पटाखे से और दूसरी जगह मोमबत्ती से आग लगी होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मंगल कॉलोनी के गोदाम में दीवाली की रात लगी आग सोमवार देर रात जब शहरवासी दीवाली की रोशनी और आतिशबाजी का आनंद ले रहे थे, तभी मंगल कॉलोनी इलाके में एक गोदाम से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने गोदाम में रखे किरयाणा सामान को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं से भर गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग इतनी तेज थी कि लोग खुद बाल्टियां और पाइप लेकर उसे बुझाने में लग गए। कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल अफरा-तफरी में बदल गया। लोगों का कहना था कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंचती तो आसपास के मकानों तक आग फैल सकती थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने तेजी से पानी की बौछार शुरू की और आग को फैलने से रोक दिया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। पुलिस ने मौके को सील कर लिया और आसपास के लोगों को दूर रखा ताकि कोई घायल न हो। गोदाम मालिक ने बताया- आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा गोदाम मालिक ने बताया कि वह गुड़ मंडी इलाके में रहते हैं और आमतौर पर गोदाम पर नहीं जाते। रात करीब 9 बजे उन्हें फोन पर जानकारी मिली कि गोदाम में आग लग गई है, जिसके बाद वे तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि अंदर रखा अधिकतर सामान जलकर खाक हो गया, हालांकि कुछ सामान मजदूरों की मदद से बाहर निकाल लिया गया। डायल 112 के इंचार्ज कर्मबीर सिंह ने बताया कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। प्रारंभिक जांच में अनुमान है कि किसी ने दीवाली पर छोड़ा हुआ रॉकेट पटाखा गलती से गोदाम में जा गिरा, जिससे आग भड़क गई। फिलहाल पुलिस ने गोदाम मालिक की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। प्रेम नगर में भी देर रात लगी आग, लोग खुद बुझाने में जुटे इसी रात दूसरी ओर प्रेम नगर इलाके में भी आग लगने की घटना सामने आई। सोमवार देर रात अचानक एक घर से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते घर के अंदर रखा सामान जलने लगा। लोगों ने जब लपटें देखीं तो बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के दौरान घर के अंदर रखा फर्नीचर, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह जल गया। धुआं इतना गहरा था कि कोई अंदर नहीं जा पा रहा था। जब आग की लपटें कुछ कम हुईं, तब जाकर फायर ब्रिगेड ने अंदर घुसकर आग पर पूरी तरह काबू पाया। मोमबत्ती से लगी होने की संभावना जताई जा रही है स्थानीय निवासियों ने बताया कि घर के अंदर दीवाली की पूजा के बाद मोमबत्ती जल रही थी, जो संभवतः गिर गई और आग लग गई। पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच इसी दिशा में की जा रही है। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने घटनास्थल पर पूरी सावधानी से काम किया ताकि आग दोबारा न भड़के। पुलिस ने लोगों को आग के नजदीक जाने से रोका और इलाके को सुरक्षित किया। एचसी सुरेश कुमार ने बताया कि प्रेम नगर और मंगल कॉलोनी दोनों जगह आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

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पलवल बिजेंद्र हत्याकांड, हथियार देने वाला गिरफ्तार:CIA पुलिस ने UP से पकड़ा, 4 आरोपी पहले ही जेल में

पलवल जिले के काशीपुर गांव में हुए बिजेंद्र हत्याकांड में हथियार मुहैया कराने वाले एक आरोपी को सीआईए टीम ने 19-20 अक्टूबर की रात को गिरफ्तार किया है। आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से पकड़ा गया है। इस मामले में सीआईए पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो देसी कट्टे, एक पिस्तौल और एक बाइक भी बरामद की थी। सीआईए प्रभारी दीपक गुलिया ने बताया कि कैंप थाना पुलिस को दी गई शिकायत में काशीपुर निवासी श्यामवती ने बताया था कि 15 सितंबर को सुबह करीब दस बजे वह और उनके पति बिजेंद्र अपने घर से खेतों पर पशुओं का चारा लेने गए थे। लाठी डंडे से हमला जब वे चारा लेकर वापस लौट रहे थे, तभी गांव के पप्पू के बेटे दीपांशु व तुषार सहित कुलदीप, संदीप, गौरव, सौरव, किरीश, प्रवीण, सतबीर, विपिन, भगत सिंह, जयसिंह, परविंद्र, राजबीर, साहिल, राजवीर, ओमप्रकाश व गुलाब हाथों में अवैध हथियार, लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंच गए। दीपांशु, तुषार और कुलदीप ने अपने अवैध हथियारों से बिजेंद्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शिकायत के अनुसार, पति की हत्या करने के बाद हमलावर उनके घर पहुंचे और बेटे सचिन पर भी गोलियां चलाईं। सचिन को एक गोली लगी, जिसके बाद वह भागकर पड़ोसियों के घर में छिप गया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मथुरा से आरोपी अरेस्ट सीआईए प्रभारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के बाद टीम ने इस हत्याकांड में इस्तेमाल हुए हथियार उपलब्ध कराने वाले स्रोत की पहचान की। आरोपी को मथुरा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मथुरा निवासी सचिन कुंतल के रूप में हुई है। सचिन कुंतल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम हत्याकांड में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

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CCTV में रिकॉर्ड हुई हत्या की वारदात: थप्पड़ मारते ही त्याग दिए प्राण, एक माह पहले भी हुआ था आरोपी से झगड़ा

भिवानी के नया बाजार क्षेत्र में रामदत्त गली निवासी 45 वर्षीय अनिल की हत्या की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

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फरीदाबाद में पत्नी की हत्या, पति 4 माह से फरार:सीवरेज ​​​​​​​के लिए खोदे गड्ढे में दफना दिया था; ससुराल के 3 सदस्य जेल में

फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र के रोशन नगर में चार महीने पहले हुई विवाहिता की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी पति अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हत्या की वारदात को 21 अप्रैल को अंजाम दिया गया था, जबकि पुलिस ने 20 जून को घर के बाहर सीवरेज के लिए खोदे गए गड्ढे से महिला का शव बरामद किया था। मृतका की पहचान तनु (28) के रूप में हुई थी, जो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की रहने वाली थी। उसकी शादी साल 2023 में रोशन नगर निवासी अरुण के साथ हुई थी। अरुण का परिवार मूल रूप से यूपी के मैनपुरी का रहने वाला है और लंबे समय से रोशन नगर गली नंबर 1 के मकान नंबर 61 में रह रहा था। शादी के बाद शुरू हुआ विवाद तनु के पिता हाकिम के मुताबिक, उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर बेटी की शादी की थी, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वाले दहेज में और पैसे की मांग करते रहे। लगातार झगड़े के चलते तनु सितंबर 2023 में मायके चली गई थी। एक साल तक मायके में रहने के बाद अक्टूबर 2024 में पंचायत के हस्तक्षेप से उसे दोबारा ससुराल भेजा गया। हत्या से सात दिन पहले रची साजिश पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार ससुर भूप सिंह ने कबूल किया कि तनु और परिवार के बीच लगातार झगड़ों से वह परेशान था। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई। उसने घर के बाहर सीवरेज के लिए गड्ढा खुदवाया और उसी में शव को दफनाने की योजना पहले से बना ली थी। 21 अप्रैल की रात को की गई हत्या 21-22 अप्रैल की रात घर में केवल भूप सिंह, उसकी बेटी काजल और बहू तनु मौजूद थे। पत्नी सोनिया शादी में शामिल होने यूपी गई हुई थी, जबकि बेटा अरुण कंपनी में ड्यूटी पर था। रात में जब सभी सो गए, तो भूप सिंह ने ऊपर के कमरे में जाकर सो रही तनु का चुन्नी से गला घोंट दिया। इसके बाद शव को उसी रात घर के बाहर खुदवाए गए गड्ढे में दबा दिया। रेप के बाद की गई हत्या का खुलासा पुलिस पूछताछ में भूप सिंह ने बताया कि हत्या से पहले तनु के पति अरुण ने उसके दूध में बेहोशी की दवा मिलाई थी। बेहोशी की हालत में अरुण ने उसके साथ रेप किया और बाद में चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। ऐसे खुला राज 23 अप्रैल को ससुराल वालों ने पुलिस को जानकारी दी कि तनु घर से लापता है। तलाश के दौरान तनु के पिता को घर के बाहर खोदे गए गड्ढे पर शक हुआ। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। जांच में जब पुलिस ने जेसीबी से खुदाई कराई, तो तनु का शव बरामद हो गया। तीन गिरफ्तार, पति अब भी फरार इस मामले में पुलिस अब तक ससुर भूप सिंह, सास सोनिया, और ननद काजल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लेकिन मुख्य आरोपी पति अरुण अब तक फरार है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मामला डीएलएफ क्राइम ब्रांच के पास है और आरोपी पति की तलाश जारी है। चार महीने बीतने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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Haryana: डीजीपी ओपी सिंह को देर रात आया बच्चे का फोन, पिता बोले-गलती से लग गया था; सिंह ने दी सलाह

हरियाणा पुलिस प्रमुख ओ.पी. सिंह ने एक बच्चे द्वारा देर रात को अचानक किए गए फोन कॉल को राज्यव्यापी जन-सुरक्षा परामर्श में बदल दिया है।

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करनाल के बॉबी का 5 रुपए में फिल्मी सफर:​​​​​​​दिल्ली स्टेशन पर लुटे, मुंबई में स्पॉटबॉय रहे; अब हरियाणवी बैकग्राउंड वाली बॉलीवुड फिल्म ला रहे

करनाल जिले के घरौंडा कस्बे से निकले बॉबी सिंह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। 17 साल की उम्र में हीरो बनने का सपना लेकर घर से भागे। रास्ते में लूट हुई, होटल में बर्तन मांजे। फिर स्टंटमैन बने। बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों संग काम किया। अब बॉबी सिंह सच्ची घटना पर आधारित फिल्म ‘सनम फिर मिलेंगे’ के प्रोड्यूसर हैं, जिसमें बॉलीवुड के कई नामी चेहरे नजर आएंगे। दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में बॉबी सिंह ने फिल्म को लेकर कई बातें शेयर कीं। बोले-“जब 17 साल की उम्र में घर छोड़ा था, तो वादा किया था कि कामयाब होकर लौटूंगा। अब वो वक्त आ गया है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज को सोचने पर मजबूर करेगी।” कहानी की हरियाणवी बैकग्राउंड है। बॉक्सर विजेंदर सिंह पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं। यशपाल शर्मा करैक्टर रोल में नजर आएंगे। फिल्म 26 मार्च को रिलीज करने की योजना है। फिल्म की हीरोइन हरियाणा से होंगी, अभी नाम का सस्पेंस रखा गया है। अब सिलसिलेवार पढ़ें.. 48 साल के लंबे सफर की कहानी स्पॉटबॉय से स्टंटमैन तक का सफर मुंबई में संघर्ष के दो साल बाद 1979 में उन्हें पहला मौका मिला। अभिनेता धर्मेंद्र के भाई और पंजाब के सुपरस्टार वीरेंद्र ने अपनी फिल्म लंबरदारनी में बॉबी को स्पॉट बॉय की नौकरी दी। इसी के बाद बॉबी ने दो साल तक निम्मो, सरपंच जैसी फिल्मों में भी काम किया। 1980 में बॉबी के बड़े भाई अशोक कुमार और रिश्तेदार रामचरण मुंबई आए और जुहू के समुद्र किनारे उन्हें ढूंढ निकाला। उन्होंने घर लौटने के लिए मनाया, लेकिन बॉबी का जवाब था, कामयाब होकर ही घर लौटूंगा। वह लौटे भी, लेकिन पांच साल बाद, जब पहचान मिल चुकी थी। 1981 में मूवी स्टंट एसोसिएशन से मिला कार्ड 1981 में बॉबी ने स्टंट मैन के रूप में आधिकारिक तौर पर फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री ली। मूवी स्टंट एसोसिएशन से कार्ड बनवाया और जल्द ही नाम कमाया। इसके बाद उन्होंने अजय देवगन के पिता वीरू देवगन के साथ 10 साल तक काम किया। धर्मेंद्र, संजय दत्त, सुनील दत्त, विनोद खन्ना, गोविंदा, मिथुन, जैकी श्रॉफ, जितेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारों के डुप्लीकेट बनकर सैकड़ों फिल्मों में एक्शन सीन किए। इसी दौरान उन्होंने कई कलाकारों को एक्शन ट्रेनिंग दी-अजय देवगन, गोविंदा, गोल्डी बेहल, बिंदू धारा सिंह, प्रोड्यूसर गोरंग दोषी, क्रिकेटर हरभजन सिंह की पत्नी गीता बसरा और अबू सलेम की पहली पत्नी मोनिका बेदी उनमें शामिल हैं। मधुमती अकादमी से सीखी एक्टिंग, अक्षय कुमार बने साथी 1989 में हीरो बनने के सपने को फिर से जगाने के लिए बॉबी ने मधुमती एक्टिंग अकादमी जॉइन की। वहां उनके साथ उस वक्त अक्षय कुमार, तब्बू, संजय कपूर और तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इंद्रजीत सिंह जैसे कलाकार भी पढ़ रहे थे। दो साल तक अकादमी में रहकर अभिनय सीखा, लेकिन हीरो नहीं बन पाए। बॉबी कहते हैं कि हर कोई मुझे स्टंटमैन के रूप में जानता था, इसलिए कोई प्रोड्यूसर रिस्क नहीं लेता था। अनिल कपूर भी कहते थे कि तुम्हारी पर्सनैलिटी हीरो जैसी है, पर किस्मत की अपनी कहानी होती है। 1992 में बने एक्शन डायरेक्टर, कई सुपरहिट फिल्में 1992 में बॉबी सिंह ने अपने करियर की नई शुरुआत की और एक्शन डायरेक्टर बने। उनकी पहली इंटरनेशनल फिल्म ‘बवंडर’ थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, पंजाबी और साउथ फिल्मों में एक्शन सीन डायरेक्ट किए। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन, मिथुन, गोविंदा, राजकुमार, जितेंद्र, विनोद खन्ना, जैकी श्रॉफ, दिलीप कुमार और संजीव कुमार जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। कई फिल्मों में उन्होंने निगेटिव रोल भी किए और अपनी प्रतिभा से दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों का दिल जीता। हरियाणवी इंडस्ट्री में भी जमाया नाम 2004 में बॉबी सिंह ने हरियाणवी इंडस्ट्री में कदम रखा। उन्होंने ‘बोरले आली’ नामक एल्बम को प्रोड्यूस किया। इसमें सोनू निगम, सुनिधि चौहान और शिव निगम जैसे बड़े सिंगर्स की आवाज शामिल थी। कुल सात गाने थे और इसे सोनो टेक कंपनी ने रिलीज किया था। इस एल्बम के जरिए हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में बॉबी ने पहचान बनाई। ‘सनम फिर मिलेंगे’, 18 साल की मेहनत, फिल्म तैयार 2012 से बॉबी सिंह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सनम फिर मिलेंगे’ पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कई साल इस स्क्रिप्ट पर रिसर्च की और आखिरकार इसे सच्ची घटनाओं पर आधारित एक ज्वलंत सामाजिक मुद्दे की फिल्म के रूप में तैयार किया। कहानी हरियाणा और नॉर्थ इंडिया की उस सामाजिक सोच पर आधारित है, जहां एक ही गांव या गोत्र के लड़के-लड़की की शादी पर रोक होती है। ऐसे रिश्ते करने वाले प्रेमियों की अक्सर गांव वाले हत्या कर देते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मरने के बाद वही प्रेमी अगली जिंदगी में उसी गांव में फिर जन्म लेते हैं और एक-दूसरे से मिलते हैं – यही वजह है कि फिल्म का नाम रखा गया ‘सनम फिर मिलेंगे’। बॉलीवुड सितारों से सजी फिल्म की स्टारकास्ट इस फिल्म में करण मलिक लीड एक्टर के रूप में नजर आएंगे और उनके साथ नई एक्ट्रेस होंगी। फिल्म के अन्य कलाकार बॉलीवुड के बड़े नाम हैं-अजय देवगन की स्पेशल अपीयरेंस, बॉक्सर विजेंदर सिंह पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका में, आशुतोष राणा गेस्ट रोल में, जबकि यशपाल शर्मा एक्टर के पिता की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा यश टोंक, शहबाज खान, मुश्ताक खान, दयाल सिंह और बिंदू धारा सिंह भी अहम किरदारों में हैं। सात गाने रिकॉर्ड, मशहूर सिंगर्स ने दी आवाज ‘सनम फिर मिलेंगे’ के अब तक सात गाने रिकॉर्ड हो चुके हैं। इनमें जावेद अली, शान, पलक मुछाल, जानवी और अंतरा मित्रा जैसे मशहूर सिंगर्स ने अपनी आवाज दी है। फिल्म के म्यूजिक को लेकर इंडस्ट्री में पहले से चर्चा है।

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दिवाली के एक दिन पहले पानीपत में हत्या: मामा ने भांजे की गर्दन पर चाकू मारा, शराब के नशे में हुई थी कहासुनी

थाना मॉडल टाउन क्षेत्र में राजनगर में किराये के मकान में रह रहे मामा ने भांजे आसिम (20) की गर्दन पर चाकू से वार कर हत्या कर दी।

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हरियाणा दिवस पर मिल सकता है नया जिला:गोहाना-हांसी व डबवाली का दावा, 10 का प्रस्ताव आया; जनगणना के बाद परिसीमन

हरियाणा को जल्द ही नया जिला मिल सकता है। इसके लिए तीन दावे मजबूत हैं। सरकार भी 1 नवंबर 2025 को हरियाणा दिवस पर 23वां जिले की घोषणा करने की तैयारी में है। अभी तक सरकार के पास 10 नए जिले बनाने का प्रस्ताव आ चुका है। इनमें असंध, नारायणगढ़, मानेसर, पिहोवा, बरवाला, सफीदों, पटौदी, डबवाली, हांसी और गोहाना शामिल हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों का कहना है कि सबसे पहले गोहाना, हांसी और डबवाली में से किसी एक को जिला बनाने की घोषणा होगी। बाकी के लिए जनगणना के बाद फैसला लिया जाएगा। गोहाना अभी सोनीपत जिले में है। गोहाना को जिला बनाने पर सोनीपत, रोहतक और जींद की भौगोलिक स्थिति पर असर पड़ेगा। हांसी अभी हिसार जिले का हिस्सा है। वहीं, डबवाली अभी सिरसा जिले में है। डबवाली पंजाब की सीमा को छूता है। डबवाली को पहले ही पुलिस जिला बनाया जा चुका है। आखिरी बार साल 2016 में दादरी को जिला बनाया गया था। पहले दादरी भिवानी जिले का हिस्सा था। नए जिले के लिए 4 लाख आबादी जरूरी अब तक पुनर्गठन उप-समिति को 73 प्रस्ताव मिले हैं। इनमें 10 नए जिले, 14 उपमंडल, 4 तहसील और 27 उप-तहसील बनाने के प्रस्ताव हैं। नए जिले के लिए 125 से 200 गांव, 4 लाख से अधिक आबादी और 80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल होना जरूरी है।समिति ने बैठक कर उपमंडल, तहसील और उप-तहसील बनाने के लिए भी अलग-अलग मानदंड तय किए हैं। बैठक में लिए गए निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे। कैबिनेट सब-कमेटी की 5 बैठक हो चुकीं प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर पिछले दिनों कैबिनेट सब कमेटी बैठक हुई थी। इसकी अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की थी। मंत्री ने कहा था कि सरकार जनता व जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुसार प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन करने को प्रतिबद्ध है। कैबिनेट सब कमेटी की इस 5वीं बैठक में बतौर सदस्य शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा व कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे थे। यहां पढ़िए.. कब-कब जिले बने 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अलग प्रदेश बना। तब 7 जिले थे। इनमें अंबाला, जींद, हिसार, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, करनाल व रोहतक शामिल थे। 1972 में भिवानी व सोनीपत, 1973 में कुरुक्षेत्र, 1975 में सिरसा, 1979 में फरीदाबाद, 1989 में यमुनानगर, कैथल, रेवाड़ी, पानीपत जिले बनें।1995 में पंचकूला, 1996 में फतेहाबाद, 1997 में झज्जर, 2005 में नूंह, 2008 में पलवल, 2016 में चरखी दादरी को जिला बनाया गया। विधानसभा व लोकसभा सीटों का परिसीमन होगा हरियाणा में विधानसभा व लोकसभा सीटों का भी परिसीमन होना है। यह संभवत जनगणना का कार्य पूरा होने के बाद होगा। अभी प्रदेश में 90 विधानसभा हलके हैं और लोकसभा की 10 सीटें हैं। अनुमान है कि परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या 126 तक पहुंच सकती है, जबकि लोकसभा सीटें 14 हो सकती हैं। इससे पहले हरियाणा में साल 2007 में विधानसभा हलकों का परिसीमन हुआ था। तब विधानसभा सीटों की संख्या तो नहीं बढ़ी थी, लेकिन मर्जर के बाद कई हलके खत्म करने कुछ नए बनाए गए थे।

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