ADGP Suicide Case: लैपटॉप से सामने आएगा एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या का सच? परिवार ने पुलिस को दिया
एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने मृतक का लैपटॉप कब्जे में ले लिया।
एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने मृतक का लैपटॉप कब्जे में ले लिया।
बहादुरगढ़ में दीपावली के त्योहार से पहले बहादुरगढ़ प्रशासन ने ग्रीन पटाखों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। प्रशासन ने इसके लिए अंबेडकर स्टेडियम को निर्धारित स्थल घोषित किया है, जहां पर सीमित संख्या में स्टॉल लगाए जाएंगे। स्टेडियम में पटाखों की दुकान लगाने के इच्छुक विक्रेताओं को एसडीएम कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के RO शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि सु्प्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री की ही अनुमति दी गई है। पारंपरिक या प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। पटाखा विक्रेताओं को निर्धारित फीस भरकर अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। ये लाइसेंस केवल सीमित अवधि के लिए मान्य होंगे और दीपावली पर्व समाप्त होते ही स्वतः निरस्त माने जाएंगे। स्टेडियम परिसर में अग्निशमन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे एसडीएम बहादुरगढ़ नसीब कुमार ने बताया कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत लिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण के दृष्टिकोण से केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी है। प्रशासन ने सुरक्षा और पर्यावरण दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अंबेडकर स्टेडियम को बिक्री स्थल के रूप में चुना है, ताकि शहर के अन्य हिस्सों में अव्यवस्था या प्रदूषण की स्थिति न बने। स्टेडियम परिसर में अग्निशमन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि हर विक्रेता को सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा, जैसे अग्निशमन यंत्र रखना, दूरी के नियमों का पालन करना और केवल अधिकृत सप्लायरों से पटाखे लेना। HSPCB के RO ने प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने की अपील की HSPCB के RO शैलेंद्र अरोड़ा ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल ग्रीन पटाखों का ही उपयोग करें और सुरक्षित दूरी से इन्हें जलाएं। दीपावली के दौरान पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की गई है।
रोहतक बाजार से खरीदारी कर स्कूटी से भिवानी जिले के गांव मिताथल लौट रही मां बेटी की किशनगढ़ के समीप ट्रक से कुचले जाने से मौके पर ही मौत हो गई।
पानीपत के महाराणा पेट्रोल पंप के पास बीती रात करीब 8:30 बजे एक सड़क हादसे में युवक पवन कुमार कश्यप (नौल्था गांव) की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पवन अपनी बाइक से ट्रक के साइड से टकराकर गिर गया। इस दौरान वह ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। दो बेटियों का पिता था युवक पवन एक ईंट भट्टे पर ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। वह दिवाली के लिए सामान खरीदने पानीपत गया था। पवन शादीशुदा था और अपने पीछे दो छोटी बेटियां छोड़ गया। मामले की जांच कर रही पुलिस राहगीरों ने बाइक की आरसी से मृतक का पता लगाने का प्रयास किया। बाद में नौल्था भाईचारा ग्रुप में वीडियो साझा होने पर परिवार मौके पर पहुंचा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पानीपत सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में पोस्टमॉर्टम के लिए रखवाया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
हरियाणा-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर पहरा देकर भारतीय किसान यूनियन ने शनिवार देर रात धान से भरे 150 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां व ट्रक पकड़े।
हरियाणा के नारनौल में बेलेनो गाड़ी ड्राइवर ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में पति-पत्नी व पुत्री घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां पर उनका इलाज चल रहा है। कनीना के गांव भालखी निवासी प्रमोद कुमार बीते कल शाम को करीब तीन बजे अपनी पत्नी प्रिया व बेटी पायल के साथ बाइक पर सवार होकर नारनौल से घर का सामान लेकर वापस अपने गांव जा रहा था। इस दौरान मित्रपुरा मोड़ पर जब वे रोड क्रॉस कर रहे थे तो एक बेलेनो कार ड्राइवर ने उसकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी। जिसके कारण तीनों बाइक से दूर जा गिरे। टक्कर की वजह से तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वहां पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने प्राइवेट गाड़ी को रुकवाकर उनको एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उनका इलाज चल रहा है। हादसे में बाइक को भी काफी नुकसान हुआ है। वहीं सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी गाड़ी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद गाड़ी चालक मौके से फरार हो गया।
दिवाली से पहले ही प्रदेश की आबेहवा बिगड़ने लगी है।
त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। अंबाला कैंट स्टेशन से बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली ज्यादातर ट्रेनों में सीटें पूरी तरह फुल हैं। स्थिति यह है कि कई यात्री मजबूरी में जनरल टिकट लेकर एसी और स्लीपर कोच में सफर करने को मजबूर हैं। रेलवे पुलिस और टीटीई के बार-बार समझाने के बावजूद यात्री किसी तरह घर पहुंचने की जिद पर अड़े हैं। अंबाला कैंट स्टेशन पर शनिवार और रविवार को पटना, दरभंगा, भागलपुर, सहरसा और गोरखपुर जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। प्लेटफॉर्म पर यात्री फर्श तक बैठे नजर आए। कई लोग ट्रेनों में चढ़ने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से अंदर जाने की कोशिश करते दिखे। त्योहारों के चलते इन ट्रेनों में आरक्षित सीटें कई दिन पहले ही खत्म हो चुकी हैं। सीनियर डीसीएम एनके झा ने बताया कि अंबाला से होकर जाने वाली गरीब रथ, अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस, जन सेवा एक्सप्रेस, अवध असम एक्सप्रेस और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची 200 से ऊपर पहुंच गई है। स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने और विशेष ट्रेनें चलाने के प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन भीड़ के हिसाब से यह इंतजाम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। यात्रियों ने बताया कि घर जाने के लिए वे कई दिनों से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा। कुछ लोग बसों का रुख कर रहे हैं, जहां किराया कई गुना बढ़ चुका है। वहीं, जो लोग जनरल टिकट लेकर सफर कर रहे हैं, वे एसी और स्लीपर कोच में टीटीई से बहस करते नजर आए। रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे जनरल टिकट पर आरक्षित डिब्बों में यात्रा न करें, क्योंकि इससे न केवल अव्यवस्था बढ़ती है बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा रहता है। त्योहारों को देखते हुए स्टेशन पर अतिरिक्त पुलिस बल और रेलवे स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी प्रकार की अफरा-तफरी न हो। डीआरएम विनोद भाटिया ने बताया कि यदि अधिक भीड़ बढ़ती है तो स्टेशन पर व्यापक प्रबंध किए जाएंगे। जिससे यात्रियों को असुविधाना हो रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुविधाओं के लिए प्रतिबद्ध है।
डिलिवरी के दौरान नवजात की मौत से हंगामा मच गया। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
करनाल में एक महिला ने अपनी सगी बहन की जबरन शादी कराने, एफडी की रकम हड़पने और विरोध करने पर हमला करने का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर बताया कि दोषियों ने पहले 14 साल की नाबालिग बहन की शादी पैसों के लालच में करवाई और फिर पति की एक्सीडेंट में मौत हुई तो अब दोबारा नाबालिग की शादी का दबाव बना रहे हैं। जब शिकायत देने वे करनाल पहुंचीं तो आरोपियों ने तहसील गेट पर उनके साथ मारपीट की और बहन को जबरन उठाने की कोशिश की। बहन की जबरन शादी और पैसों का खेल करनाल के गांव उचानी निवासी महिला ने बताया कि उसके परिवार में तीन बहनें और दो भाई हैं। माता-पिता की मृत्यु के बाद उनके नाम पर क्लेम राशि आई थी, जिसमें से बड़ी बहन ने शादी के समय एफडी तुड़वाकर अपने हिस्से की रकम ले ली थी। महिला की बड़ी बहन कविता की शादी 2016 में सोनू नामक व्यक्ति से हुई थी। इसके बाद 2020 में शिकायतकर्ता की अपनी शादी हो गई। महिला का आरोप है कि उसकी बड़ी बहन कविता ने अपने पति सोनू और अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर सबसे छोटी बहन बिंदु की शादी पैसे लेकर करवा दी। बिंदु की उम्र उस समय नाबालिग थी, जबकि उसका पति करीब 37 वर्ष का था। इस शादी के बदले में आरोपियों ने एक सोने की अंगूठी और नकद राशि ली थी। शिकायत के मुताबिक यह शादी पूरी तरह पैसों के लालच में करवाई गई थी। एफडी लौटाने के नाम पर वसूले 50 हजार रुपए पीड़िता ने बताया कि बिंदु की एफडी भी आरोपी कविता ने अपनी सहयोगी हरप्रीत के पास रखी हुई थी। जब परिवार ने वह एफडी मांगी तो आरोपियों ने 50 हजार रुपए लेकर वह रकम वापस की। इसके बाद बिंदु के पति की मौत 4 मार्च 2025 को हो गई। पति की मौत के बाद भी दोषियों ने बिंदु की दूसरी शादी करवाने की साजिश रची और उसे जबरदस्ती शादी के लिए तैयार करने लगे। महिला ने बताया कि जब उन्होंने और उनके परिवार ने इस पर ऐतराज किया तो आरोपियों ने लड़ाई-झगड़ा किया। यह मामला नीलोखेड़ी में पंचायत तक पहुंचा, जहां सभी की सहमति से बिंदु को उसके मायके ले जाया गया क्योंकि उस समय भी वह सिर्फ 17 साल की थी। रिश्तेदार ने नाबालिग से गलत काम की कोशिश की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोषी सोनू, जो रिश्ते में जीजा लगता है, ने बिंदु के साथ गलत काम करने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद परिवार ने बिंदु को उसके साथ रहने से मना किया, लेकिन दोषी पक्ष उस पर लगातार दबाव बनाता रहा। महिला के अनुसार, अब वही लोग बिंदु की शादी हरप्रीत के भाई के साथ कराने का दबाव बना रहे हैं। जब भी परिवार इसका विरोध करता है, तो आरोपियों की तरफ से गाली-गलौज और धमकी दी जाती है। शिकायत देने पहुंची तो तहसील गेट पर हमला महिला ने बताया कि 18 अक्टूबर 2025 को वह अपनी बहन बिंदु और अन्य परिजनों के साथ एसपी ऑफिस करनाल में शिकायत देने पहुंची थी। जैसे ही वे तहसील कार्यालय के गेट पर पहुंचे, तो दोषियों ने साजिश के तहत उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बिंदु को जबरदस्ती उठाकर ले जाने की कोशिश की। जब परिवार ने विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। परिवार को जान का खतरा, पुलिस कार्रवाई की मांग पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक करनाल को दी शिकायत में कहा कि उन्हें और उनके परिवार को आरोपियों से जान-माल का खतरा है। सभी आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और किसी भी समय उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और परिवार को सुरक्षा प्रदान करे। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति नाबालिग लड़कियों की शादी पैसों के लालच में करवाने की हिम्मत न करे। परिवार की सुरक्षा और न्याय की गुहार शिकायत में यह भी अनुरोध किया कि पुलिस न केवल मुकदमा दर्ज करे, बल्कि आरोपियों की निगरानी भी करे ताकि वे किसी अनहोनी को अंजाम न दे सकें। परिवार ने कहा कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती, तो आरोपियों के हौसले और बढ़ सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा और नाबालिग बिंदु को सुरक्षित माहौल में रखा जाएगा।