Haryana Weather: अब रात के तापमान में आएगी गिरावट, 14 तक मौसम रहेगा साफ; सरसों की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल
पश्चिम विक्षोभ का असर वीरवार को खत्म हो गया। शुक्रवार से मौसम साफ व शुष्क रहेगा।
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नूंह जिले में वाल्मीकि जयंती इस बार भव्य तरीके से मनाई जाएगी। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मीडिया कोऑर्डिनेटर मुकेश वशिष्ठ ने बताया कि इस बार नूंह जिले में महर्षि वाल्मीकि जयंती को भव्य तरीके से मनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही है। यह पहली बार होगा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी महर्षि वाल्मीकि जयंती को मनाने के लिए नूंह पहुंच रहे है। जानकारी देंगे कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी मुकेश वशिष्ठ ने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम के रूपरेखा तय कर ली गई है। यह जयंती नूंह में प्रदेश स्तरीय मनाई जाएगी। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देने के लिए आज नूंह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी नूंह पहुंचेंगे। लघु सचिवालय में पत्रकार वार्ता का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें कार्यक्रम से संबंधित संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। मुकेश वशिष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार द्वारा संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना चलाई जा रही है। इस परंपरा के शुरू होने से सामाजिक समरसता और महान संतों की गौरव गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने समाज के महापुरुषों को याद नहीं करेंगे तो हमारी सभ्यता के महत्वपूर्ण पहलू इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएंगे।
अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में रहने वाले एडीजीपी वाईपूर्ण कुमार मनीषा मामले भी सुखिर्यों में रहे थे।
राजवीर जवंदा का आखिरी गीत भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके सड़क हादसे से दो दिन पहले 25 सितंबर को ही उनका रोमैंटिक गीत ‘तूं दिस पैंदा’ गीत को यू ट्यूब पर रिलीज हुआ था। 5 मिंट 48 सेकेंड के इस गीत में राजवीर जवंदा पुलिस अधिकारी बने हैं, और उनके नीचे की पुलिस अफसर महिला उनके प्यार में पड़ी हुई दिखाई गई है। गाने की शुरूयात में ही पुलिस नाके पर तीन मोटरसाइकिल सवार सड़क पर गिरते दिखाए गए हैं, जब पुलिस कर्मचारी उन्हें पीटने लगते हैं तो वहां जवंदा आते हैं और उन्हें पिटने से बचा लेते हैं। इस दौरान एक कर्मचारी उन गिरे हुए युवकों को हेलमेट देते हुए दिखाया गया है। जिसमें सीख दी हुई गई है कि मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट पहनना चाहिए ताकि हादसे से बचा जा सके। इसके दो दिन बाद ही हिमाचल प्रदेश में राजवीर जवंदा खुद मोटरसाइकिल पर हादसे का शिकार हो गए और गंभीर घायल होने के बाद उनका बुधवार को देहांत हो गया है। इसके अलावा उनका तीन साल पहले आया गाना ‘मरे पुत नहीं भुलदियां मावां, रोटी खानी भुल जांदियां’ भी इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। जिसे अब उनकी मा के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। पांच साल पहले बना यूट्यूब चैनल, 52 वीडियो डालीं, कइयों के मिलियन व्यूज राजवीर जवंदा को यूट्यूब चैनल पांच वर्ष पहले उनके ही नाम पर बना था। इस पर 52 वीडियो डली हुई हैं। इनमें से कुछेक उनकी प्रमोशन के और ज्यादातर गानों की वीडियो हैं। हाल ही में 25 सितंबर को रिलीज हुए उनके आखिरी गीत को करीबन 33 लाख लोगों ने देखा है। उनके इस आखिरी गीत की ऑडियो लेकर बड़ी संख्या में लोग रील्स भी बना रहे हैं और इस पर लाखों व्यूज भी आ रहे हैं। इस गीत के अलावा यू ट्यूब पर उनके गीतों के मिलियन व्यूज हैं। पालीवुड में सोग, रद्द हो रहे कई कार्यक्रम पंजाबी गायक राजवीर जवंदा के देहांत के बाद पूरा पालीवुड सोग में है। छोटे से लेकर बड़े गायकों और फिल्मी सितरों की तरफ से उनके लिए सोशल मीडिया पर और व्यक्तिगत तौर पर अस्पताल या उनके घर पहुंचकर उनके परिवार से दुख सांझा किया है। इसके अलावा पालीवुड के कई कार्यक्रम भी रद्द किए गए हैं। आज सोहने वे चीरे वालिया पंजाबी फिल्म की स्टार कास्ट का पटियाला में फिल्म प्रमोशन का कार्यक्रम था। जिसे रद्द कर दिया गया। फिल्म के राइटर व पंजाबी लोक गायक बीर सिंह ने बातचीत करते हुए कहा कि राजवीर जवंदा के जाने से सोग की लहर है। हमने अपनी फिल्म की प्रमोशन भी रोक दी है। फिल्म के लिए वीरवार को प्रिमियर भी रखा या था, जिसे भी रद्द कर दिया गया है। उनका कहना है कि हमने अपना चमकता हुआ सितारा खोया है और यह कभी ना पूरा होने वाला घाटा पड़ा है। बीर सिंह कहते हैं कि उनका पर्सनल राजवीर जवंदा के साथ निजी तालुकात थे।
आईजी के सुरक्षा कर्मी सुशील कुमार के खिलाफ जबरन वसूली का आरोपी लगाने वाले शराब ठेकेदार के बयानों से नया खुलासा हुआ है।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में इस बार बाजरे की सरकारी खरीद नहीं हो रही है। निजी खरीद एजेंसी द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य से कम दाम में खरीदा जा रहा है। ऐसे में किसान बाजरे को लेकर परेशान हैं। सरकारी एजेंसी ने केवल बाजरे के सैंपल ही लिए हैं। वहीं प्राइवेट एजेंसी इसको कम दामों में खरीद रहे हैं। सरकार द्वारा बाजरे की खरीद का कार्य शुरू किया गया है। नई मंडी में बाजरे की खरीद के लिए एजेंसियां निर्धारित की गई हैं। जहां पर बाजरे की सरकारी खरीद हो रही है। मगर इस बार बारिश अधिक होने के कारण बाजरा खराब हो गया। जिसकी वजह से सरकारी खरीद एजेंसी किसानों द्वारा लाए गए बाजरे को रिजेक्ट कर रही हैं। कम दाम में खरीद रहे बाजारा गांव मंडलाना निवासी किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि वैसे तो बाजरा की एमएसपी 2 हजार 775 रुपए प्रति क्विंटल है, मगर यहां पर जब वे बाजरा लेकर आए तो यहां पर उसके बाजरे के दाम प्राइवेट एजेंसी ने 1700 रुपए प्रति क्विंटल लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खरीद के नाम पर ढकोसला कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को 2 हजार 775 रुपए नहीं मिल रहे। उन्होंने बताया कि कितना भी बढ़िया बाजरा हो, 1800 से ऊपर ले ही नहीं रहे। नहीं मिल रहा भावांतर बाजरा बेचने आई महिला किसान शशि यादव ने बताया कि किसान 5 से 6 दिन तक मंडियों में पड़ा रहता है, मगर उनकी फसल नहीं खरीदी जा रही। उन्होंने कहा कि उनको न तो कोई भावांतर मिल रहा है, और न ही कोई मुआवजा मिला। सरकार एमएसपी पर खरीद करें और भावांतर स्कीम के तहत किसानों को उसकी फसल की भरपाई करें। सरकारी एजेंसी नहीं रही खरीद नारनौल अनाज मंडी में अपना बाजार लेकर पहुंचे किसानों का साफ तौर पर कहना है कि सरकार ने बाजरे को 2 हजार 775 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने की बात कही गई थी, लेकिन अब सरकारी एजेंसियां बाजार नहीं खरीद रही हैं। वहीं सरकार ने भावांतर की बात कही की जो किसान जे फार्म के द्वारा अपना बाजार बचेगा उसे भावांतर मिलेगा लेकिन प्राइवेट व्यापारी उनका बाजार 1800 से लेकर 2 हजार तक प्रति क्विंटल ही खरीद रहे हैं। मार्केट कमेटी सचिव बोलीं-भी तैयारियां पूरी हैं वहीं मार्केट कमेटी सचिव नकुल यादव का कहना है की मार्केट कमेटी द्वारा सभी तैयारियां पूरी हैं, सरकारी एजेंसी भी बाजार खरीदने के लिए पहुंच रही हैं, लेकिन जो बाजरा अब तक मंडी में आया है वह खराब होने के कारण एजेंसी द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया। जिसके चलते सरकारी खरीद नहीं हो पाई है अब तक तकरीबन 50 से 60 बाजरे की ढेरियां रिजेक्ट की गई हैं। अगर कोई बाजार सही पैमाने पर पास होता है तो उसे सरकारी एजेंसी द्वारा खरीदा जाएगा।
हरियाणा सरकार और जापान की प्रसिद्ध कंपनी डाइकिन इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बीच बुधवार को ओसाका में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
पानीपत जिले में पुलिस के सामने भी दबंग लोग अपनी दबंगई कम नहीं कर रहे है। पुलिस के सामने थाने में दबंग लोगों ने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट कर दी। शहर के सेक्टर-24 स्थित कॉलोनी में बुधवार शाम मरम्मत कार्य के दौरान फेंकी मिट्टी को लेकर विवाद बढ़ गया। मकान मालिक और उसके साथियों ने ड्राई क्लीनर दुकानदार पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं जब पुलिस ने तीनों को थाने लाकर पूछताछ शुरू की तो उन्होंने पुलिस के सामने ही दुकानदार को फिर से घसीटकर उसकी पिटाई कर दी। शिकायतकर्ता महक सिंह ने बताया कि उनकी सेक्टर-24 की कॉलोनी में महेंद्र के मकान में मरम्मत का कार्य चल रहा था। मकान के सामने उनकी ड्राई क्लीन की दुकान है। बुधवार दोपहर महक सिंह अपनी दुकान के बाहर कपड़े सूखा रहे थे। इस दौरान ऊपर से मिस्त्री डस्ट और मलबा नीचे फेंक रहे थे। जिससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। दुकानदार को विरोध करना पड़ा भारी दुकानदार महक सिंह ने जब इसका विरोध किया तो महेंद्र, सुमित और लवनीत उससे झगड़ा करने लगे। देखते ही देखते तीनों ने मिलकर महक सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच महेंद्र ने ऊपर से ईंट फेंक दी। ईंट सीधे महक सिंह के सिर पर लगी। ईंट लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। पत्नी थाने शिकायत करने गई, तब पहुंची पुलिस घटना के बाद महक सिंह की पत्नी सरिता ने तुरंत चांदनी बाग थाने पहुंचकर शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को मौके से पकड़ लिया और थाने ले आई। लेकिन थाने में भी तीनों की दबंगई जारी रही। उन्होंने पुलिसकर्मियों के सामने ही महक सिंह को घसीटकर फिर से पीट दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी के सामने ही दबंग पीटते रहे। चांदनी बाग थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप ने बताया कि महेंद्र, सुमित और लवनीत तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घायल महक सिंह का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में बुधवार शाम को मलबे में चांदी के सिक्के मिले हैं।
फतेहाबाद के टोहाना में मार्केट कमेटी ने चार राइस मिलों पर सख्त कार्रवाई की है। इन मिलों पर बिना मार्केट फीस जमा करवाए सीधे धान को मिलों में ले जाने का आरोप है। कमेटी ने लगभग एक हजार क्विंटल धान मिलने पर लाखों रुपए का जुर्माना लगाया है। जिन फर्मों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें टोहाना की कंसल राइस मिल (मनियाना रोड), हरिओम राइस मिल (सिंबल रोड से दमकोरा रोड), सालासर राइस मिल और जगन्नाथ राइस मिल शामिल हैं। इन पर करीब एक लाख से सवा लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। वहीं, सांवरिया राइस मिल ने भी ऐसा किया था, लेकिन बाद में मार्केट फीस कार्यालय में जमा करवा दी। मार्केट फीस न चुकाने पर कार्रवाई क्षेत्र में कई मिल संचालकों द्वारा बिना मार्केट फीस चुकाए सीधे धान मिलों में ले जाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। पिछले साल भी जोनल एडमिनिस्ट्रेशन हिसार की टीम ने ऐसी कई फर्मों पर लाखों रुपए का जुर्माना लगाया था। मार्केट कमेटी का मिलरों पर लगातार एक्शन मार्केट कमेटी सचिव संदीप गर्ग ने बताया कि उनकी टीमें ऐसे मिलरों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। उन्होंने पुष्टि की कि चार मिलों से लगभग एक लाख से सवा लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। गर्ग ने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।