Haryana: ड्यूटी पर जाम छलकाना पड़ा भारी, एसपी ने लिया संज्ञान, एसआई और कॉन्स्टेबल लाइन हाजिर
हरियाणा में दो पुलिसकर्मियों का शराब पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हरियाणा में दो पुलिसकर्मियों का शराब पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
करनाल जिले के नलवी खुर्द गांव के पास बुधवार को स्कूटी और बाइक की जोरदार टक्कर में एक बच्ची समेत 2 लोगों की मौत हो गई। हादसे में बाइक सवार व्यक्ति और स्कूटी सवार ढाई साल की बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि स्कूटी चला रहे युवक और उसकी पत्नी घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए और जांच शुरू कर दी है। यह हादसा बुधवार दोपहर नलवी खुर्द के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, गांव नलवी पार निवासी 39 वर्षीय रामपाल अपनी पत्नी को लेने नलवी खुर्द जा रहा था। रास्ते में सामने से आ रही एक स्कूटी से उसकी बाइक की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। ढाई साल की बच्ची की मौके पर मौत स्कूटी पर सवार बजीदपुर निवासी 22 वर्षीय राहुल, उसकी पत्नी खुशबू (उम्र 20 साल) और ढाई साल की बच्ची भी सवार थे। टक्कर लगने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राहुल और खुशबू गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल में भर्ती कराया गया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल रामपाल को भी कल्पना चावला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा और रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस ने शुरू की जांच, परिवार में मातम मृतक रामपाल के बेटे ने बताया कि उनके पिता अपनी मां को लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हुआ। परिवार में तीन भाई-बहन हैं और पिता की मौत के बाद घर में मातम का माहौल है। जांच अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि यह हादसा बाइक और स्कूटी की आमने-सामने की टक्कर से हुआ। इसमें ढाई साल की बच्ची और बाइक सवार की मौत हो गई, जबकि स्कूटी चला रहा युवक और उसकी पत्नी घायल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव मुआना में दो नाबालिग बच्चों पर चोरी का आरोप लगाकर उनका अपहरण कर उनकी बेरहमी से पिटाई की गई।
सोनीपत में थाना सिविल लाइन पुलिस ने घर के बाहर से स्कूटी चोरी करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरीशुदा स्कूटी भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेश निवासी सोनीपत के रूप में हुई है। मामले की जानकारी के अनुसार, 21 अक्तूबर 2025 को रजनीश पुत्र राजबीर, निवासी नरेन्द्र नगर, सोनीपत ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 19 अक्तूबर की रात उसने अपनी स्कूटी घर के सामने गली में खड़ी की थी। अगले दिन सुबह जब वह बाहर निकला तो स्कूटी गायब मिली। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्कूटी चोरी कर ले जाने की आशंका जताई गई थी। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सहायक उप निरीक्षक नरेन्द्र और उनकी टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी नरेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी की गई स्कूटी बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
शॉर्ट सर्किट से कमरे में आग लगने से दो किसानों की मौत हो गई।
रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के अंदर काम करने वाली सफाई कर्मचारियों के साथ सुपरवाइजर ने अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद सुपरवाइजर को सस्पेंड भी किया गया है। वहीं, इस मामले में अनुसूचित जाति आयोग की टीम ने भी एमडीयू में जाकर कर्मचारियों से बात की है। अब महिला आयोग ने भी सुपरवाइजर को नोटिस भेजा है। एमडीयू में महिला सफाई कर्मचारियों को काम पर आने में थोड़ी देरी हो गई थी। जब सुपरवाइजर ने देरी से आने का कारण पूछा तो महिला कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें महिलाओं वाली प्रोब्लम हो गई थी। इसी कारण उन्हें आने में थोड़ी देरी हो गई। लेकिन सुपरवाइजर ने महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए प्रोब्लम का सबूत दिखाने के लिए कहा। जब महिला कर्मचारियों ने कहा कि वह नहीं दिखा सकती तो सुपरवाइजर ने उन्हें मजबूर किया। सुपरवाइजर ने तीन महिला कर्मचारियों को कपड़े उतारकर दिखाने के लिए विवश किया। इससे सुपरवाइजर की मानसिकता का पता चल रहा है कि वह कर्मचारियों का किस प्रकार शोषण कर रहा था। छात्र संगठनों ने पहुंचकर किया हंगामा एमडीयू में महिला सफाई कर्मचारियों के साथ सुपरवाइजर का इस प्रकार के व्यवहार करने की जब छात्र संगठनों को सूचना मिली तो वह एकत्रित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। इस छात्रों का प्रदर्शन होने के कारण एमडीयू कुलसचिव मौके पर पहुंचे और तुरंत सुपरवाइजर पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए। टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ ने की निंदा महिला कर्मचारियों के साथ हुए अभद्र व्यवहार की एमडीयू के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ ने निंदा की। टीचिंग एसोसिएशन के प्रधान डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि महिला कर्मचारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। राज्यपाल एमडीयू में थे मौजूद एमडीयू में महिला कर्मचारियों के साथ जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान हरियाणा के राज्यपाल व एमडीयू के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष भी मौजूद थे। उनके संज्ञान भी इस मामले को लाया गया। राज्यपाल ने भी मामले में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार को प्रदेश के दक्षिणी व मध्यवर्ती जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई, जबकि कई जिलों में बादल छाए रहे।
सिरसा पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपनी मुहिम में बड़ी सफलता हासिल की है। सीआईए ऐलनाबाद की टीम ने रानियां थाना क्षेत्र के गांव मत्तुवाला से एक युवक को 1 किलो 654 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने बताया कि गिरफ्तार युवक की पहचान अरदास सिंह उर्फ भोला पुत्र सोहन सिंह निवासी गांव मत्तुवाला, जिला सिरसा के रूप में हुई है। सीआईए ऐलनाबाद के प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में एक टीम गश्त पर थी। मत्तुवाला गांव की ओर जाते समय पुलिस ने एक युवक को हाथ में प्लास्टिक बैग लिए आते देखा। पुलिस पार्टी को देखकर युवक घबरा गया और तेजी से वापस मुड़कर भागने की कोशिश करने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसे काबू किया। एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में उसके बैग की तलाशी ली गई, जिसमें से 1 किलो 654 ग्राम अफीम बरामद हुई। प्रारंभिक पूछताछ में अरदास सिंह उर्फ भोला ने बताया कि वह यह अफीम राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से लाया था। उसका इरादा इसे रानियां और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करना था। गिरफ्तार युवक के खिलाफ थाना रानियां में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड अवधि के दौरान उससे पूछताछ कर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाकर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पंजाब के पटियाला जिले में पड़ने वाले शुतराना हलके के विधायक व उसके दोनों बेटों पर किडनैपिंग करवा कर टांगे तुड़वाने के आरोप में कैथल की गुहला चीका पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोनीपत में एक व्यक्ति से जमीन बेचने के नाम पर लाखों रुपए हड़पने और बाद में जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत मेंबर ने जब तहसीलदार और पटवारी से जांच करवाई तो खुलासा हुआ कि साजिश रचकर झूठा इकरारनामा तैयार किया। आरोप लगाया कि रकम ठगने के बाद धमकी दी कि यदि उसने कार्रवाई की तो उसे गैंगस्टर गिरोह से मरवा दिया जाएगा। पुलिस ने जांच के बाद चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। ग्राम पंचायत सदस्य के साथ ठगी का मामला गांव खिजरपुर अहीर के रहने वाले शमशेर सिंह ने बताया कि वह साल 2016 से 2021 तक सीएम विंडो इमिनेंट प्रश्न समिति में सदस्य रहा है और वर्तमान में ग्राम पंचायत खिजरपुर अहीर में मेम्बर के रूप में कार्यरत है। उसने बताया कि आरोपी बीरसिंह यादव ने उससे संपर्क कर अपनी पत्नी शकुंनतला की बतौर मालिक बताई गई भूमि बेचने का प्रस्ताव दिया। 43.50 लाख रुपए में हुआ सौदा, ब्याना भी दिया शमशेर सिंह के अनुसार 30 मार्च 2024 को आरोपी बीरसिंह ने खेवट नंबर 173 और 174 की करीब 10 कनाल 5 मरले जमीन बेचने की बात तय की। दोनों पक्षों में 43 लाख 50 हजार रुपए में सौदा हुआ और शमशेर सिंह ने मौके पर ही 50 हजार रुपए ब्याना के रूप में दे दिए। इसके बदले आरोपी ने रसीद और इकरारनामा तैयार किया तथा 2 अप्रैल 2024 तक रजिस्ट्री की तिथि तय की गई। आरोपी ने रजिस्ट्री से पहले बदल दी बात पीड़ित ने बताया कि आरोपी बीरसिंह रकम लेकर रजिस्ट्री करने से बचता रहा। बाद में उसने यह कहकर नया बहाना बना दिया कि उक्त भूमि का मुख्तयारआम उसकी पत्नी शकुन्तला ने अपने बेटे नरेश को बना रखा है, इसलिए वही रजिस्ट्री करेगा। कई बार अनुरोध करने के बावजूद आरोपी ने न तो रजिस्ट्री कराई और न ही रकम लौटाई। शमशेर सिंह ने बताया कि 28 मार्च 2025 को जब उसने उत्सव ढाबा जीटी रोड गन्नौर पर आरोपी बीरसिंह और उसके बेटों से बात की, तो उन्होंने धमकी दी कि यदि उसने दोबारा रजिस्ट्री की बात की तो उसे बदमाशों से उठवा लिया जाएगा। पहले समझौता, फिर दोबारा धोखाधड़ी शमशेर सिंह ने यह मामला 10 जून 2025 को एसीपी गन्नौर को शिकायत के रूप में दिया था, जिसके बाद थाने में जांच चली। इस दौरान आरोपीगण ने राजीनामा कर लिया और 28 जून 2025 को एक नया इकरारनामा नोटरी पब्लिक के समक्ष तैयार करवाया। इसमें 12 लाख 50 हजार रुपए की रकम गवाहों के सामने दी गई और 15 अक्टूबर 2025 को रजिस्ट्री की तिथि तय की गई। पटवारी जांच में हुआ बड़ा खुलासा पीड़ित ने जब तहसीलदार और हल्का पटवारी से रिकॉर्ड की जांच कराई तो यह सामने आया कि शकुन्तला ने उक्त भूमि पहले ही 11 जनवरी 2010 को अपने बेटे कुशल कुमार के नाम कर दी थी। इस दस्तावेज को जानबूझकर कई सालों तक छिपाए रखा गया और बाद में 14 जुलाई 2025 को इंतकाल दर्ज कराया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि आरोपीगण ने जानबूझकर फर्जी सौदा कर पीड़ित को धोखा दिया। फर्जी दस्तावेज बनाकर की साजिश शमशेर सिंह के अनुसार आरोपियों ने पहली शिकायत से बचने और अपने कुकर्मों को छिपाने के लिए नया झूठा इकरारनामा तैयार किया। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने दोबारा जान से मारने की धमकी दी और कहा कि वे उसे किसी बदमाश से गोली मरवा देंगे। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा पुलिस उपायुक्त (पूर्वी सोनीपत) के आदेश पर जांच के बाद गन्नौर थाना पुलिस ने आरोपी नरेश, शकुन्तला, बीरसिंह और जितेंद्र के खिलाफ मुकदमा नंबर 429, दिनांक 28 अक्तूबर 2025 को दर्ज किया। मामला धारा 316(2), 318(4), 61(2) BNS के तहत दर्ज हुआ है। इसकी जांच एएसआई पवन को सौंपी गई है और एसआई रमेश की निगरानी में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित ने मांगी सुरक्षा और न्याय शिकायतकर्ता शमशेर सिंह ने कहा कि आरोपियों की धमकियों के कारण वह लगातार भय में जी रहा है। उसने पुलिस प्रशासन से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है तथा निष्पक्ष जांच के माध्यम से दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की गुहार लगाई है।