नया तरीका: चिठ्ठी भेज कर लोगों को शिकार बना रहे ठग, हिसार के जुगलान में हेल्थ रिसर्च सेंटर के नाम से भेजा पत्र
साइबर ठगों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। साइबर ठग अब लोगों के घर रजिस्टर्ड डाक से एक पत्र भेज रहे हैं।
साइबर ठगों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। साइबर ठग अब लोगों के घर रजिस्टर्ड डाक से एक पत्र भेज रहे हैं।
पानीपत के कोहंड रेलवे स्टेशन के पास मिले युवक के शव की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। पांच दिन पहले हुई इस हत्या के पीछे की वजह प्रेम संबंध निकली। बुधवार को जीआरपी ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ही दोस्त गगन की हत्या करने का प्लान एक महीनें से बना रहे थे। जीआरपी प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर मिला शव की शिनाख्त करने में काफी परेशान हुई थी। पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरों की मदद ली। मृतक की पहचान समालखा के न्यू दुर्गा काॅलोनी निवासी गगन पुत्र हीरालाल के रूप में हुई थी। शुरुआती जांच में गगन के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले थे। जांच के बाद यह साफ हुआ कि गगन की हत्या उसके ही दो दोस्त नितिन और अजय ने मिलकर की थी। प्रेम प्रसंग बना जानलेवा गगन की शादी एक साल पहले उसकी प्रेमिका से ही हुई थी। दोनों का रिश्ता कई साल पुराना था, लेकिन शादी के बाद सब कुछ बदल गया। गगन के घर पर उसका दोस्त नितिन अक्सर आता-जाता था। इसी दौरान नितिन की गगन की पत्नी से नजदीकियां बढ़ने लगीं। जब गगन को इस बात का पता चला तो दोनों के बीच विवाद होने लगा। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि गगन नितिन और अपनी पत्नी के बीच की बढ़ती बातचीत से परेशान था और उसने इसका विरोध किया। इसके बाद नितिन ने अपने दोस्त अजय के साथ मिलकर गगन को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। ईंट और शटर हैंडल से की थी हत्या घटना के दिन नितिन और अजय ने गगन को मिलने के बहाने बुलाया। जब गगन पहुंचा तो दोनों ने पहले उस पर दुकान का शटर खोलने वाला लोहे का हैंडल और फिर ईंट से वार किए। गगन की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों ने उसके शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।। जिससे मामला आत्महत्या या दुर्घटना का लगे। पांच दिन की जांच के बाद पकड़े गए आरोपी घटना के बाद जीआरपी टीम ने घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। बुधवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने हत्या की बात स्वीकार कर ली। जीआरपी प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि आरोपियों से अभी गहन पूछताछ की जा रही है। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद कर लिए गए हैं और दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पारिवारिक खुशियां बनीं मातम गगन की शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ था। परिवार में खुशियां थीं, लेकिन एक गलत रिश्ते ने सब कुछ तबाह कर दिया। अब घर में मातम का माहौल है। घर के लोग ये हादसा भूल नहीं पा रहे है।
हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को अपने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित घर में निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
कैथल जिले के कलायत रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। देवभूमि रेलगाड़ी यात्री अधिकारी संघर्ष समिति ने इस संबंध में सांसद नवीन जिंदल के नाम एक ज्ञापन कैथल स्थित जिंदल हाउस प्रभारी रवींद्र धीमान को सौंपा है। समिति यात्रियों की सुविधाओं के लिए एक्सप्रेस, मेमू और चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस के ठहराव की मांग कर रही है। समिति सदस्यों ने बताया कि कलायत भगवान कपिल मुनि की तपोभूमि और ज्ञान स्थली है। इसकी देश-विदेश में एक विशेष पहचान है, जिसके कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां आते हैं। ट्रेनों के ठहराव से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसके अतिरिक्त, कलायत से प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, व्यापारी और आम यात्री विभिन्न स्थानों पर यात्रा करते हैं। लोगों होती है परेशानी ट्रेनों के ठहराव की सुविधा न होने से इन सभी लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देवभूमि रेलगाड़ी यात्री अधिकारी संघर्ष समिति के संस्थापक रामकुमार नायक, प्रधान रोहताश धानियां, मुख्य सलाहकार रवि शंकर कौशिक और दीपक अठवाल सहित अन्य सदस्यों ने मांग की है कि कोरोना काल (मार्च 2020) से बंद हुई रेलगाड़ी संख्या 54039 और 54042 को फिर से शुरू किया जाए। साथ ही, गाड़ी संख्या 19411 और 19412 साबरमती एक्सप्रेस का भी कलायत में ठहराव सुनिश्चित किया जाए। समिति ने रेलवे द्वारा 1 जनवरी से किए गए सारणी बदलावों में सुधार की भी मांग की है। उनका कहना है कि गाड़ी संख्या 54038 जो सुबह जींद जंक्शन से कुरुक्षेत्र जंक्शन के लिए चलती है, उसका समय जींद जंक्शन से सुबह 05:30 बजे किया जाए। वर्तमान में यह गाड़ी सुबह 4 बजे चलती है, जिससे दैनिक यात्री इसका लाभ नहीं उठा पाते। समिति ने सवारी गाड़ी संख्या 54048 (जींद जंक्शन से) के संबंध में भी सुधार की बात कही है।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन देश के सबसे पहले स्थापित किए गए एयरफोर्स स्टेशनों में से एक है।
पानीपत रेलवे जंक्शन पर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को ट्रेनें देरी से आने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई राज्यों में तेज बारिश के चलते लंबी दूरी का सफर तय करने वाली ट्रेनें जंक्शन पर देरी से पहुंची। जंक्शन पर बुधवार सुबह 4.55 पर आने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस (15707) साढ़े 9 बजे पहुंची। यह ट्रेन साढ़े चार घंटे की देरी से जंक्शन पर आई। मालवा एक्सप्रेस (12919) ट्रेन जंक्शन पर सुबह 5.40 पर आने का समय है लेकिन यह ट्रेन 09.40 पर पहुंची। इसके अलावा कालका सुपरफास्ट, हीराकुंड एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस भी देरी से आ रही थी। यात्रियों को स्टेशन पर कई घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं, ट्रेनें देर से आने के कारण यात्री अपना रिजर्वेशन कैंसिल भी करा रहे है। रेलवे अधिकारियों का कहना है लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से आ रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को परेशानी नहीं हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। जंक्शन पर जो ट्रेनें देरी से आ रही है उनका एलाउंसमेंट कराया जा रहा है जिससे यात्रियों को ट्रेन आने का सहीं समय पता लग सके। दीवाली से पहले बिगड़ी ट्रेनों की चाल दीवाली पर पानीपत से अपने घर जाने वाले कई यात्री रिजर्वेशन कराने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन, एक तरफ ट्रेनें देरी से चल रही है। दूसरी तरफ यात्रियों को ट्रेनों में कंफर्म रिजर्वेशन नहीं मिल रहा है। ऐसे में उन्हें दोनों तरफ से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टिकट काउंटर पर क्लर्क यात्रियों को पहले से ही वेटिंग बताकर रिजर्वेशन कर रहे है। यात्रियों को हुई भारी दिक्कत, कैंसिल कराए टिकट ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक रुकना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि ट्रेनें कब आएंगी इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी। रेलवे स्टेशन के सूचना काउंटर पर लगातार यात्रियों की भीड़ लगी रही।पानीपत से दिल्ली, अंबाला, लुधियाना और गोरखपुर जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोगों ने समय पर मंजिल तक न पहुंच पाने की स्थिति में ऑनलाइन रिजर्वेशन कैंसिल कराए। बुधवार को 30 से अधिक लोगों ने रिजर्वेशन सुबह रिजर्वेशन खिड़की से निरस्त कराएं। रेलवे जंक्शन के एसएस रमेश चंद्र ने बताया कि कुछ ट्रेनें देरी से आ रही है। यात्रियों को परेशानी नहीं हो इसका ध्यान रखा जा रह है। उन्होंने यात्रियों को सफर से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी।
हरियाणा में मौसम ने इन दिनों करवट ले ली है।
नूंह जिले के नगीना खंड के मोहम्मदपुर ( सिटोरबास) गांव में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। गांव के युवा सरपंच वसीम पुत्र इशा उम्र करीब 26 वर्ष की बिजली का तार जोड़ते समय करंट लगने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। जब युवा सरपंच को करंट लगा तो ग्रामीण उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गांव में शोक की लहर जानकारी के अनुसार मंगलवार को वसीम किसी काम के सिलसिले में तार जोड़ रहा था, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन और ग्रामीण तुरंत उसे नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों की भारी भीड़ अस्पताल पहुंच गई। गांव के लोगों ने बताया कि हादसे के बाद फिलहाल पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है। लेकिन मृतक का पोस्टमार्टम नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया है। बिजली व्यवस्था को ठीक करने की मांग वसीम की मौत से मोहमदपुर (सिटोरबास) गांव ने एक कर्मठ और युवा जनसेवक खो दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली व्यवस्था में सुरक्षा उपायों को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। परिजनों ने बताया कि मंगलवार की शाम करीब 6 बजे मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर घर लेकर आए, जिसके बाद देर रात उसे गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया।
अंबाला में एक ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 अक्टूबर को पहली बार शहर पहुंचेंगी।
कैथल जिले की अनाज मंडी में धान की आवक जोरों पर है, लेकिन नमी की मात्रा अधिक होने का हवाला देकर खरीद और उठान का कार्य समय अनुसार नहीं हो रहा। इस पर किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। किसानों ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर दो दिन तक खरीद और उठान का कार्य सुचारू नहीं हुआ, तो वो सड़कों पर जाम लगाने को विवश हो जाएंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। खराब पड़ी नमी जांचने की मशीन-किसान भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धपुर के कैथल संयोजक होशियार सिंह गिल, नरेश कुमार, संदीप सिंह, सतपाल सिंह व रामवीर का कहना है कि किसान मंडी में फसल लेकर लगातार पहुंच रहे हैं, लेकिन नमी के नाम पर उनकी फसल का उठान नहीं हो रहा। यही नहीं, प्रति क्विंटल के हिसाब से 100 से लेकर 200 रुपए तक नमी के नाम पर रेट में भी कटौती की जा रही है। धान में 12 से 15 प्रतिशत तक नमी किसानों का कहना है कि ऐसा करके एक प्रकार से किसानों को लूटा जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि जो मशीन नमी की मात्रा मापने के लिए प्रयोग की जा रही हैं, वे खराब हो चुकी हैं। जिस धन की ढेरी में 12 से 15 परसेंट तक नमी है, उसमें भी 25% तक नामी दिखाई जा रही है। उन्होंने मांग की है कि मशीनों के ठीक करवा कर धान की खरीद सुचारू करवाई जाए। 7 लाख क्विंटल धान की आवक बता दें कि अब तक कैथल की अनाज मंडी में 7 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से करीब साढे 6 लाख क्विंटल धान की ही खरीद हुई है। करीब 60% फसल का उठान हो चुका है। अधिकारी जल्द से जल्द पूरी फसल के उठान का दावा कर रहे हैं। दो दिन से बिक्री का इंतजार किसान बंसी सेगा ने बताया कि वे फसल डालने के बाद दो-दो दिन से बिक्री का इंतजार कर रहे हैं। सीजन चल हुआ है, ऐसे में उनके खेतों के अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। अगर समय पर खरीद हो जाए, तो वे अपने घरों को जाकर अन्य कार्य संभाल लें। खरीद के दौरान फसल के रेट में कटौती वहीं किसान रामफल सहारण ने बताया कि नमी के नाम पर प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद के दौरान ही फसल के रेट में कटौती की जा रही है। ऐसे में किसानों को खेती का कोई लाभ नहीं हो रहा है। किसानों के लिए खेती एक प्रकार से घाटे का सौदा बन रही है। उन्होंने मांग की नमी के नाम पर कटौती बंद कर खरीद सुचारू करवाई जाए। बारिश से कार्य प्रभावित, मशीनें ठीक-सचिव कैथल मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि मौसम खराब होने के चलते धान की खरीद में थोड़ी सी दिक्कतें आई हैं, मशीनें बिल्कुल ठीक हैं। उन्होंने कहा कि मंडी में फसल की आवक और खरीद का कार्य बरसात के कारण थोड़ा प्रभावित हुआ है, जिसे जल्द ही ठीक किया जाएगा। उठान में कैथल दूसरे नंबर पर-डीएफएससी वहीं डीएफएससी निशांत राठी ने कहा कि कैथल की मंडियों में जो धन अब तक पहुंची है, उसमें से 60% तक का खरीद के बाद उठान हो चुका है। उठान के मामले में कैथल प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। जल्द ही पूरी फसल का उठान करवाया जाएगा।