वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ: अंबाला में CM ने किया सामूहिक गायन, कहा- इस गीत ने अंग्रेजों की जड़ों को हिलाया
वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर पुलिस लाइन मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ।
वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर पुलिस लाइन मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ।
पलवल में संयुक्त किसान मोर्चा और क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पलवल शुगर मिल को 10 नवंबर तक शुरू करने की मांग को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मिल समय पर नहीं चली तो वे आंदोलन करेंगे। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, धर्मचंद घुघेरा, उदय सिंह, रुप राम तेवतिया और ताराचंद ने बताया कि वे शुगर मिल को समय पर चलाने की मांग को लेकर सितंबर और अक्टूबर माह में दो बार मिल के प्रबंध निदेशक से मिल चुके हैं, लेकिन मिल को अभी तक शुरू नहीं किया गया है। इससे किसानों में भारी रोष है। हर साल मिल चलवाने के लिए करना पड़ता है प्रदर्शन किसान नेताओं ने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों से पलवल शुगर मिल को समय पर चलाने के लिए किसानों को हर साल प्रदर्शन करना पड़ता है। मिल प्रशासन हर बार विभिन्न अड़चनें बताकर मिल को देरी से चलाता है, जबकि किसान इसे अक्टूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू करवाना चाहते हैं। मिल देरी से चली तो गेहूं की बुआई नहीं कर पाएंगे किसान किसानों ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में किसान पट्टे या ठेके पर खेती करते हैं। इनकी आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है। इस बार भारी बारिश और जलभराव के कारण हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गई है। कई किसान गन्ने की कटाई के बाद जनवरी में गेहूं की बुवाई करते हैं। मिल देरी से चली तो गन्ने की कटाई में देरी होगी, जिससे वे गेहूं की बुवाई नहीं कर पाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों से राय लेने के बाद यह फैसला लिया है कि यदि 10 नवंबर तक शुगर मिल शुरू नहीं की गई, तो 12 नवंबर से पलवल शुगर मिल पर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में पलवल क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसान अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हरियाणा विधानसभा चुनाव में वोट चोरी के आरोप के बाद राई विधानसभा सीट चर्चा में है। पड़ताल में मतदाता सूची में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं।
हरियाणा के नारनौल में आगामी 16 नवंबर को नारनौल की नई अनाज मंडी में होने वाले राज्य स्तरीय समारोह को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाराजा शूर सैनी जयंती के उपलक्ष में होने वाले इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के कोने-कोने से नागरिकों का आगमन होगा। इन्हीं तैयारियों को लेकर आज उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कार्यक्रम स्थल का दौरा करके तैयारियों का जायजा लिया। इस मौके पर उनके साथ पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ भी मौजूद थी। डीसी ने इस समारोह के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने रूट प्लान के लिए अधिकारियों के साथ मंत्रणा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अलग-अलग रूट पर आने वाले वाहनों पर लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था होनी चाहिए ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।उपायुक्त ने बताया कि यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार की ओर से संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है। साफ-सफाई का रहे ध्यान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समारोह स्थल के आसपास और बेहतर तरीके से साफ सफाई की जाए। इस मौके पर उन्होंने मार्केट कमेटी की सचिव नुकूल यादव को निर्देश दिए कि पंडाल के आसपास सफाई करवाएं।इस मौके पर उनके साथ डीएसपी सुरेश कुमार व एक्सईएन बीएंडआर अश्विनी कुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
बहादुरगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में एक जापानी नागरिक की होटल की छत से गिरकर मौत का मामला सामने आया है।
भिवानी में आगामी 15 से 17 नवंबर तक आयोजित होने जा रही हरियाणा राज्य सीनियर बास्केटबॉल चैंपियनशिप को लेकर खेल प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हरियाणा के विभिन्न जिलों की टीमें भाग लेंगी, जिनमें अंबाला की टीम भी हिस्सा लेगी। हरियाणा राज्य बास्केटबॉल एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट संदीप सचदेवा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह टूर्नामेंट सीनियर श्रेणी के खिलाड़ियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राज्य के लगभग सभी जिलों से चुनिंदा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य राज्य में बास्केटबॉल खेल को बढ़ावा देना और युवा खिलाड़ियों को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने बताया कि अंबाला टीम के चयन के लिए ट्रायल का आयोजन शनिवार, 8 नवंबर 2025 को शाम 5:00 बजे किया जाएगा। ट्रायल का स्थान राजीव गांधी खेल परिसर, सेक्टर 10, अंबाला शहर रहेगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और खिलाड़ियों की योग्यता, फिटनेस व प्रदर्शन के आधार पर टीम का गठन किया जाएगा। एडवोकेट सचदेवा ने बताया कि जो भी खिलाड़ी अंबाला का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, उन्हें समय पर स्थल पर उपस्थित रहना होगा। चयनित खिलाड़ियों को भिवानी में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अंबाला में बास्केटबॉल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और यह प्रतियोगिता उन्हें अपने कौशल को दिखाने का एक सुनहरा मौका देगी। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा राज्य बास्केटबॉल एसोसिएशन खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सकें। अंबाला के स्थानीय खिलाड़ियों और कोचों में भी इस प्रतियोगिता को लेकर खासा उत्साह है। कई युवा खिलाड़ी पिछले कई हफ्तों से अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं ताकि चयन ट्रायल में वे बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
जीआरपी पुलिस ने इस्माइला रेलवे स्टेशन पर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
हरियाणा के फरीदाबाद में सीएम फ्लाइंग और रीजनल ट्रांसपोर्ट विभाग की टीम ने हाईवे पर चलने वाली प्राइवेट बसों के साथ कैब पर कार्रवाही की। टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाही करते हुए 3 बस के साथ एक कैब का 54 हजार रूपए का चालान किया। चारों वाहनों को विभाग ने जब्त करके आगे की कार्रवाही शुरू कर दी है। दिल्ली बदरपुर बार्डर पर छापेमारी शुक्रवार की सुबह सीएम फ्लाइंग और रीजनल ट्रांसपोर्ट विभाग की टीम ने बदरपुर बार्डर और बल्लभगढ़ बस डिपो के पास छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने बल्लभगढ़, मथुरा, आगरा, दिल्ली की तरफ जाने वाली बसों की चेकिंग की गई। टीम ने बसों के कागजात को चेक किया । जिसके बाद तीन बस और कैब का 54 हजार रूपए का चालान किया गया। दोनों बसों पर 21-21 हजार रूपए का जुर्माना किया गया।जबकि कैब पर 11 हजार का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा एक बस में खामियां पाए जाने पर उस पर 1500 रूपए का जुर्माना हुआ है। बिना परमिट चल रही बसे जब्त सीएम फ्लाइंग के डीएसपी शाकिर हुसैन ने जानकारी देते हुए बताया कि उनको जानकारी मिली कि नेशनल हाईवे बिना परमिट के कुछ बसे औक कैब चल रही है। जिसको लेकर उन्होंने ट्रांसपोर्ट विभाग की टीम के साथ मिलकर छापेमारी की है। इस दौरान बिना बस परमिट के चल रही दो बसों को काबू किया गया है। दोनों बसे बस अड्डा चौक पर सवारी बिठा रही थी। सभी वाहनों को जब्त कर लिया गया और बस अड्डा परिसर में जमा करा दिया गया है।
हिसार के बारह क्वार्टर एरिया में गली में हुड़दंग का विरोध करने पर 8 से 10 लोगों ने हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर की ईंट और डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
मानेसर लैंड स्कैम में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान पूर्व सीएम की याचिका को डिसमिस कर दिया है। अब पंचकूला सीबीआई की विशेष अदालत में पूर्व सीएम के खिलाफ आरोप तय हो सकेंगे। इसको लेकर सीबीआई पहले ही कोर्ट में चालान पेश कर चुकी है। आरोप तय होने के बाद पूर्व सीएम हुड्डा ट्रायल चलेगा। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप तय करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत मामले की सुनवाई करेगी। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई जांच का निर्देश दिया था। अदालत ने पाया कि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने का तत्कालीन हुड्डा सरकार का 2007 का फैसला दुर्भावनापूर्ण था और इसे धोखाधड़ी माना। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बिचौलियों द्वारा कमाए गए अनुचित लाभ की जांच करने और राज्य सरकार को “एक-एक पाई वसूलने” का निर्देश दिया था। हुड्डा ने ये लगाई थी याचिका हुड्डा ने पंचकूला विशेष सीबीआई अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मामले की सुनवाई स्थगित करने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। इससे उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का रास्ता साफ हो गया था।हुड्डा की ओर से दायर याचिका में विशेष सीबीआई अदालत के 19 सितंबर को पारित आदेश को रद्द करने की मांग की गई। सीबीआई अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी और अगली सुनवाई पर आरोप तय करने का निर्देश भी दिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला हाईकोर्ट में पूर्व सीएम हुड्डा की ओर से वकीलों ने तर्क दिया कि निचली अदालत का आरोप तय करने का फैसला अवैध था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सह-आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। इसलिए, अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करना “मुकदमे को अलग-अलग हिस्सों में बांटने” के समान होगा, जो अवैध था। हुड्डा सहित कई पूर्व अधिकारी आरोपी हुड्डा की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि विशेष अदालत ने उनकी अर्जी केवल इस आधार पर खारिज कर दी कि सर्वोच्च न्यायालय ने केवल उन आरोपियों की कार्यवाही पर रोक लगाई है, जिन्होंने विशेष अनुमति याचिकाएं दायर की थीं। हुड्डा सहित कई पूर्व अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों को इस मामले में आरोपी बनाया गया है, जो विशेष सीबीआई अदालत में लंबित है। केस में 34 के खिलाफ 80 हजार पन्नों की चार्जशीट केंद्रीय एजेंसी ने सितंबर 2015 में जांच शुरू की थी और 2018 में हुड्डा समेत 34 लोगों के खिलाफ 80,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। सीबीआई ने आरोप लगाया कि सरकारी उद्देश्यों के नाम पर गुरुग्राम जिले के मानेसर और आसपास के गांवों के किसानों से सस्ते दामों पर सैकड़ों एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। बाद में रियल एस्टेट कंपनियों, बिल्डरों और कॉलोनाइजरों को बेहद रियायती दरों पर जमीन के लाइसेंस जारी कर दिए गए। इसी साल जनवरी में सीबीआई ने मामले के शीघ्र निपटारे की मांग करते हुए तर्क दिया था कि पिछले चार वर्षों से आरोपियों के पक्ष में स्थगन आदेश जारी है।