IND VS SA: शेफाली वर्मा के घर जश्न का माहौल, ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे लोग, जमकर की आतिशबाजी
भारतीय ओपनर प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद टीम मैनेजमेंट ने अचानक शेफाली को सेमीफाइनल में मौका दिया।
भारतीय ओपनर प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद टीम मैनेजमेंट ने अचानक शेफाली को सेमीफाइनल में मौका दिया।
विमेंस वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वनडे वर्ल्ड कप जीता है। इस ऐतिहासिक जीत में रोहतक की रहने वाली शेफाली वर्मा ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा 87 रनों की शानदार पारी खेली और गेंदबाजी में भी 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। शेफाली वर्मा वीमेंस वर्ल्ड कप के शुरुआती सभी मैचों में नहीं खेल पाईं थीं, लेकिन प्रतिका रावल के अचानक बाहर हो जाने के बाद सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हें टीम में शामिल किया गया। इस मैच में शेफाली केवल 10 रन ही बना सकीं। शेफाली के क्रिकेट खेलने की प्रेरणा रोहतक में सचिन तेंदुलकर को देखकर मिली थी। जब उन्होंने लाहली स्टेडियम में सचिन को बल्लेबाजी करते देखा और भीड़ को ‘सचिन-सचिन’ चिल्लाते सुना, तभी उन्होंने क्रिकेटर बनने का फैसला कर लिया। उनके पिता संजीव वर्मा ने भी बेटी के इस सपने को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया। उन्होंने रोहतक की एक क्रिकेट एकेडमी में शेफाली का एडमिशन कराने की कोशिश की, लेकिन लड़की होने के कारण शेफाली को एडमिशन नहीं मिला। इसके बाद उनके पिता ने शेफाली के बाल लड़कों की तरह कटवा दिए और खुद उन्हें क्रिकेट सिखाने लगे। 2019 में केवल 15 साल की उम्र में शेफाली ने इंटरनेशनल मैच में डेब्यू किया। 2023 में शेफाली की कप्तानी में ही भारत की अंडर-19 टीम ने महिला विश्व कप जीता। मां बोलीं- बेटी की पारी शतक से कम नहीं शेफाली की मां प्रवीण बाला ने कहा कि मेरी बेटी ने 87 रन बनाए हैं, मैं इसके लिए बेहद खुश हूं। बेटी का शतक पूरा नहीं होने पर मुझे कोई दुख नहीं है। शेफाली की ये पारी किसी शतक से कम नहीं है। जब शेफाली शॉट खेल रही थी तो हमने तालियां बजाकर खुशी मनाई। वहीं शेफाली वर्मा के कोच बिजेंद्र शर्मा ने कहा कि 87 रन बनाने से उन्हें बेहद खुशी है। मैंने हमेशा शेफाली को नेचुरल गेम खेलने के लिए प्रेरित किया है। शेफाली ने भारतीय टीम को एक अच्छी शुरुआत दी और टीम को प्रेशर से निकाला। अब जानिए कौन हैं शेफाली वर्मा और वह कैसे क्रिकेटर बनीं… रोहतक की MDU से ग्रेजुएशन कर रहीं शेफाली वर्मा का जन्म 28 जनवरी 2004 को रोहतक में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा की शुरुआत सेंट पॉल स्कूल से की, लेकिन वे 10वीं कक्षा में फेल हो गईं। इसके बाद उन्होंने मनदीप सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लिया और 10वीं कक्षा 52 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। 12वीं कक्षा में उन्होंने 80 प्रतिशत अंक हासिल किए। फिलहाल वह रोहतक स्थित महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) से ग्रेजुएशन कर रही हैं। सचिन तेंदुलकर को देखकर क्रिकेटर बनने की ठानी शेफाली वर्मा 2013 रोहतक स्थित लाहली ग्राउंड पर रणजी ट्रॉफी का मैच देखने गई थीं। यहां सचिन तेंदुलकर बैटिंग करने आए। भीड़ में जब सचिन-सचिन चिल्लाना शुरू किया तो शेफाली ने क्रिकेटर बनने की ठान ली। शेफाली के पिता संजीव को जब अपनी बेटी में भी क्रिकेट के प्रति लगाव दिखा तो उन्हें घर पर ही ट्रेनिंग देना शुरू कर दी। एकेडमी में एडमिशन नहीं मिला, पिता ने बॉय कटिंग कराई पिता ने शेफाली का क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन कराने की कोशिश की, लेकिन लड़की होने की वजह से उसे एडमिशन नहीं मिला। इसके बाद पिता ने शेफाली की बॉय कटिंग करा दी। बाद में शेफाली के स्कूल ने ही लड़कियों के लिए क्रिकेट टीम बनाने का निर्णय ले लिया। 12 साल की उम्र में शेफाली ने एकेडमी में प्रोफेशनली खेलना शुरू कर दिया। 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल मैच में डेब्यू किया 15 वर्ष की आयु में ही, 2019 के टी-20 वर्ल्ड कप से पहले शैफाली वर्मा ने टीम इंडिया में जगह बनाई और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इंटरनेशनल मैच में डेब्यू किया। शैफाली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला शतक भी जड़ा। ऐसा करने वाली वे पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गईं और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। जून 2021 में शेफाली वर्मा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं। 2023 में शेफाली की कप्तानी में ही भारत की अंडर 19 टीम विश्व कप जीती थी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तमाम तैयारियों व एक नवंबर से लागू विंटर एक्शन प्लान के बावजूद प्रदूषण घट नहीं रहा।
हिसार के हांसी के नजदीकी गांव भीमनगर के पास रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों को दोनों को अस्पताल पहुंचाया। पति को निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, भीमनगर निवासी काजल अपने पति सचिन के साथ किसी शादी समारोह में शामिल होने के लिए गांव आई थी। दोनों शाम करीब 5 बजे समारोह से लौट रहे थे, तभी हांसी की तरफ से तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्राले से उनकी बाइक की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि काजल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि सचिन गंभीर रूप से घायल हो गया। डेढ़ साल की है बेटी राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और दोनों को हांसी के सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने काजल को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर हालत के कारण सचिन को पहले हिसार और बाद में अग्रोहा के लिए रेफर किया गया था, मगर परिजन उसे हिसार के ही निजी अस्पताल में ले गए जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मृतका काजल की शादी करीब ढाई साल पहले सिवानी के गांव गैंडावास में हुई थी। वह अपनी डेढ़ वर्ष की बच्ची की मां थी। घटना के बाद परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। काजल का शव पोस्टमार्टम के लिए हांसी के शवगृह में रखा गया है। पुलिस ने ट्राले चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एएसआई संदीप लाठर सुसाइड केस में सरकार पर सामाजिक दबाव बनाने के लिए खाप पंचायतें सक्रिय हो गई हैं। चार खाप पंचायतों के प्रतिनिधि एक दिन पहले संदीप के ममेरे भाई संजय लाढ़ोत से मिले थे।
गुरुग्राम में हुड्डा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास एक रेपिडो मुंबई से काम के सिलसिले में आए युवक गौरव द्विवेदी का सामान लेकर फरार हो गया। पीड़ित युवक अपने सहकर्मी आदर्श तिवारी के साथ मानेसर स्थित पीएमआई कंपनी में मीटिंग के लिए आया था। दोनों ने रेपीडो ऐप से ऑटो बुक किया और हुड्डा सिटी सेंटर पर उतरकर ऑनलाइन पेमेंट कर दिया। लेकिन जैसे ही वे ऑटो से उतरे, चालक बैग लेकर तेजी से भाग निकला। गौरव द्विवेदी मुंबई की एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। उसने बताया कि वे मानेसर में प्रोजेक्ट मीटिंग के लिए आए थे। हमने रेपिडो एप से ऑटो बुक किया। ड्राइवर ने हमें हुड्डा सिटी सेंटर तक पहुंचाया। मैंने ऑनलाइन पेमेंट कर दिया, लेकिन उतरते ही उसने मेरा बैग उठाया और भाग गया। कंपनी के डॉक्यूमेंट और सामान था बैग में लैपटॉप, महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल चार्जर और कुछ नकदी थी। उनके सहकर्मी आदर्श तिवारी ने भी पुष्टि की कि घटना अचानक हुई और वे कुछ समझ पाते, इससे पहले चालक गायब हो गया। घटना के तुरंत बाद दोनों सहकर्मी एमजी रोड पहुंचे और सेक्टर 29 पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक आरोपी का कोई पता नहीं चल सका है। रेपिडो ऐप से ड्राइवर की डिटेल्स निकाली जा रही हैं।
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर महिलाएं ऑनलाइन फार्म भरने में कम रुचि दिखा रहीं हैं।
पानीपत में सीआईए-3 पुलिस टीम ने अमीरा गार्डन के पास फैक्ट्री श्रमिक से मारपीट कर मोबाइल फोन लूट करने वाले चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें और लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया है। गिरफ्तार युवकों की पहचान विकास नगर निवासी साहिल और जीतू, अभिषेक और संजय के रूप में हुई। सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पुलिस टीम गश्त पर थी तभी मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि उझा मोड़ के पास 4 युवक दो बाइकों पर घूम रहे हैं और किसी आपराधिक वारदात की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और चारों को मौके से काबू किया। पूछताछ के दौरान युवकों ने खुलासा किया कि उन्होंने 26 अक्टूबर की रात अमीरा गार्डन के पास एक फैक्ट्री श्रमिक से मारपीट कर उसका मोबाइल फोन छीन लिया था। इस घटना को लेकर थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में श्रमिक संगम पुत्र रमेश प्रसाद ने थाने में मामला दर्ज कराया था। लूट का सामान बेचकर करते थे शौक पूरे पुलिस ने बताया कि चारों युवकों ने बताया कि उन्हें बाइक चलाने और खाने-पीने के अपने शौक पूरे करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया था।चारों युवकों ने स्वीकार किया कि वे अपने एक फरार साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। आरोपियों से दो मोटरसाइकिलें और लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया है। सभी को रविवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गांव मदनहेड़ी निवासी अमन समेत देश के 16 युवकों के परिजनों ने केंद्र सरकार से रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे परिजनों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को करनाल पहुंचे, जहां उन्होंने मंडी व्यवस्था, धान घोटाले और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। हुड्डा ने कहा कि धान घोटाले की जांच सिर्फ करनाल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे हरियाणा में इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह घोटाला करोड़ों रुपए का है और इसमें बड़े अधिकारी व राजनेता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकार पिक एंड चूज़ पॉलिसी पर काम कर रही है। किसी एक शेलर को पकड़ लिया जाता है, जबकि असली दोषियों को छोड़ दिया जाता है। मंडियों में किसानों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। MSP के बजाय किसानों की फसल 500 से 600 रुपए कम रेट में खरीदी जा रही है। अगर सब कुछ पोर्टल ही करेगा, तो फिर मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी किसलिए हैं? हुड्डा ने सरकार की योजनाओं पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार हर काम के लिए एक नया पोर्टल बना देती है। अगर हर काम पोर्टल ही करेगा तो फिर मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी की क्या जरूरत है? सब कुछ पोर्टल ही चला लेगा क्या। उन्होंने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल में फसल का गलत डाटा अपलोड किया गया, जबकि इस बार उत्पादन कम हुआ है। इसके बावजूद रिकॉर्ड में ज्यादा फसल दिखा दी गई ताकि फर्जी गेट पास और धान की हेराफेरी को छिपाया जा सके। हुड्डा ने कहा कि कुछ जगहों पर तो शमशान घाट और गुरुद्वारे से भी मेरी फसल मेरा ब्यौरा चलाया गया, जो गंभीर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। हरियाणा नंबर वन है बेरोजगारी में भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी अपने चरम पर है, जिसके कारण युवा विदेश जाने को मजबूर हैं। जो बच्चे विदेशों में फंसे हैं, सरकार को चाहिए कि उन्हें तुरंत वापस लाने की कोशिश करे। लेकिन असली सवाल यह है कि वे विदेश क्यों गए? क्योंकि हरियाणा में रोजगार नहीं है। आज हरियाणा नंबर वन है बेरोजगारी में। उन्होंने कहा की क्राइम में हरियाणा नंबर 1 पर है। यहां पर 60 से ज्यादा गैंग सक्रिय है। बिहार चुनाव और कांग्रेस पर बोले बिहार में चल रहे चुनावी माहौल पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि गठबंधन की सरकार वहां जीत हासिल करेगी। अगर पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देगी, तो वे बिहार जाकर प्रचार भी करेंगे।