ADGP Suicide: पूरन कुमार के परिवार से मिले CM मान; बोले-यह घटना सिस्टम पर तमाचा, पिछड़े वर्ग को दबाने की कोशिश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान चंडीगढ़ के सेक्टर 24 स्थित हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के आवास पर पहुंचे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान चंडीगढ़ के सेक्टर 24 स्थित हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के आवास पर पहुंचे।
मोहाली के सेक्टर-82 में मा का दूध पीने के बाद बच्ची की मौत हो गई। दूध की उल्टी आने पर दूध बच्चे की सांस नली में चला गया गया और इससे उसकी सांस रुक गई। जानकारी के अनुसार ढ़ाई वर्षीय बच्चे गोपाल की मा ने उसे दूध पिलाकर सुलाया था। कुछ समय बाद बच्चे ने दूध की उल्टी कर दी। इसके तुरंत बाद ही उसकी सांस नली में दूध चला गया और उसकी सांस रुक गई। इससे बच्चा बेहोश हो गया। मा ने जब देखा कि बच्चा सांस नहीं ले रहा, तो परिवार घबरा गया और तुरंत उसे फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिवार के अनुसार बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था और सुबह सामान्य रूप से दूध पिया था। मा ने बताया कि उसकी पहले से दो बेटियां हैं और यह बेटा बहुत दुआओं और लंबे इंतजार के बाद हुआ था। बच्चे की मौत की खबर सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
भिवानी की नई बस्ती में बहुचर्चित शिक्षक और उसके परिवार के तिहरे हत्याकांड में न्यायालय ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
हरियाणा के नारनौल में किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रहा। जिसके कारण किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि रबी की फसल की बुआई का समय आ गया है, मगर डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। ऐसे में वे बुआई कैसे करेंगे। वहीं खाद नहीं मिलने से गुस्साए लोगों ने आज अटेली में प्रदर्शन भी किया। डीएपी खाद की भारी किल्लत को लेकर आज शनिवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने अटेली की सहकारी समिति के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों का कहना है कि वे सुबह चार बजे से लाइन में लगे हुए थे, लेकिन जब वितरण का समय आया तो कर्मचारियों ने साफ़ कह दिया कि डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। कर्मचारी बोले स्टॉक नहीं इससे किसानों में आक्रोश फैल गया। किसान प्रकाश, सोमदत्त, ज्ञानी, होशियार आदि का कहना था कि “हम सुबह से बैठे हैं, उम्मीद थी कि आज खाद मिल जाएगी। लेकिन जब कर्मचारी आए तो बोले स्टाक नहीं चढ़ा, मशीन में खाद नहीं दिखा रहा है। किसानों ने मंडी गेट का ताला लगा दिया तब उच्च अधिकारियों ने स्टाक को चढ़वा कर खाद वितरित शुरू करवा दिया। समझाने का भी किया गया प्रयास इससे पहले किसानों को समझाने का प्रयास किया और अस्थायी राहत के रूप में निजी विक्रेताओं से खाद दिलाने के लिए कूपन बांटे। लेकिन किसानों का आरोप है कि जिन दुकानों के कूपन दिए गए हैं, वहां डीएपी खाद उपलब्ध ही नहीं है। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बिजाई का समय निकला जा रहा है और अगर दो-तीन दिन में खाद नहीं मिली तो फसल की बुवाई पर असर पड़ेगा। ये बोले अधिकारी क्यूसीआई संजय यादव ने बताया कि जिला में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। किसानों को एनपीके का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे किसान को पैदावार भी अधिक मिलेगी।
यमुनानगर के पुराना सहारनपुर रोड पर जीटीबी प्लाई टिंबर फैक्ट्री में रात के समय भयंकर आग लग गई।
पलवल के करीमपुर गांव में पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पति रोहित उर्फ भोला घटना के 12 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा। उस पर अपनी पत्नी प्रीति की चाकू से गला रेतकर हत्या करने का आरोप है। हसनपुर थाना पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 सितंबर को हुई थी। मृतका के पिता लक्खी ने 28 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। लक्खी मथुरा (यूपी) के कोटवन निवासी हैं और उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियों की शादी 2019 में करीमपुर गांव में सुभाष के बेटों से हुई थी। दहेज के लिए कर रहे थे प्रताड़ित पिता लक्खी के मुताबिक, उनकी बड़ी बेटी पिंकी की शादी जसवीर से और छोटी बेटी प्रीति की शादी रोहित से हुई थी। शादी में हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया गया था, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग दोनों बहनों को लगातार और अधिक दहेज लाने के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 सितंबर को प्रीति के ससुराल वालों ने तेजधार हथियार से उसकी हत्या कर दी। हसनपुर थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि मृतका के पिता लक्खी ने पति रोहित, सास, मामा और ननद पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुख्य आरोपी रोहित को अरेस्ट कर लिया गया है। उसे वारदात में शामिल हथियार बरामद करने के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
हरियाणा में जेलों के अंदर गैंगस्टर कल्चर पर पूरी तरह अंकुश लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। कारागार महानिदेशक आलोक कुमार राय ने स्पष्ट किया कि अब जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों को कोई विशेष सुविधा नहीं मिलेगी।
फरीदाबाद में आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता इस घटना के विरोध में सड़कों पर उतर आए। शनिवार को सेक्टर-12 मिनी सचिवालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोपहर जोरदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम फरीदाबाद के एसडीएम अमित मान के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश (CJI) पर जूता फेंकने की घटना, दोनों को देश के लिए “शर्मनाक और दुखद” बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि देश में आज ऐसी परिस्थितियां बन गई हैं जहाँ ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी भी दबाव और भेदभाव का सामना कर रहे हैं। भेदभाव की वजह से आत्महत्या कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आईपीएस वाई पूरन कुमार पर लगातार जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आईपीएस वाई पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में जिन-जिन वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के नाम लिखे हैं, सरकार को उन सभी के खिलाफ तुरंत जांच शुरू करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कार्रवाई को जानबूझकर टाला जा रहा है क्योंकि दिवंगत अधिकारी दलित समाज से ताल्लुक रखते थे। CJI पर जूता फेंकने की निंदा इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल न्यायपालिका के सम्मान के खिलाफ है बल्कि पूरे देश की छवि को धूमिल करती है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जिस व्यक्ति ने यह कृत्य किया है, उसे कानून के तहत कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने की हिम्मत न करे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड मामले में दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन को और व्यापक स्तर पर शुरू करेंगे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक अधिकारी की लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय और समानता के अधिकार की लड़ाई है, जिसे कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ेगी।
आईजी वाई पूरण कुमार सुसाइड केस से चर्चाओं में आए एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ सरकार ने आखिरकार कार्रवाई की है।
हिसार जिले के हांसी शहर का ऐतिहासिक शहीद स्मारक इन दिनों उपेक्षा का शिकार है। नगर परिषद कार्यालय से कुछ ही कदम की दूरी पर स्थित यह स्मारक, जो कभी शहीदों की वीरता और बलिदान की याद दिलाता था, अब कचरे के ढेर, शराब की खाली बोतल और दुर्गंध के बीच अपनी पहचान खोता जा रहा है। लाल सड़क पर स्थित इस ऐतिहासिक स्थल के पास रोजाना कूड़े के ढेर और गंदगी का अंबार देखा जा सकता है। शाम के समय यहां रेहडिय़ां और अस्थायी दुकानें लग जाती हैं, जिससे स्मारक पूरी तरह ढक जाता है। स्मारक के भीतर लगी शहीदी दीवार, जिस पर हांसी के वीर सपूतों के नाम अंकित हैं, अब गंदगी और उपेक्षा के कारण धुंधली होती जा रही है। केवल स्वतंत्रता दिवस-गणतंत्र दिवस पर स्मारक की सफाई होती है शहीद स्मारक के आसपास के दुकानदारों ने बताया कि स्मारक की सफाई केवल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर की जाती है। उसके बाद महीनों तक कोई अधिकारी यहां ध्यान नहीं देता। लोगों का कहना है कि इतिहास और शहादत की इस धरोहर की ऐसी हालत देख शर्म महसूस होती है। एक दुकानदार ने रोष जताते हुए कहा, “यह स्मारक हमारी शान है, लेकिन नगर परिषद की लापरवाही ने इसकी हालत बद से बदतर कर दी है। दुकानदारों का कहना है कि अगर अधिकारी समय रहते ध्यान नहीं देंगे, तो आने वाली पीढ़ियां शहीदों की शहादत से अनजान रह जाएंगी। कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं जल्द ही सफाई करवा दी जाएगी वहीं, नगर परिषद के अध्यक्ष प्रवीण इलाहाबादी का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्दी ही इसकी सफाई करवा दी जाए। शहरवासी मांग कर रहे हैं कि शहीद स्मारक की नियमित सफाई, रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि यह स्थल फिर से अपने गौरवपूर्ण स्वरूप में नजर आए और आने वाली पीढ़ियां यहां आकर अपने शहीदों की शहादत से प्रेरणा ले सकें।