Haryana: ट्राले ने एक्टिवा को मारी टक्कर, महिला और नौ माह के बच्चे की मौत, पुलिस ने दर्ज किया केस
सड़क हादसे में महिला और उसके नौ माह के बच्चे की मौत हो गई।
सड़क हादसे में महिला और उसके नौ माह के बच्चे की मौत हो गई।
करनाल में आईपीएस एडीजीपी वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को एससी समाज से जुड़े संगठनों और कई राजनीतिक दलों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी लाउडस्पीकरों और बैनरों के साथ नारेबाजी करते हुए जिला सचिवालय तक पहुंचे। वहां पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई और माहौल तनावपूर्ण बन गया। वहीं दूसरी तरफ राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा सामूहिक हड़ताल रखी गई। जिससे लोगों को दिनभर सरकारी कामों को लेकर परेशान होना पड़ा सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारी, सचिवालय चौक पर शुरू किया धरना पुलिस के रोकने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय चौक पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार कानून व्यवस्था के मामले में पूरी तरह नाकाम साबित हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सुसाइड को छह दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ बातचीत का नाटक कर रही है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की आस में दर-दर भटक रहा है। सुसाइड नोट में अफसरों के नाम, कार्रवाई की उठी मांग प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एडीजीपी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। उन्होंने कई बार अधिकारियों की शिकायत की, लेकिन उनकी आवाज दबा दी गई। इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। मौके से मिला सुसाइड नोट इस बात की पुष्टि करता है कि उन्होंने कुछ अधिकारियों के नाम लिखे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। एसडीएम लौटे, गेट खुलवाकर डीसी ने लिया ज्ञापन स्थिति बिगड़ती देख मौके पर डीएसपी मनोज कुमार, डीएसपी राजीव और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन की ओर से एसडीएम मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने डीसी को ही ज्ञापन देने की बात कही। आखिरकार सचिवालय के गेट खोले गए और प्रदर्शनकारी अंदर पहुंचे। वहां डीसी ने खुद प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और शांतिपूर्वक समाधान का भरोसा दिया।
एडीजीपी आत्महत्या मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस को कॉल डिटेल से नए सुराग मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या से पहले एडीजीपी ने कई अधिकारियों, अपने वकील और कुछ परिचितों को कॉल की थी।
फतेहाबाद सिटी थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अशोक नगर निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल भी बरामद किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि 15 सितंबर 2025 को अशोक नगर निवासी नायब सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी नातिन बीसीए प्रथम वर्ष की स्टूडेंट थी। उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कॉल और मैसेज के जरिए कर रहा था परेशान नायब सिंह ने बताया कि मृतका को मोहल्ले में रहने वाला विकास पिछले कई दिनों से मोबाइल पर कॉल और मैसेज के माध्यम से लगातार परेशान कर रहा था। इस बारे में आरोपी के माता-पिता को पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद विकास अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। इसी मानसिक उत्पीड़न के चलते पीड़िता ने यह कदम उठाया। मोबाइल भी बरामद किया गया मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सभी साक्ष्य एकत्र कर आरोपी विकास कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी से एक मोबाइल बरामद किया गया, जिसका उपयोग मृतका को परेशान करने के लिए किया गया था। इस संबंध में सिटी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 के तहत केस दर्ज किया गया है।
प्रेमी संग लिव इन में रह रही महिला की चाकू से गोदकर हत्या का मामला सामने आया है।
सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस का 7वां दिन है। अभी भी उनका परिवार शव को पोस्टमॉर्टम पर राजी नहीं हुआ है। उनकी यही मांग है कि इस केस में नामजद पुलिस महानिदेशक (DGP) को पद से हटाया जाए। इसी बीच दिवंगत आईपीएस की IAS अफसर पत्नी अमनीत पी कुमार की नाराजगी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वो कहती सुन रही हैं-सरकार ले गई है बॉडी। सरकार को जो करना है कर ले पूरन कुमार का। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 11 अक्टूबर का है। उस दिन जिस दिन प्रशासन ने पूरन कुमार के शव को सिविल अस्पताल से पीजीआई चंडीगढ़ में शिफ्ट किया था। इसी नाराज होकर अमनीत पी कुमार गुस्से में थीं। अब जानिए, 46 सेकेंड के वीडियो में है क्या… सरकारी आवास पर चेहरे पर गुस्से व तनाव के भाव चंडीगढ़ के सेक्टर-24 में कोठी नंबर 132 का है। जिसमें सरकारी आवास पर IAS अमनीत पी कुमार अपने भाई अमित रतन और पिता बाबू रतन सिंह के साथ बैठी दिख रही हैं। अमित रतन पंजाब के भटिंडा से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। इसमें दिख रहा है तीनों के हाव-भाव गुस्से व तनाव से भरे हैं। इसी बीच पीछे से कुछ आवाजें आ रही हैं और इस पर अमनीत गुस्से में रिएक्ट कर रही हैं। कोई अमनीत से फोन पर बात करने की रिक्वेस्ट करता है। बताया जा रहा है कि कोई अधिकारी उनसे मंत्री से बात करने की रिक्वेस्ट कर रहा है। नहीं करनी किसी मंत्री से बात अमनीत गुस्से में कहती हैं- मुझे किसी मंत्री से अब बात नहीं करनी है। नहीं करनी है। मत बुलाओ किसी को। हमें छोड़ दो। इसी बीच विधायक अमित कुमार कहते हैं-हमें छोड़ दो। सरकार ले गई बॉडी आगे अमनीत कहती हैं-सरकार ले गई बॉडी। सरकार जो करना है कर ले वाई पूरन कुमार। इसी बीच वीडियो में दिखाई नहीं दे रहे किसी व्यक्ति की आवाज आ रही है। जो कहते हैं- बहन जी, हम तो आपके साथ हैं। प्रीत तू कोई फैसला नहीं लेगी फिर विधायक अमित रतन कहते हैं- प्रीत तू कोई फैसला नहीं लेगी। सारे परिवार का एक बोर्ड बनाओ, उसनू कहो और फैसला लेउगा। अस्सी तेरे नाल खड़े ने। अस्सी पागल थोड़ी ने। इस पर अमनीत कहती हं-नहीं ले रही कोई फैसला। मीडिया को जाकर बताओ-बॉडी ले गए हैं फिर अमनीत पास खड़े एक व्यक्ति को पंजाबी में कहती हैं। तुस्सी मीडिया को जाकर दस्सो-वी ऐं ले गए ने बॉडी। इस पर विधायक अमित कहते हैं-मैं दसदा सब कुज। (यानी मैंने सब कुछ बता दिया है) । फिर अमनीत किसी के निर्देश देती हैं-डीजीपी यूटी के पास जाओ। 7 दिन से पोस्टमॉर्टम पर फंसा है पेंच 7 सितंबर को आईपीएस वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित घर में सिर पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। 8 पेज का लास्ट नोट लिखा था। जिसमें डीजीपी समेत 14 अफसरों के नाम लिखे। उसके बाद चार दिन तक शव सिविल अस्पताल में पड़ा रहा। परिवार पहले इस बार अड़ा था कि लास्ट नोट में जितने अफसरों के नाम हैं, सभी पर केस दर्ज हो और गिरफ्तारी हो। चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। तब से परिवार यह मांग कर रहा है कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पद से हटाया जाए और अरेस्ट किया जाए। इस मामले में सरकार रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया को पद से हटा चुकी है। इसी गतिरोध के कारण सोमवार दोपहर तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। एससी समाज व परिवार की 31 सदस्यीय कमेटी सब फैसले ले रही है। रविवार को चंडीगढ़ में महापंचायत में 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।
एडीजीपी आत्महत्या मामले की जांच कई अहम सबूतों के अभाव और प्रक्रिया में रुकावट के चलते आगे नहीं बढ़ पा रही है। सूत्रों के अनुसार परिजनों ने उस लैपटॉप को पुलिस को देने से इन्कार कर दिया है जिसमें फाइल नोट टाइप किया गया था।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले 50 हजार के इनामी बदमाश को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट के आदेश पर उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। अब पुलिस उसे लाडवा में शराब के ठेके पर गोलियां चलाने के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर फिर से गिरफ्तार करेगी। पुलिस के मुताबिक, पिछले महीने 19 सितंबर को CIA-1 की टीम ने लाडवा के नए बस अड्डे के सामने शराब के ठेके पर गाेली चलाने वाले अमन निवासी जैनपुर को मुठभेड़ के बाद काबू किया था। उसकी दोनों टांगों में गोलियां लग गई थी। तभी से उसका LNJP अस्पताल में इलाज चल रहा था। 2 लाख लेकर की फायरिंग अमन की गैंगस्टर के साथ 2 लाख रुपए में शराब के ठेके और शॉपिंग कॉम्पलैक्स पर फायरिंग करने की डील हुई थी। इसमें हथियार भी गैंगस्टर को मुहैया करवाने थे। फायरिंग के लिए गैंगस्टर ने उनको 2 लाख रुपए एडवांस दिए थे। इसके बाद अमन फायरिंग करने के लिए तैयार हो गया था। रजत को साथ में लिया इस काम के लिए अमन ने अपने दूसरे साथ लाडवा में अपनी बुआ के पास रहने वाले रजत को तैयार किया। हथियार मिलने पर एक दिन में लाडवा और यमुनानगर में टारगेट पर गोलियां चलाने का प्लान किया। इसके लिए उन्होंने अपने तीसरे साथी के साथ मिलकर पहले यमुनानगर के पास से पिस्टल के दम पर बाइक छीनी थी। तीनों में बंटना था पैसा गैंगस्टर से मिले 2 लाख रुपए तीनों साथियों में बांटे गए थे। साथ ही अमन और रजत को हथियार भी अपने पास ही रखने वाले थे। उन्होंने अपने तीसरे साथी को पैसे का लालच देकर अपने साथ मिलाया था। हालांकि अभी तक उनका तीसरा साथी पकड़ा नहीं गया है, जबकि रजत काे यमुनानगर की पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है। 3 घंटे में 2 जगह फैलाई दहशत 14 सितंबर रात करीब 8 बजे अमन और रजत ने अपने तीसरे साथी के साथ यमुनानगर में एक शॉपिंग कॉम्पलैक्स के बाहर गोलियां चलाई थी। इसके 3 घंटे बाद उन्होंने लाडवा में शराब के ठेके बाहर फायरिंग की थी। फायरिंग के बाद तीनों फरार हो गए थे। पुलिस ने अमन और रजत की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। गैंगस्टर ने डाली पोस्ट पुलिस के एनकाउंटर के बाद गैंगस्टर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पुलिस को खुला चैलेंज दिया था। साथ ही दोनों एनकाउंटर को फर्जी बताया था हालांकि दैनिक भास्कर की इस पोस्ट की कोई पुष्टि नहीं करता है। वहीं, पुलिस का कहना है कि इन सबकी जांच चल रही है। फायरिंग मामले में करेंगे गिरफ्तार- सुरेंद्र सीआईए-1 के इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि एनकाउंटर में पकड़े गए शूटर अमन को जेल भेज दिया गया है। अब उसे ठेके पर फायरिंग के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेंगे। पूछताछ के बाद खुलासा होगा कि उन्होंने और कहां पर फायरिंग करनी थी। वहीं जल्द ही उसका तीसरा साथी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
करनाल में बाइक सवार बदमाशों ने एक महिला का मंगलसूत्र झपट लिया।
हरियाणा के आईपीएस अधिकारी और एडीजीपी वाई पूरन कुमार की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर दलित महासभा हरियाणा और वाल्मीकि वीर सेना की ओर से सोमवार दोपहर को बहादुरगढ़ में जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। दलित महासभा हरियाणा के अध्यक्ष हरिओम प्रधान का कहना है कि वाई पूरन कुमार जैसे ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। संगठनों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन भी सौपेंगे दलित महासभा और अन्य सामाजिक संगठनों ने घोषणा की है कि सोमवार को शहर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा और एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस मौके पर दलित महासभा हरियाणा के अध्यक्ष हरिओम प्रधान, सामाजिक कार्यकर्ता बिजेंद्र लुखड़ समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।