Haryana Dog Attack: ढाई साल के मासूम पर टूट पड़ा खूंखार कुत्ता, बुरी तरह नोचा मुंह, पीजीआई चंडीगढ़ रेफर
एक आवारा कुत्ते ने घर के बाहर खेल रहे ढाई साल के बच्चे वैभव राणा पर हमला कर दिया।
एक आवारा कुत्ते ने घर के बाहर खेल रहे ढाई साल के बच्चे वैभव राणा पर हमला कर दिया।
हरियाणा में हिसार के कुछ गांवों में जहां जलभराव की स्थिति अब भी बनी हुई है तो वहीं शहर में पानी का संकट बन गया है। इसका कारण है कि लगातार पंपसेट के माध्यम से गांवों में जमा पानी को नहर में डाला जा रहा है। इससे पूरी नहर प्रदूषित हो गई है। हिसार में बालसमंद ब्रांच से पेजयल आपूर्ति होती है। इससे शहर में पेयजल संकट गहराया हुआ है। नहर में गंदे पानी वजह से घरों तक गंदा पानी सप्लाई के माध्यम से ना पहुंचे इस कारण पब्लिक हेल्थ और एचएसवीपी ने जलघरों में नहर का पानी भरना बंद कर दिया है। ऐसे में जलघरों में महज कुछ ही दिनों का पानी बचा है। इसको लेकर डीसी अनीश यादव ने एचएसवीपी, पब्लिक हेल्थ व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग बुलाई थी। डीसी ने बैठक में से दिए आदेश मीटिंग में तय हुआ कि जल संकट को कैसे खत्म किया जा सकता है। दूसरा, पानी भी लोगों तक साफ पहुंचाना है। तय हुआ कि 30 सितंबर को 10 से 12 घंटे साफ पानी की सप्लाई की जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इतने घंटे तक नहरों में डाले जा रहे गंदे पानी को बंद करवाएं। डीसी ने स्पष्ट कहा कि अगर इन घंटों के बीच पंपसेट लगे एरिया की लाइट भी काटनी पड़े तो काट दी जाए, ताकि नहर में गंदा पानी न डाल सके। अतिरिक्त पंपसेट लगाए जाएंगे डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय में ही एचएसवीपी व पब्लिक हेल्थ विभाग अपने-अपने वाटर टैंक अतिरिक्त पंपसेट लगाकर भर लें। इसके बाद हर दो दिन बाद नहर में साफ पानी की सप्लाई होगी। बता दें कि करीब 20 दिन से नहर से जलघरों में पानी नहीं भरा गया है। इसका कारण है कि नहर में पीछे से गंदा पानी आ रहा है। इसमें जहरीले केमिकल हैं। इसलिए इस पानी को जलघरों में नहीं भरा जा रहा। इसके कारण अचानक पानी की दिक्कत खड़ी हो गई है। सेक्टरों में पानी की दिक्कत के कारण सबसे ज्यादा सेक्टर 16-17 और 9-11 प्रभावित होंगे। यहां एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई किया जाएगा। हिसार की बालसमंद ब्रांच में इस समय गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। इन सेक्टरों में रहेगी पानी की राशनिंग शहर के सेक्टर 9-11, सेक्टर 16-17, सेक्टर 15, सेक्टर 13, सेक्टर 13-पी, अर्बन एस्टेट और पीएलए सेक्टरों में पानी की दिक्कत रहेगी। सेक्टर 16-17 और 9-11 में एक दिन छोड़कर पानी आएगा और वहीं सेक्टर 13 सहित दूसरे सेक्टरों में 2 टाईम के बजाय एक समय ही पानी जाएगी। एचएसवीपी के अधिकारियों का कहना है कि पानी के कैंटर की सुविधा नहीं मिलेगी। लोगों को पानी बरतने में कंजूसी करनी होगी। पानी की दिक्कत होती है तो लोगों को अपने खर्च पर ही टैंकर मंगवाने पड़ेंगे।
दीनानाथ कॉलोनी में ई-रिक्शा चालक के घर पर रंगदारी के लिए की गई फायरिंग की घटना के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हरियाणा सरकार ने 25 सितंबर को दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी एप लॉन्च कर दिया। पंचकूला में मुख्य कार्यक्रम में CM नायब सैनी खुद पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान ही आंकड़ा सामने आया कि 50 हजार लोगों ने ये एप डाउनलोड कर लिया है। शाम होते-होते ये आंकड़ा 1 लाख को पार कर गया। योजना के लिए एक मोबाइल नंबर से 25 आवेदन किए जा सकते हैं। इसमें 23 से 60 साल के बीच की महिलाओं को 2100 रुपए महीना मिलेंगे। 1 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। परिवार पहचान पत्र (PPP) के मुताबिक हरियाणा में यह आंकड़ा करीब 21 लाख है। एप ओपन करने के बाद 6 स्टेप में आवेदन कर सकते हैं। उधर, एप के बारे में सीएससी सेंटर संचालकों का कहना है कि यह एक सरल एप है। इसलिए लोग खुद ही अपनी डिटेल एप पर भर रहे हैं। वहीं, सत्यापन के 1 महीने बाद खाते में पैसा आना शुरू होगा। खाली पड़े रहे CSC सेंटर लॉन्चिंग के बाद एप को डाउनलोड करने वालों की संख्या बढ़ गई है। रजिस्ट्रेशन के लिए लोग सीएससी सेंटर न जाकर खुद ही अपने मोबाइल से फॉर्म भर रहे हैं। इस कारण सीएससी सेंटर गुरुवार को खाली रहे, जबकि सेंटर संचालकों को आज भीड़ आने की उम्मीद थी। अब समझें…एप डाउनलोड करने से लेकर फाइनल तक के स्टेप आवेदन की स्थिति एप पर देखें इसके बाद निवास प्रमाण पत्र विवरण, जिसमें आवेदक की वैवाहिक स्थिति, क्या आप हरियाणा के निवासी हैं, क्या आपके पास हरियाणा सरकार द्वारा जारी निवासी प्रमाण पत्र है और निवास प्रमाण पत्र संख्या लिखने के बाद आवेदन को सत्यापित करना है। इसके बाद आवेदन की स्थिति भी एप पर देख सकते हैं। सत्यापन के बाद पैसा आने में 1 महीना लगेगा सभी पंजीकृत आवेदन नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) को भेजे जाएंगे। क्रिड 15 दिनों में परिवार पहचान पत्र (PPP) और अन्य वेरिफिकेशन सिस्टम से मिलान कर विवरण का सत्यापन करेगा। इसके बाद क्रिड पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर उन्हें SMS भेजेगा। एसएमएस में पूछा जाएगा कि आवेदक 2100 रुपए प्रति माह ही लेना चाहती हैं या इससे कम। इसकी पुष्टि होने पर अगले महीने से लाभार्थी को योजना का लाभ मिलने लगेगा। यानी जो अब आवेदन कर रहे हैं, उन्हें नवंबर में ही पैसा मिलेगा। तीसरे फेज में 47 लाख महिलाएं होंगी पात्र प्रदेश सरकार इस योजना के लिए धीरे-धीरे तीन फेज में लागू करेगी। पहले फेज में एक लाख आय वाली महिलाओं को शामिल किया गया है। इसके तहत 20 से 21 लाख महिलाएं हैं। वहीं दूसरे फेज में उम्मीद है कि 1 लाख 80 हजार रुपए वार्षिक पारिवारिक आय वाली महिलाओं को शामिल किया जाए। योजना के तीसरे फेज में वार्षिक सीमा 3 लाख रुपए तक हो सकती है। यह फेज साल 2028-29 के आसपास शुरू किया जा सकता है। PPP के अनुसार तीन लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं की वर्तमान संख्या 46 लाख 62 हजार हैं। अगले 3 साल में यह आंकड़ा 47 लाख के पार होने का अनुमान है। ———————————————- हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना एप लॉन्च:CM बोले- 50 हजार महिलाएं डाउनलोड कर चुकीं, सीधे खाते में आएंगे ₹2100 हरियाणा सरकार ने आज पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLYP) का मोबाइल एप लॉन्च किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पहल बताया और कहा कि यह एप प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर साबित होगा। (पूरी खबर पढ़ें)
जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी मक्खन सिंह लबाना ने शानदार जीत हासिल की।
हरियाणा के पंचकूला में पुलिस ने हिमाचल से मकान मालिक के घर से जेवर चोरी कर आए पति-पत्नी से लाखों रुपए के जेवर बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपी हिमाचल पुलिस को सौंप दिए हैं। चोरी के मामले में हिमाचल पुलिस कार्रवाई कर रही है। DCP सृष्टि गुप्ता ने बताया कि प्रकाश क्षेत्री निवासी नेपाल व उनकी पत्नी निर्मला क्षेत्री ने सोलन (हिमाचल प्रदेश) अपने मकान मालिक विजय वर्मा के घर से करीब 80-90 हजार रुपए नकद और सोने के गहने लेकर पंचकूला की ओर आ गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही विजय वर्मा ने अपने भांजे को सूचित किया, जिसके बाद तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई। सेक्टर-16 से आरोपी काबू पंचकूला सेक्टर-16 चौकी इंचार्ज सिंह राज और 112 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दंपती को सेक्टर-16 से काबू कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से नकदी और जेवरात बरामद कर लिए। बरामदगी के बाद पंचकूला पुलिस ने मामले की पूरी जानकारी और बरामद नकदी व जेवर हिमाचल पुलिस को सौंप दिया, ताकि इसे विधिवत आगे की कार्रवाई में शामिल किया जा सके।
हरियाणा में पटवारियों की कमी से गिरदावरी का काम प्रभावित हो रहा है।
हिसार जिले में धांसू, सुलखनी गांव की ओर आ रही एक बस का वीरवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब हिसार से धांसू, सुलखनी, घिराय और खानपुर जाने वाली राज्य परिवहन की बस का अगला टायर अचानक निकल गया। बस में उस समय दर्जनों यात्री सवार थे, जिनमें स्कूल और कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट भी शामिल थे। गनीमत रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन एक बारगी सभी यात्रियों में दहशत फैल गई और बस के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चार गांवों के लिए रवाना हुई थी बस जानकारी के अनुसार रोडवेज की यह बस हिसार बस स्टैंड से निर्धारित चार गांवों के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही यह एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल से तलवंडी राणा की तरफ जाने वाले रास्ते पर पहुंची, अचानक चालक की ओर से अगला टायर निकल गया। टायर निकलते ही बस का अगला हिस्सा सीधे सड़क से टकरा गया। इस दौरान बस में जोरदार झटका लगा, लेकिन चालक ने सूझबूझ से बस को नियंत्रित किया। किसी तरह बड़ी दुर्घटना होने से बचा लिया। यात्रियों ने बताया भय का आलम बस में सवार सुलखनी के राजेश नलवा ने बताया कि घटना के समय सभी यात्री बुरी तरह घबरा गए थे। ऐसा लगा जैसे अब कोई बड़ा हादसा होने वाला है, लेकिन भगवान की कृपा रही कि सभी सुरक्षित बच गए। अन्य यात्रियों ने भी कहा कि इस पल में उनकी धड़कनें थम सी गई थीं, लेकिन सुरक्षित बच निकलने पर सभी ने ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया। स्टूडेंट को उठानी पड़ी परेशानी हिसार पढ़ने आने वाले चारों गांवों के कई छात्र भी इस बस में सफर कर रहे थे। हादसे के बाद उन्हें और अन्य यात्रियों को मौके पर ही काफी देर तक खड़ा रहना पड़ा। बाद में सभी को निजी वाहनों व अन्य साधनों के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। जांच की उठी मांग यात्रियों का कहना है कि ड्राइवर की साइड से अगला टायर आखिर कैसे निकल गया, यह गंभीर जांच का विषय है। रोडवेज प्रबंधन को मामले की गहन जांच करनी चाहिए, क्योंकि इस तरह की लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। यात्रियों का कहना है कि गनीमत रही कि सभी सुरक्षित बच गए, अन्यथा नतीजे भयावह हो सकते थे।
हरियाणा के जींद के गांव करेला से 14 अगस्त को लापता हुए सुमित का शव 42 दिन बाद रोहतक जिले के गांव समरगोपालपुर के पास मिला है।
हरियाणा के फरीदाबाद में एक युवक ने अपनी दो मासूम बेटियों के साथ कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों बेटियों में एक तो मात्र डेढ़ महीने की थी, जबकि दूसरी बेटी की उम्र करीब दो साल बताई गई है। गुरुवार की रात साढ़े आठ बजे घटना सामने आई। जिस वक्त यह घटना हुई, युवक अपनी दोनों बेटियों के साथ ही घर में अकेला था। उसके पिता और भाई बाहर गए थे। जब पिता लौटे तो युवक के कमरे का दरवाजा बंद मिला। ना खुलने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही सेक्टर-8 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… डेढ़ माह पहले हो गई थी पत्नी की मौत : युवक की पहचान 35 वर्षीय युवक निखिल गोस्वामी निवासी सेक्टर 8 के रूप में हुई। वह यहां अपने पिता उदय शंकर और भाई मनीष के साथ रहता था। डेढ़ माह पहले उसकी पत्नी पूजा की मौत डिलीवरी के वक्त हो गई थी। बताया गया कि बेटी को जन्म देने के बाद अधिक खून बहने से पूजा की मौत हुई थी। इससे पहले निखिल की दो साल की एक बेटी और थी, जिसका नाम सिद्धि था। डेढ़ माह की बेटी का नाम रिद्धि था। सुसाइड के वक्त घर में दोनों बेटियों के साथ था : पड़ोसियों के मुताबिक, उन्हें सूचना रात साढ़े आठ बजे उस वक्त मिली, जबकि निखिल के पिता उदय शंकर बाहर से टहल कर आए। उस वक्त निखिल और उसकी दोनों बेटियां ही घर में थी। कमरे का दरवाजा न खोलने पर उसके पिता ने पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी। बेटियां एक कमरे में, खुद दूसरे में किया सुसाइड : सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर एक कमरे में निखिल का फंदे से लटका हुआ शव मिला। इसी के बगल वाले कमरे में दोनों बेटियों के शव मिले। यह देख पुलिस और वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पड़ोसी बोले- पत्नी की मौत से था परेशान : पड़ोस में रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब डेढ़ महीने पहले ही निखिल की पत्नी की डिलीवरी हुई थी। पत्नी के निधन के बाद से ही निखिल गहरे सदमे और डिप्रेशन में रहने लगा था। चह अक्सर अकेले रहता था। कहना है कि इसी मानसिक तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया। भाई की पत्नी की भी आठ माह पहले हुई मौत पुलिस के मुताबिक, निखिल के भाई की पत्नी की भी आठ माह पहले हार्टअटैक से मौत हो गई थी। मनीष प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है, जबकि निखिल ने वर्तमान में कुछ नहीं करता था। एक साल पहले वह ठेकेदारी का काम करता था, जो उसने छोड़ दिया था। इनके पिता उदय शंकर इंडियन ऑयल कंपनी सेक्टर 12 से रिटायर्ड बताए गए है। मूल रूप से यूपी का रहने वाला है परिवार पुलिस के मुताबिक, उदय शंकर का परिवार मूल रूप से यूपी का रहने वाला है। मगर, 40 साल से यहां सेक्टर आठ में अपना मकान बनाकर रहे रहे है। तीन मंजिलें मकान के फर्स्ट फ्लोर पर निखिल अपनी बेटियों के साथ रहता था। हादसे के बाद से परिवार और मोहल्ले में गम का माहौल है।