Haryana: तालाब में दिखे मगरमच्छ, लोगों में दहशत का माहौल, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बनाया वीडियो
गांव रूआं के तालाब में वीरवार देर शाम दो मगरमच्छ देखे गए, जिससे हड़कंप मच गया।
गांव रूआं के तालाब में वीरवार देर शाम दो मगरमच्छ देखे गए, जिससे हड़कंप मच गया।
हरियाणा के कैथल के पुंडरी कस्बे के मोहना गांव के एक युवक युवक की अमेरिका जाते समय ‘डंकी रूट’ पर डोंकरों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। इस घटना के बाद पूरे पुंडरी क्षेत्र में मातम छा गया है। युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। जानकारी के अनुसार, हरियाणा और पंजाब के दो युवकों को ‘डंकी रूट’ से अमेरिका ले जाते समय डोंकरों ने बंधक बना लिया था। डोंकरों ने हरियाणा के युवक के पिता को टॉर्चर करते हुए वीडियो भेजे थे, जिनमें युवकों की पिटाई करते और उन पर पिस्तौल ताने जाने के दृश्य थे। कुछ महीने पहले डोंकरों ने युवक को छोड़ने के लिए पिता से 20 हजार डॉलर (लगभग 17.5 लाख रुपए) की फिरौती मांगी थी। वीडियो में युवक ने अपने पिता से पैसे देने की गुहार लगाई थी, यह कहते हुए कि ‘ये मार देंगे’। युवक को अमेरिका भेजने वाले एजेंट भी फरार बताए जा रहे हैं। परेशान परिजनों ने पहले कैथल के एसपी से मिलकर दोषी एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई और बेटे की सुरक्षित वापसी की मांग की थी। एसपी ने मामले में एफआईआर दर्ज करने और जांच शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। गांव में आज रीति-रिवाजों के अनुसार पाठ का आयोजन किया गया। इसमें पूरा गांव शामिल हुआ। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष जताया गया। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरा मामला 1 लाख में डील, 14 लाख ले चुके एजेंट : कैथल के गांव मोहना निवासी युवराज के पिता कुलदीप ने बताया कि उसने अपने बेटे युवराज को अमेरिका भेजने के लिए कुछ एजेंटों से संपर्क किया था। एजेंटों ने 41 लाख रुपए में डील तय की। उसे कहा कि पैसे तभी लेंगे, जब युवराज अमेरिका पहुंच जाएगा। मगर, एजेंटों ने अलग-अलग बहानों से 14 लाख रुपए पहले ही ले लिए। एजेंटों ने शुरू में ही ले लिया युवराज का पासपोर्ट : पिता ने बताया कि भारत से जाते वक्त एजेंटों ने शुरू में ही युवराज का पासपोर्ट ले लिया। इसके बाद अक्टूबर 2024 में उसे डंकी रूट से अमेरिका के लिए रवाना कर दिया गया। शुरुआत में तो बेटे से फोन पर बातचीत होती रही। मगर, कुछ दिन से उसके फोन आने बंद हो गए। इससे परेशान परिजनों ने एजेंटों से संपर्क साधा। उन्होंने बताया कि युवराज रास्ते में है। घने जंगलों, पहाड़ी रास्तों और समुद्र के रास्ते वह अमेरिका जा रहा है। वहां फोन आदि नहीं चलते। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब अमेरिका पहुंचकर युवराज से संपर्क होगा। युवराज को ग्वाटेमाला में बनाया गया था बंधक : पिता ने बताया कि बेटे युवराज से कई दिन से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसी बीच उनके मोबाइल पर वीडियो भेजे गए, जिसमें उनके बेटे युवराज को ग्वाटेमाला देश में बंधक बनाना बताया गया। डोंकर उसे छोड़ने की एवज में 20 हजार अमेरिकी डॉलर (भारतीय रुपयों में 17.66 लाख रुपए) की फिरौती मांगे। वीडियो में बेटे के साथ एक युवक और नजर आ रहा था, जो पंजाब का बताया गया है। पिस्टल दिखाकर किया जा रहा टॉर्चर : परिवार को भेजे वीडियो में डोंकर दोनों युवकों को फर्श पर उल्टे लेटाकर थप्पड़ मारते दिख रहे थे। पिस्टल को लोड कर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। दोनों युवक काफी डरे हुए लग रहे थे। उन्होंने डोंकरों से हाथ जोड़कर मारपीट न करने की गुहार लगाई थी। एजेंट बोले थे- फिरौती तो देनी ही होगी : युवराज के पिता कुलदीप ने बताया कि वीडियो में बेटे के साथ मारपीट होती देख परिवार बेहद परेशान थे। उसने तुरंत उन एजेंटों ने संपर्क साधा और वीडियो दिखाते हुए बेटे को बचाने की गुहार लगाई। एजेंटों ने साफ कह दिया था कि फिरौती की रकम तो देनी ही होगी, नहीं तो बेटा वापस नहीं आएगा। कुलदीप ने बताया कि एजेंटों की इस बात से वे डर गए। इसके बाद ही वे पुलिस के पास गए। पापा प्लीज पैसे डाल दो…ये लोग हमें मार देंगे वीडियो में युवराज और दूसरा युवक हाथ जोड़कर परिवार से उन्हें बचा लेने की गुहार लगा रहा था। युवराज ने कहा था पापा जी इन्होंने हमें बंधक बना लिया है। ये हमें बहुत पीट रहे हैं। ये लोग हमें मार देंगे। सैफ भी मेरे साथ है। पापा प्लीज, पैसे डाल दो। नवजोत भाई और माइकल भाई के खाते में पैसे डाल दो, जितने पैसे ये लोग कहते हैं डाल दो। नहीं तो ये लोग हमें मार देंगे। हमें बहुत पीटा है…प्लीज पैसे डाल दो। एसपी ने दिया था कार्रवाई का आश्वासन युवराज के पिता ने एसपी को बताया था कि अब बेटे को अमेरिका भेजने वाले एजेंट भी फरार हैं। पूरा मामला एजेंटों की मिलीभगत का लग रहा है, जिन्होंने पहले पैसे ऐंठे और फिर युवक को संकट में डाल दिया। उसने दोषी एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई और युवराज की सुरक्षित वापसी की मांग की थी। उधर, एसपी राजेश कालिया ने आश्वासन दिया था कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। परिवार का आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच बेटे की डोंकरों ने हत्या कर दी।
कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने यह कहते हुए समर्थकों में हुंकार भरी कि बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा में जो साथ नहीं हैं वह 6-7 महीने इंतजार करें, उन्हें पता चल जाएगा कि किसमें कितना दम है।
फरीदाबाद में साइबर ठगी के मामलों पर लगातार कार्रवाई करते हुए साइबर थाना NIT पुलिस ने इंस्टाग्राम पर कपड़ों की एड डालकर लोगों से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार, एस.जी.एम. नगर, फरीदाबाद निवासी एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 1 सितम्बर को जब वह इंस्टाग्राम चला रही थी, तो उसे “Look Up To Fashion” नाम से एक पेज दिखाई दिया। पेज पर आकर्षक कपड़ों की एड देखकर महिला ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया और 2500 रुपए में तीन सूट का ऑर्डर दिया। जब महिला ने ऑर्डर की ट्रैकिंग आईडी मांगी तो आरोपियों ने तकनीकी समस्या का बहाना बनाते हुए कहा कि ऑर्डर 2-3 दिन में पहुंच जाएगा। कुछ देर बाद आरोपियों ने फिर फोन कर बताया कि उनकी पहले की गई पेमेंट सिस्टम में नहीं दिख रही, इसलिए रीपेमेंट करना होगा। महिला ने दोबारा किया भरोसा महिला ने उन पर भरोसा करते हुए दोबारा पेमेंट कर दी। इसके बाद भी जब ट्रैकिंग आईडी नहीं दी गई तो उन्होंने अलग-अलग सर्विस चार्ज और फीस के नाम पर बार-बार स्कैनर भेजकर महिला से कुल ₹47,500 वसूल लिए। महिला की शिकायत पर साइबर थाना NIT में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर थाना टीम ने तकनीकी जांच व ट्रांजेक्शन डिटेल्स के आधार पर 29 अक्टूबर को तीन आरोपियों, मोहम्मद अंश (20) निवासी बजरंग विहार जयपुर, प्रीतम सिंह (25) निवासी राजेन्द्र सुंदर नगर जयपुर और प्रशांत द्विवेदी (26) निवासी गांव रिवाली, सवाई माधोपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया। तीनों मिलकर लोगों से करते से ठगी पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मोहम्मद अंश इंस्टाग्राम पेज बनाकर उस पर कपड़ों की एड डालता था और ग्राहकों से बात कर ऑर्डर लेता था। प्रशांत खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताकर कॉल करता था, जबकि प्रीतम डिलीवरी बॉय बनकर ग्राहकों से बात करता था। तीनों मिलकर मिलकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते थे।पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि उनसे ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। ।
पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर 29 सितंबर को कुरुक्षेत्र के बबैन तहसील से पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत हुई थी।
बहादुरगढ़ में एचपीसीएल बठिंडा से तारकोल (बिटुमिन) भरकर आसौदा प्लांट के लिए निकले एक टैंकर चालक ने रास्ते में गड़बड़ कर दी। टैंकर चालक पर 9 लाख रुपए का बिटुमिन चोरी करके बेचने का आरोप है। फर्म की शिकायत पर आसौदा थाना पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मथुरा के निवासी फनेश दास ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह जयदीप पेट्रोकैम कंपनी का प्रतिनिधि है। उनकी फर्म ट्रांसपोर्ट व पेट्रोलियम प्रोडक्ट की खरीद-फरोख्त करती है। कुछ दिन पहले उनकी कंपनी का टैंकर एचपीसीएल बठिंडा से बिटुमिन भरकर आसौदा स्थित एचपी प्लांट के लिए चला था। टैंकर पर यूपी के अलीगढ़ के मिर्जापुर निवासी नरेश कुमार चालक था। नरेश ने अपने स्तर पर ही गाड़ी पर कोई हेल्पर रख रखा था, जिसकी उनके पास कोई जानकारी नहीं है। चालक के मन में आया लालच शिकायत के अनुसार बठिंडा से गाड़ी चली तो नरेश के मन में लालच आ गया। उसने गाड़ी से काफी मात्रा में बिटुमिन निकालकर कहीं बेच दिया। फिर चोरी किए गए बिटुमिन की मात्रा पूरी करने के लिए कुछ अन्य पदार्थ मिला दिया। इसके बाद टैंकर यहां आसौदा प्लांट पर आया। नरेश ने कंपनी को सूचित किया कि प्लांट पर गाड़ी खड़ी कर दी है और वह त्योहार के चलते घर जा रहा है, लेकिन कई दिन के बाद भी वह नहीं लौटा। टैंकर में भरे माल की जांच में सैंपल फेल मिला फनेश दास ने बताया कि चालक ने इसके बाद अपने किसी जानकार को गाड़ी खुलवाने को भेजा। जब माल की टेस्टिंग की गई तो सेंपल फेल मिला। कंपनी की ओर से उन्हें सूचित किया गया तो चोरी और नरेश की कारगुजारी पकड़ी गई। कंपनी ने नरेश से फोन कर पूछा तो उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और इसके बाद फोन बंद कर लिया। फनेश दास ने आरोप लगाया कि नरेश ने बदनीयती से बड़ी मात्रा में बिटुमिन चोरी किया और तोल पूरा करने के लिए माल में कोई हानिकारक पदार्थ मिला दिया। उसके इस विश्वासघात से फर्म को लगभग 9 लाख की हानि हुई है। इतना ही नहीं, कंपनी ने उनकी फर्म पर पेनल्टी लगा दी है। आसौदा पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सफीदों विधानसभा से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम के सिस्टम पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपी को लेकर पूछे गए सवाल पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बचते नजर आए।
बहादुरगढ़ में झज्जर मोड़ के पास एक युवक पर लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घायल युवक की पहचान महावीर पार्क निवासी संजय के रूप में हुई है। हमले का कारण रुपए के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने चार युवकों पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संजय ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसने राकेश नाम के व्यक्ति से एक लाख 20 हजार रुपए लिए थे, जिस पर वह दस प्रतिशत ब्याज देता था। कुछ दिन पहले वह झज्जर रोड स्थित एक मोबाइल की दुकान पर गया था। जैसे ही वह दुकान से बाहर निकला, राकेश ने उसका रास्ता रोक लिया और सिर पर कड़ा मार दिया। हथेली पर किया चाकू से वार संजय ने बताया कि इसी दौरान राकेश के तीन साथी भी वहां पहुंच गए और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। संजय का आरोप है कि राकेश ने उसकी हथेली पर चाकू से वार किया। किसी तरह उसने भागकर जान बचाई और परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। वारदात 23 अक्टूबर की बताई जा रही है। तबीयत में सुधार होने के बाद संजय के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश और मामले की जांच जारी है।
अंबाला कैंट के टांगरी नदी स्थित विश्वकर्मा नगर में सरकंडों के बीच वीरवार सुबह 9 बजे एक युवक का शव मिला।
सोहना पुलिस ने अपनी तत्परता का परिचय देते हुए एक महिला का साढ़े पांच लाख रुपए कीमत का सोने का हार महज दो घंटे के भीतर बरामद कर लिया। पुलिस ने यह हार उसके वास्तविक मालिक को लौटा दिया। मेडिकल ऑफिसर डॉ. सलीम की पत्नी का लगभग पांच तोला वजन का सोने का हार, जिसकी अनुमानित कीमत 5 लाख 50 हजार रुपए थी, सोहना थाना के सामने अनजाने में गिर गया था। हार गुम होने का पता चलते ही महिला ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और अपनी टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहनता से निरीक्षण किया। बाइक सवार के हाथ लगा था हार जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हार एक बाइक सवार युवक के हाथ लग गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन युवक का पता लगाया और हार बरामद कर लिया। मात्र दो घंटे के भीतर बरामद किया गया यह हार डॉ. सलीम और उनकी पत्नी को विधिवत रूप से सौंप दिया गया। दंपती ने सोहना पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से उनका पुलिस पर विश्वास और गहरा हुआ है। थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि “पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा और उनके विश्वास को सर्वोपरि रखना है। जनता का भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।”