Haryana: पीजी की पांचवीं मंजिल से कूदी महिला, मानसिक तौर पर थी परेशान, हुई मौत
रोहतक शहर की देव कॉलोनी में सोमवार तड़के तीन बजे पीजी की पांचवीं मंजिल से कूदकर झज्जर की 27 साल की महिला ने सुसाइड कर लिया। वह मानसिक तौर पर परेशान बताई जा रही थी।
रोहतक शहर की देव कॉलोनी में सोमवार तड़के तीन बजे पीजी की पांचवीं मंजिल से कूदकर झज्जर की 27 साल की महिला ने सुसाइड कर लिया। वह मानसिक तौर पर परेशान बताई जा रही थी।
फरीदाबाद के नेशनल हाईवे पर ओल्ड मेट्रो स्टेशन के पास तेज रफ्तार कार ने आग चल रही दूसरी गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक गाड़ी डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हांलाकि इसमें किसी को कोई चोट नही आई है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। नेशनल हाईवे पर 19 पर रविवार की देर रात करीब 10 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। हांलाकि इसमें किसी को गंभीर चोट नही आई है। हादसे में एक गाड़ी डिवाइडर से टकराकर पलट गई। गाड़ियों में लगे एयरबैग के चलते सभी सुरक्षित बच गए। सेक्टर 16 चौकी के पुलिस ASI संदीप ने जानकारी देते हुए बताया कि, दिल्ली की तरफ से आ रही सफेद रंग की एक VIRTUS तेज रफ्तार कार ने अपने आगे चल रही I-20 को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि आगे चल रही I-20 कार डिवाइडर पर ग्रिल को तोड़कर सर्विस रोड पर चली गई । टक्कर मारने वाली सफेद VIRTUS बेकाबू होकर ग्रिल को तोड़कर वही पर पलट गई। पुलिस के मुताबिक सफेद रंग की VIRTUS कार में दो लड़के बैठे हुए थे। जबकि दूसरी कार I-20 में एक लड़का -लड़की बैठे हुए थे। सभी एक दूसरे को जानते है और करनाल के रहने वाले है। पुलिस ने बताया कि वह यहां पर करणी शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस करते है और रात को करीब 10 बजे फिल्म देखने के लिए आए थे। पुलिस ASI संदीप ने बताया कि इस हादसे में किसी को कोई चोट नही आई है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने दोनों गाड़ियों को वहां से हटाकर ट्रेफिक को सुचारू रूप से चालू कराया । हम इस खबर को आगे अपडेट कर रहे है।
संपत सिंह ने लिखा कि कांग्रेस में आज निष्ठा का इनाम दासता है और मतभेद की सजा निष्कासन।
दिल्ली में गैर बीएस-6 (BS-6) श्रेणी के मालवाहक डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगते ही बहादुरगढ़ बाईपास एक बार फिर पुराने ट्रकों का अस्थायी अड्डा बन गया है। एक नवंबर से दिल्ली सरकार द्वारा जारी पाबंदी के तहत अब बीएस-6 से कम मॉडल वाले डीजल मालवाहक वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं है। जैसे ही आदेश लागू हुआ बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 बाईपास, मेट्रो यार्ड के पास और सर्विस लेन के किनारे पुराने ट्रकों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। यह दृश्य अब हर साल इस मौसम में आम होता जा रहा है। नो-एंट्री और पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण ट्रक चालक दिल्ली सीमा में प्रवेश से पहले ही अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। इनमें से कई चालक दिन में बाईपास पर ट्रक पार्क करते हैं और रात के अंधेरे में चोरी-छिपे दिल्ली में प्रवेश की कोशिश करते हैं। इससे बाईपास रोड पर ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। बार्डरों पर 500 से ज्यादा वाहनों की जांच, पुराने वाहन कम इस बार हालांकि पुराने ट्रकों की संख्या अपेक्षाकृत कम नजर आ रही है। इसका कारण यह है कि बहादुरगढ़ और आसपास के इलाकों में चलने वाले अधिकतर मालवाहक वाहन अब बीएस-6 या सीएनजी मॉडल में परिवर्तित हो चुके हैं। वहीं कुछ बीएस-4 श्रेणी के वाहन भी देखे जा रहे हैं जिन्हें दिल्ली सरकार द्वारा 31 अक्टूबर 2026 तक अस्थायी छूट दी गई है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग और पुलिस ने सीमा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के लिए टीमों की तैनाती की है। बहादुरगढ़ के दो प्रमुख बॉर्डर टीकरी और झाड़ौदा बॉर्डर पर अधिकारियों ने अब तक 500 से अधिक वाहनों की जांच की है। इनमें से केवल 15–20 पुराने ट्रक या ट्रैक्टरों को ही प्रवेश से रोका गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश वाहन बीएस-6 या वैध प्रमाणपत्र वाले हैं। पार्किंग की व्यवस्था न होने से सड़क पर वाहन खड़ा करना मजबूरी ट्रक चालकों का कहना है कि वे मजबूरी में बाईपास पर गाड़ियां खड़ी करते हैं क्योंकि बॉर्डर से पहले किसी प्रकार की सरकारी या निजी पार्किंग व्यवस्था नहीं है। एक चालक ने बताया कि हमारे पास पार्किंग का कोई ठिकाना नहीं है। दिल्ली में एंट्री बंद होने के कारण दिन भर यहां खड़ा रहना पड़ता है और जब मौका मिलता है तो माल खाली करने के लिए दिल्ली की ओर बढ़ते हैं।स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि ट्रकों के लंबे समय तक खड़े रहने से सड़क किनारे गंदगी, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। वहीं वाहन चालकों के अस्थायी ठहराव से रात के समय सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी पैदा होती हैं। सड़क हादसों की भी संभावना बढ़ गई है।
एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।
भास्कर न्यूज | रेवाड़ी रेवाड़ी- नारनौल- जैसलमेर एनएच-11 पर पीथड़ावास गांव में एक लग्न समारोह के दौरान बधराना निवासी 30 वर्षीय इंद्रजीत की हत्या करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रामपुरा थाना पुलिस व सीआईए ने आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों की पहचान मनेठी निवासी तरुण उर्फ मोनी और जड़थल निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू के रूप में हुई है। डीएसपी पवन कुमार ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए वारदात का खुलाया किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। उनसे हत्या में इस्तेमाल हथियार, खोल और वाहन बरामद करने के लिए पूछताछ की जाएगी। पुलिस को 31 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे सूचना मिली थी कि पीथड़ावास गांव में लगन समारोह में झगड़ा हुआ है। पुलिस टीम और सीआईए मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने घर की छत पर बैठकर शराब पी थी। नशे में होने के कारण उनका बधराना निवासी इंद्रजीत से किसी बात को लेकर छोटा-मोटा झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू ने इंद्रजीत से पूछा कि “आप कौन हो?” और तुरंत उसकी छाती व गले के पास सीधी गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल इंद्रजीत को तुरंत ट्रॉमा सेंटर भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अगले दिन डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा इंद्रजीत का पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। आरोपियों से पूछताछ जारी : डीएसपी ^डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांंड पर लिया गया है। पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों के पास यह हथियार कहां से आया।
एक कॉलेज छात्रा के साथ होटल में सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
गुरुग्राम के लक्ष्मण विहार इलाके में स्थित एक छोटे एलपीजी सिलेंडर रिफिलिंग शॉप में रविवार देर शाम को अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटों ने देखते-देखते पूरे दुकान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई छोटे सिलेंडरों में जोरदार ब्लास्ट हुए। धमाकों की आवाज दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। हादसे में एक व्यक्ति झुलस गया है। हालांकि उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। दुकान में रखे कई छोटे एलपीजी सिलेंडर आग की चपेट में आने से फटने लगे। ब्लास्ट इतने तेज थे कि दुकान की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। आग ने दुकान को पूरी तरह जलाकर राख कर दिया। बाहर खड़ी दो मोटरसाइकिलें भी आग की लपटों में झुलस गईं, साथ ही दुकान के आसपास रखा अन्य सामान जैसे प्लास्टिक कंटेनर, पाइप और उपकरण भी जलकर खाक हो गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। एक घंटे में बुझाई आग फायर अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। उन्होंने कहा कि आग का मुख्य कारण गैस लीकेज प्रतीत हो रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। समय रहते बाहर निकले दुकानदार दुकान मालिक और कर्मचारी समय रहते बाहर निकल आए, जबकि आसपास के लोग भी सुरक्षित रहे। ब्लास्ट की आवाज सुनकर सभी घबराकर दुकानों से बाहर निकले। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धमाके इतने जोरदार थे कि दूर तक आवाज गई।
एमडीयू की महिला सफाई कर्मचारियों के अंतर्वस्त्र जांच मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धारा जोड़ दी है। मामले की जांच डीएसपी रवि खुंडिया के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है।
चंडीगढ़ में दो लोगों ने अलग-अलग जगह पर सुसाइड किया है। एक मृतका की पहचान लॉ स्टूडेंट के रूप में हुई। मृतका ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें हरियाणा के मेवात निवासी वसीम को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। जबकि 55 साल के ड्राइवर ने घर में फंदा लगाया है। पुलिस ने दोनों शव माॅर्चरी में रखवा दिए हैं। मामले की पड़ताल की जा रही है। पांच छह लाख रुपए खा गया , फीस नहीं भरी लॉ स्टूडेंट की पहचान माही पठान उर्फ बेबी के रूप में हुई। उसने खुड्डा अलिशेर में अपने घर पर फंदा लगाया। सुसाइड नोट में उसने लिखा उसकी मुलाकात साल 2025 में इंस्टाग्राम पर वसीम नाम के युवक से हुई। दोनों में दोस्ती आगे बढ़ी। लड़के से उसने शादी की बात की थी। लड़का उसके पांच-छह लाख का फ्रॉड किया। लेकिन वह भी फिर कुछ नहीं बोली। अब उसका मतलब निकल गया, उसने मुझे यूज कर छोड़ दिया। मैंने उसे अपनी कॉलेज की फीस तक दी, जिसे मैं भर नहीं पा रही हूं। मेरा पूरा फ्यूचर खराब हो गया है। मैं डिप्रेशन में हूं। उसने मुझे मां-बाप की गालियां दीं और मुझे छोड़कर चला गया है। अब इंसाफ दिलाया जाए। उसमें लड़के का एड्रेस लिखा हुआ है। घर में ही फंदा लगाकर किया सुसाइड चंडीगढ़ के सेक्टर-24 निवासी 55 वर्षीय विक्रम अपने परिवार सहित रहता था। मोहाली स्थित प्राइवेट ड्राइवर की जॉब करता था। उसकी पत्नी पंजाब सचिवालय में काम करती है। रविवार सुबह परिवार वालों ने देखा कि विक्रम अलग कमरे में फंदा लगाए हुए है, तो घर में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। इसके बाद उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असली मौत के कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस के मुताबिक, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।