हरियाणा में भाजपा मंडल अध्यक्ष गिरफ्तार: सरंपच को जातिसूचक शब्द कहने और मारपीट के आरोप, केस दर्ज
मामले में आरोपी ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई हुई थी मगर वह निरस्त हो गई थी। उसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।
मामले में आरोपी ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई हुई थी मगर वह निरस्त हो गई थी। उसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।
करनाल में बाइक से घर से निकले दो युवकों को मोतिया गांव के पास तेज स्पीड में आई कार ने सामने से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर पीछे बैठा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन व ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए, जहां हालत बिगड़ने पर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। कई दिनों तक इलाज चलता रहा, लेकिन शनिवार रात को इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। वहीं हादसे के बाद से आरोपी कार चालक मौके पर गाड़ी छोड़कर फरार हो था। जिसे पुलिस तलाश कर रही है। आज पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। वहीं पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्जकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा। तेज रफ्तार कार ने बाइक को उड़ाया, युवक सड़क पर गिरा गांव दादुपुर निवासी राजकुमार ने पुलिस को बताया कि वह अपने भांजे शुभम निवासी प्रेमखेड़ा के साथ बाइक पर दादूपुर से प्रेमखेड़ा जा रहा था। पीछे उसका भाई संजय भी दूसरी बाइक पर आ रहा था। जैसे ही वे गांव मोतिया के पास पहुंचे, गांव जलाला वीरा की तरफ से आई ब्रेजा कार चालक ने गफलत व लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए सीधी टक्कर मार दी। राजकुमार सड़क किनारे कच्चे में गिर गया, जबकि शुभम उछलकर कार में लगा और फिर सड़क पर सिर के बल गिरा। हादसे के बाद ग्रामीण इकट्ठे होते देख कार चालक मौके से पैदल ही भाग गया। इलाज के लिए तीन अस्पतालों में भटकना पड़ा घटना के बाद राजकुमार व संजय ने राहगीरों की मदद से शुभम को प्राइवेट वाहन में पहले कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भेजा, वहां से विर्क अस्पताल और उसके बाद अमृतधारा हॉस्पिटल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इसी दौरान शुभम की चोटें गंभीर होने के कारण शनिवार देर रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दर्ज किया केस, फरार आरोपी की तलाश घटना की सूचना पर तरावड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। एक्सीडेंट के दोनों वाहन जब्त किए गए। शुभम की मौत की जानकारी मिलने पर एसआई कर्मबीर ने पीजीआई चंडीगढ़ में पहुंचकर परिजनों के ब्यान दर्ज किए और आरोपी कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी कार चालक की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
हरियाणा के आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले में दर्ज एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा पर कोर्ट ने सवाल उठाया।
करनाल में रात को घर लौट रहे एक युवक पर सड़क पर रोककर हमला कर दिया गया। युवक रात को मोटरसाइकिल से अपने गांव की तरफ जा रहा था। रास्ते में आगे-पीछे से दो मोटरसाइकिलों पर आए कई युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया और उस पर डंडों व गंडासियों से वार किए। हमलावरों ने युवक को खेतों की तरफ खदेड़कर घेर लिया और उसके हाथ-पैर पर कई वार किए। हमले के बाद सभी आरोपी धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। घायल को राहगीरों ने अस्पताल पहुंचा। पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने ब्यान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हमले की जगह पर घेरा, गिरने के बाद भी मारते रहे पीड़ित युवक विजय कुमार कल शाम को निसिंग अनाज मंडी से अपने गांव बालू के लिए मोटरसाइकिल से निकला था। जैसे ही वह सिंघड़ा से बालू वाली सड़क पर शेखपुरी डेरा के पास पहुंचा तो उसके आगे व पीछे दो मोटरसाइकिल और सड़क पर कुछ लड़के पहले से खड़े दिखाई दिए। जैसे ही पीड़ित वहां पहुंचा तो हमलावरों ने उसके सामने मोटरसाइकिल रोक दी और डंडों व गंडासियों के साथ हमला बोल दिया। हमले के दौरान वह जान बचाने के लिए खेतों की तरफ भागा, लेकिन खेतों में उसे पकड़ लिया गया। वहां अमन, जश्न, सौरब, करण व दो अन्य लड़कों ने उसे घेर लिया। हाथों में थी गंडासी शिकायतकर्ता ने बताया कि अमन ने हाथ में ली गंडासी से पहले उसके बाएं हाथ पर वार किया और फिर उसके पैर की एड़ी पर गंडासी मारी। जश्न ने उसके दाहिने और बाएं पैर पर गंडासी से वार किए। सौरब, करण और दो अन्य लड़कों ने डंडों से पीटा। लगातार वारों से वह खेत में गिर गया, लेकिन हमलावर तब भी नहीं रुके। सभी ने धमकाया कि अगर दोबारा सामने आया तो जान से मार देंगे। इसके बाद सभी आरोपी अपनी मोटरसाइकिलों से निसिंग की तरफ फरार हो गए। हमले के बाद पीड़ित ने अपने भाई संदीप को फोन किया। थोड़ी देर में उसका ताऊ का लड़का संदीप और पिता मौके पर पहुंचे और उसे सरकारी अस्पताल निसिंग में भर्ती कराया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर उसे घर भेज दिया। अगले दिन दर्द बढ़ा, अस्पताल पहुंचा तो पुलिस ने एफआई दर्ज की कल देर रात को पीड़ित को बाएं हाथ में तेज दर्द होने लगा। इस पर वह परिवार के साथ सरकारी अस्पताल निसिंग पहुंचा। पुलिस को सूचना दी गई और एसआई अजय सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां पीड़ित का बयान दर्ज किया गया। उसका कहना है कि उसे उन युवकों से जान का खतरा है। जांच अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया, योजना का लाभ लेने के लिए जिन महिलाओं ने डाटा भरा है, उससे हरियाणा के डाटा संग्रह में भी कई जानकारियां अपडेट हुई हैं।
हिसार के हांसी शहर में शनिवार रात फव्वारा चौक के पास एक बाइक और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में नेशनल कबड्डी खिलाड़ी दिनेश, निवासी शिकारपुर (हिसार) गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, दिनेश अपने साथी के साथ बाइक पर सवार होकर हांसी बस स्टैंड की ओर आ रहा था। जैसे ही वह फव्वारा चौक और बीएसएनएल एक्सचेंज के पास स्थित श्री श्याम इनवर्टर बैटरी की दुकान के सामने पहुंचा, उसी समय एक कार मॉडल टाउन की तरफ मुड़ने लगी। कार से बचने का मौका न मिल पाने के कारण बाइक सीधा गाड़ी से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दिनेश और उसका साथी सड़क पर जा गिरे। हादसे में दिनेश के पैर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उसका साथी भी घायल हो गया। सदर थाना प्रभारी ने निभाया मानवता का फर्ज संयोग से उसी समय सदर थाना प्रभारी सुमेर सिंह अपने वाहन से दिल्ली की ओर जा रहे थे। हादसा देखते ही उन्होंने अपनी गाड़ी मौके पर रोकी और बिना देर किए घायल खिलाड़ी की मदद में जुट गए। थाना प्रभारी ने तुरंत घायल को हिम्मत दी और स्वयं डायल 112 को मौके पर बुलाया। घायल दिनेश के साथी ने बताया कि दिनेश नेशनल स्तर पर कबड्डी प्लेयर है। कुछ ही देर में एम्बुलेंस पहुंची, जिसमें थाना प्रभारी की मौजूदगी में घायल दिनेश को निजी अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने मौके पर जिस तरह तत्परता और संवेदनशीलता दिखाई, वह मानवता की सच्ची मिसाल है। घायल खिलाड़ी दिनेश को हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हरियाणा के विभिन्न शहरों में वायू प्रदूषण के कारण शनिवार को सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो पाए।
हरियाणा में हिसार के रहने वाले पवन सिंधु अरुणाचल प्रदेश में शहीद हो गए। पेट्रोलिंग के दौरान वह पहाड़ी से गिर गए थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कल पवन सिंधु का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव खांडा खेड़ी आएगा। यहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद पवन सिंधु 13 राजपूताना राइफल में तैनात थे। उनकी अरुणाचल प्रदेश में चीन बॉर्डर के पास बड़ा रूपक क्षेत्र में ड्यूटी थी। पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने उनकी शहादत पर शोक व्यक्त किया है। 13 दिन से ऊंची पहाड़ी पर पेट्रोलिंग पर थे पवन सिंधु की यूनिट को 13 दिनों की पेट्रोलिंग के लिए ऊंची पहाड़ी पर भेजा गया था। शुक्रवार (31 अक्टूबर) को पेट्रोलिंग के आखिरी दिन वह पहाड़ी के किनारे खड़े थे, तभी अचानक पैर फिसलने से नीचे जा गिरे। साथी जवानों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें ऊपर निकाला। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार शनिवार को उनका पोस्टमॉर्टम कराया गया। रविवार दोपहर को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगा। इसके बाद सेना की टीम पार्थिव शरीर को गांव खांडा खेड़ी लेकर आएगी। शाम 4 बजे उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। 2006 में सेना में भर्ती हुए, 2 बेटों के पिता पवन सिंधु 2003 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। 2006 में उनकी शादी झमोला गांव निवासी रितु के साथ हुई थी। उनके 2 बेटे सौम्य (17) और विनय (16) हैं, जो जुलाना के एक प्राइवेट स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र हैं।
मनीषा मौत मामले की जांच में जुटी सीबीआई टीम भले ही दिल्ली लौट चुकी है लेकिन जिस खेत में मनीषा का शव मिला था वह अब भी टेपिंग से सील कर सुरक्षित रखा गया है।
भारत के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू राज्यों के 16 युवकों के परिजन ने केंद्र सरकार से उन्हें रूस से सुरक्षित वापस लाने की अपील की है। इन युवकों को 2024 में वैध स्टडी वीजा पर रूस भेजा गया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि एजेंटों ने उन्हें धोखे से युद्ध क्षेत्र में धकेल दिया है, जिससे उनकी जान को खतरा है। इन 16 युवकों में हरियाणा (हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, जींद), पंजाब, राजस्थान और जम्मू के युवा शामिल हैं। इसमें हिसार के एक युवक की मौत भी हो चुकी है। परिजनों के अनुसार, रूस पहुंचने के बाद एजेंटों ने इन युवकों को सेना प्रशिक्षण लेने और युद्ध में तैनात होने के लिए मजबूर किया। अब अधिकांश परिवारों का अपने बच्चों से संपर्क टूट गया है। इन में हरियाणा के हिसार के सोनू (मदनहेड़ी) और अमन, फतेहाबाद के विजय सिंह और अंकित, रोहतक के संदीप, जींद के अनूप कुमार, जयपुर के मनोज सिंह शेखावत, बीकानेर के अजय कुमार, सीकर के संदीप सुंडा, डीडवाना के महावीर प्रसाद, कुचामन के सुरेंद्र दहिया, जम्मू के सचिन खजूरिया और सुमीत शर्मा जैसे नाम शामिल हैं। दुखद है कि मदनहेड़ी के सोनू की मौत हो चुकी है। शिक्षा के बहाने ले गए और जबर्दस्ती सेना में भर्ती किया परिवारों का कहना है कि उनके बच्चे सैनिक नहीं, बल्कि निर्दोष छात्र हैं जो शिक्षा के लिए विदेश गए थे। उन्हें आशंका है कि इन युवकों को युद्ध में ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। परिजनों ने भारत सरकार से राजनयिक हस्तक्षेप कर सभी युवकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है। जंतर मंतर पर धरना देंगे युवकों के परिजन इस मामले में प्रभावित परिवारों ने 3 नवंबर को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर धरना देने की घोषणा की है। उन्हें इसकी अनुमति मिल चुकी है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।