रोहतक पुलिस मुठभेड़ में चार आरोपी काबू: जेल में बंद नरेश के माध्यम से मिला था टारगेट, पूछताछ में अहम खुलासे
रोहतक में पुलिस मुठभेड़ के बाद काबू किए गए चार आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है।
रोहतक में पुलिस मुठभेड़ के बाद काबू किए गए चार आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है।
हरियाणा के नूंह जिले के पुन्हाना सदर थाना क्षेत्र के गांव लुहिंगाकलां में पानी की पाइपलाइन तोड़ने को लेकर हुआ विवाद ने अब खूनी रूप ले चुका है। बीते 25 अक्टूबर को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक जाहुल पुत्र लियाकत (38) की इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई साबिर पुत्र सुबराती की शिकायत पर 3 दिन बाद 14 लोगों के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस झगड़े में मृतक के पिता की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। जिसका इलाज नलहड़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। आरोपियों ने तोड़ी पाइपलाइन शिकायतकर्ता साबिर के अनुसार, 25 अक्टूबर की सुबह वह अपने भाई सिराज और पिता सुबराती के साथ खेत में पाइपलाइन से पानी चला रहे थे। इसी दौरान आरोपी अरबाज पुत्र असरफ ट्रैक्टर लेकर आया और जानबूझकर पाइपलाइन तोड़ दी। विरोध करने पर अरबाज ने धमकी दी और अपने परिजनों को बुला लिया। देखते ही देखते गांव के असरफ, आजाद, आफताब, जन्ना, पप्पू, मुस्ताक, मजीद, परवेज, आइसा, नासरा, खतीजा, मुनफीदा और अलसीना मौके पर पहुंच गए। सभी आरोपी लाठी, डंडे, फरसा, लोहे की रॉड और हथौड़ों से लैस थे। लोहे की रॉड और हथौड़े से किया हमला उक्त लोगों ने साबिर, सिराज, सुबराती और जाहुल पर हमला कर दिया। आरोप है कि जाहुल को जमीन पर पटककर सिर और चेहरे पर लोहे की रॉड व हथौड़े से वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब आरोपी उन्हें अधमरा छोड़कर फरार हो गए। घायलों को मांडीखेड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से जाहुल को गुरुग्राम और फिर दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवक की हत्या के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने 3 दिन बाद किया केस दर्ज मृतक के चाचा ने बताया कि उन्होंने 26 अक्टूबर को पुन्हाना थाना में शिकायत दे दी थी, लेकिन पुलिस ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की,जब जाहुल की मौत हो गई तो पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हालांकि सभी आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
रत्नावली महोत्सव के आयोजन के बीच देर रात देवीलाल छात्रावास में हुई झड़प में गंडासियों का खुला खेल देखने को मिला।
हरियाणा के नूंह जिला के इंडरी खंड के गांव खेड़ली दौसा के सरपंच को एक भूमाफिया द्वारा जान से मारने की धमकी और पुलिस को झूठी शिकायत देने का मामला सामने आया है। सरपंच का आरोप है भू माफिया ने उनकी पंचायत की जमीन पर कब्ज़ा कर लिया, जिसका मामला अदालत में विचाराधीन है। सरपंच का आरोप है कि इससे पहले भी भूमाफिया इनके गांव के आसपास करीब 50 एकड़ भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर चुके है। पचास कनाल एक मरला भूमि की अधिकारियों से मिलीभगत कर अपने नाम कराया सरपंच अंतराम खटाना ने बताया कि खेड़ली दौसा में भूमाफिया का बोलबाला हो गया। गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल के नजदीक रहने वाले कुलदीप पुत्र कैलाश चंद ने जबरदस्ती पंचायत जमीन पर कब्जा कर लिया है। उनके खिलाफ शिकायत देने पर भूमाफिया द्वारा सरपंच सहित ग्राम वासियों को जान से मारने की धमकी दी है । सरपंच ने बताया कि खेड़ली दोसा गांव की पचास कनाल एक मरला भूमि अधिकारियों के साथ मिलकर उसको खुर्द करने का काम भूमाफिया ने किया है। केस को वापिस लेने के लिए बना रहे दबाव सरपंच ने बताया कि यह मामला कमिश्नर की अदालत में विचाराधीन चल रही है और इसका सिविल कोर्ट नूंह में भी केस विचाराधीन है। लेकिन इस बीच उक्त भूमाफिया ने गलत और गैर कानूनी तरीके से पंचायत के उपरोक्त रकबे को फर्जी तरीके से अपने नाम करवा लिया है और जबरन अवैध तरीके से निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा अब शिकायत देने के कारण भूमाफिया लगातार परेशान कर रहे हैं। सरपंच का आरोप है कि मेरे खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने में कोई कसर नहीं डाल रहे। मुझे हर तरह से परेशान कर रहे हैं और केस को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। ऐसा न करने पर जान से मारने की भी धमकी दी है। इस मामले को लेकर सरपंच अंतराम खटाना ने एक लिखित शिकायत एसपी नूंह को भी दी। वहीं इस मामले में पुलिस कप्तान राजेश कुमार ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
एएसआई संदीप लाठर सुसाइड केस में एसआईटी की अब तक की जांच से परिजन संतुष्ट नहीं हैं।
यमुनानगर जिले में हमीदा में एक नवविवाहिता की जहरीला पदार्थ खाने से मौत के बाद आज शुक्रवार को उसका सिविल अस्पताल यमुनानगर में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। बुधवार की रात से विवाहिता की बॉडी अस्पताल की मोर्चरी में रखी हुई है। पुलिस ने अनुसार मृतका के परिजन बिहार से आने वाले हैं, जोकि गुरुवार की शाम तक पहुंच नहीं पाए, जिस कारण आगामी कार्रवाई अभी नहीं की गई है। परिजनों के आने पर जो शिकायत उन्हें सौंपी जाएगी उसके आधार पर मामले की जांच आगे बढेगी। मंगलवार को निगला था जहर हमीदा चौकी प्रभारी शमशेर सिंह ने कहा कि मंगलवार की रात उनके पास सूचना आई थी कि हमीदा में चुलबुल नाम की महिला जिसकी अभी आठ माह पहले ही शादी हुई है ने कोई जहरीला पदार्थ पदार्थ निगल लिया है। परिजनों ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां पर उसका उपचार चल रहा था। जहर खाने के 28 घंटे बाद तोड़ा दम मौके पर पहुंच पीड़िता के बयान दर्ज किए थे, तो उसने बताया कि उससे गलती से जहरीला पदार्थ निगला गया है। विवाहिता ने करीब 28 घंटे बाद अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार की रात को दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लिया और सिविल अस्पताल यमुनानगर की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। पुलिस ने परिजनों को किया सूचित मृतका के चाचा चाची ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि विवाहित के बयान में ऐसा कुछ नहीं था। उन्होंने मृतका के बिहार निवासी माता-पिता जोकि फिलहाल दिल्ली में रह रहे हैं, उनको सूचित कर दिया है। आज गुरुवार को दोपहर तक वे आ जाएंगे। उनकी मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम होगा और जो शिकायत सौंपी जाएगी, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई होगी।
पाकिस्तान से आ रही प्रदूषित हवा से हरियाणा के शहरों में लोगों का दम घुट रहा है।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी करीब 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा मौत मामले में घटनास्थल को पिछले करीब 80 दिन से सिक्योर (कवर) किया हुआ है। पहले स्थानीय पुलिस ने कवर रखा और अब सीबीआई ने। इधर, किसान ने ग्वार की फसल की कटाई के बाद अब घटनास्थल के एरिया को छोड़कर अन्य खेत की जुताई कर दी है। ताकि अगली फसल की बिजाई की जा सके। बता दें कि जब 13 अगस्त को गांव सिंघानी के खेतों में मनीषा का शव पड़ा हुआ मिला था। उस दौरान खेत में ग्वार की फसल की बिजाई की हुई थी। हालांकि जिस स्थान पर मनीषा का शव मिला था, वह लगभग खाली पड़ा हुआ था। इसके बाद शव मिलने वाले एरिया को पुलिस ने टेप लगाकर कवर कर दिया था। अब किसान ने अन्य खेत में खड़ी ग्वार की फसल की कटाई कर ली। वहीं अगली फसल की बिजाई के लिए खेत की जुताई कर दी है। हालांकि कवर एरिया को सुरक्षित छोड़ दिया। इससे पहले सीबीआई टीम जांच के लिए दिल्ली से 3 दफा भिवानी लौट चुकी है। वहीं अब भिवानी से दिल्ली गई हुई है। फिलहाल सीबीआई की टीम मनीषा मौत मामले की जांच कर रही है। जो कई दफा घटनास्थल पर जा चुकी है। यहां तक कि घटनास्थल पर सीबीआई ने दिल्ली से स्पेशल एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलया था। 11 अगस्त को लापता हुई थी मनीषा गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी संजय ने बताया था कि उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बार वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी। जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला। इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। वहीं 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। वहीं लोगों का विरोध बढ़ गया। इसके बाद बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंप दी। 3 सितंबर को पहली बार आई थी सीबीआई CBI की जांच शुरू होने के बाद 3 सितंबर को टीम पहली बाद दिल्ली से भिवानी पहुंची थी। इसके बाद लगातार सीबीआई की टीम जांच में जुटी हुई है। इसी जांच के दौरान CBI की टीम 2 बाद दिल्ली लौट चुकी है। वहीं CBI की टीम फिर से तीसरी बार दिल्ली से भिवानी पहुंची है। CBI की टीम मनीषा मौत मामले की जांच कर रही है।
हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए नया कदम उठाया है।
सिरसा जिले के चौपटा क्षेत्र में गुरुवार शाम रुपावास और निर्बाण गांवों के बीच एक कार में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि कार में सवार चालक और उसका साथी समय रहते बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना पर दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। मिली जानकारी के अनुसार, अरनियांवाली गांव निवासी भरत सोनी और जतिन की रामपुरा ढिल्लों गांव में सुनार की दुकान है। दोनों शाम को अपनी कार (नंबर HR-05 AH-0232) से रामपुरा ढिल्लों से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में अचानक गाड़ी बंद हो गई। भरत और जतिन गाड़ी से उतरकर उसे चेक करने लगे। इसी दौरान बोनट के नीचे से धुआं उठने लगा और कुछ ही पलों में गाड़ी ने आग पकड़ ली। आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं। राहगीर निहाल सिंह और वेद प्रकाश पुनिया ने मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम और चौपटा दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। भरत सोनी ने बताया कि इस घटना में उनकी गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चालक और उसका साथी समय रहते गाड़ी से बाहर नहीं निकलते, तो कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती थी